Google Analytics Meta Pixel कही-सुनी ( 11 अक्टूबर ) : मंच के पीछे की कहानियाँ- राजनीति,प्रशासन और राजनीतिक दलों की - Ekhabri.com

कही-सुनी ( 11 अक्टूबर ) : मंच के पीछे की कहानियाँ- राजनीति,प्रशासन और राजनीतिक दलों की

हास्य रस में बुनी हुई एक हल्की -फुल्की अन्दाज में- जो राजनीति, अफसर साहब के आसपास की गलियों से होते हुए पाठकों तक पहुचीं।

रवि भोई (प्रबंध संपादक समवेत सृजन एवं स्वतंत्र पत्रकार

भाजपा राज में सदस्य और कांग्रेस राज में अध्यक्ष

सरकार किसी भी पार्टी का हो, जुगाड़ जमाने वालों को इससे कोई फर्क नहीं पड़ता। वे अपना संपर्क निकाल ही लेते हैं। छत्तीसगढ़ निजी विश्वविद्यालय विनियामक आयोग के नए अध्यक्ष डॉ. शिव वरण शुक्ल भाजपा राज में सदस्य बने और कांग्रेस राज में आयोग के अध्यक्ष की कुर्सी पर काबिज हो गए। इसे कहते हैं एप्रोच। बताया जा रहा है आरएसएस पृष्टभूमि वाले रायबरेली निवासी शिव वरण शुक्ल आयोग के अध्यक्ष बनने के लिए दिल्ली स्तर के एक कांग्रेसी नेता को पकड़ा था। उन्होंने उत्तरप्रदेश से आने वाले कांग्रेस नेता के साथ आरएसएस के लोगों से रिश्ता बनाये रखा। कहते हैं आयोग के अध्यक्ष के चयन में कांग्रेस नेता के एप्रोच से ज्यादा आरएसएस कनेक्शन काम आ गया। छत्तीसगढ़ निजी विश्वविद्यालय विनियामक आयोग के नए अध्यक्ष के लिए सरकार के पास छह लोगों के आवेदन आये थे। राज्य सरकार ने सभी छह नाम राज्यपाल को भेज दिए थे । राज्यपाल ने डॉ. शिव वरण शुक्ल के नाम पर टिक लगा दिया। चर्चा है कि संस्कृत के प्राध्यापक रहे शुक्ल जी ने छत्तीसगढ़ के राज्यपाल रहे स्व. बलरामदास जी टंडन के बारे में किताब लिखी थी। कहते हैं स्व. टंडन ने शुक्ल को आयोग का सदस्य बनवा दिया था। तीन साल का कार्यकाल पूरा होने के बाद 2018 के विधानसभा चुनाव के ठीक पहले रमन सरकार ने शुक्ल को तीन साल के लिए दोबारा सदस्य बना दिया था। अध्यक्ष का कार्यकाल खत्म होने पर प्रभारी अध्यक्ष बन गए और अब पूर्णकालिक अध्यक्ष हो गए हैं।

भूपेश के संकटमोचक चौबे

कृषि और जल संसाधन मंत्री रविंद्र चौबे को आजकल मुख्यमंत्री भूपेश बघेल का संकटमोचक कहा जाने लगा है। रविंद्र चौबे के पास कृषि विभाग है। खेती-किसानी पर वैसे ही भूपेश सरकार का जोर है और मोदी सरकार का कृषि बिल आने के बाद तो यह और भी ज्वलंत विषय हो गया है। भूपेश बघेल को अपना किसान वोट बैंक बचाने और केंद्र सरकार के कृषि बिल से मुकाबले के लिए हनुमान की आवश्यकता है। कहा जा रहा है भूपेश बघेल को रविंद्र चौबे से अच्छा अनुभवी कोई मिल नहीं सकता। मध्यप्रदेश के जमाने में दिग्विजय सिंह के मंत्रिमंडल में जब भूपेश बघेल राज्यमंत्री थे, तब रविंद्र चौबे कैबिनेट मंत्री थे और छत्तीसगढ़ में नेता प्रतिपक्ष भी रह चुके हैं। भूपेश कैबिनेट में डॉ. प्रेमसाय सिंह टेकाम और रविंद्र चौबे को छोड़कर सभी पहली बार कैबिनेट मंत्री बने हैं। ऐसे में अनुभव के नजरिए से देखें तो रविंद्र चौबे काफी बाल पका चुके हैं। चौबे जी, भूपेश सरकार के प्रवक्ता भी है। वैसे तो मोहम्मद अकबर भी प्रवक्ता हैं, लेकिन आजकल हर कार्यक्रम में रविंद्र चौबे मुख्यमंत्री के साथ दिखते हैं , चाहे वह उनके विभाग से संबंधित हो या न हो। चर्चा है कि सरकार और राजभवन की दूरियां खत्म करने की पहल से रविंद्र चौबे के विभागों के बिल राजभवन से बाहर आ गए , पर उमेश पटेल के विभाग के बिल लटके हुए हैं।

Read Also  जिला अस्पताल के पास डॉक्टर क्वार्टर में लगी आग

रुद्रकुमार गुरु पर नकेल की कोशिश ?

भूपेश सरकार ने लोक स्वास्थ्य यांत्रिकी विभाग ( पीएचई) के सचिव को बदलकर क्या इस विभाग के मंत्री रुद्रकुमार गुरु का कद घटा दिया है या उन पर नकेल कसने का काम किया है, यह सवाल लोगों के जेहन में उठ रहा है ? वैसे पीएचई कोई बहुत बड़ा विभाग नहीं है, लेकिन गांवों में घर-घर पानी पहुंचाने की बड़ी जिम्मेदारी विभाग को मिली है। यह करीब 15 हजार करोड़ का प्रोजेक्ट है। इसके लिए 45 फीसदी राशि केंद्र सरकार देगी। शेष 55 फीसदी में 45 फीसदी राज्य और 10 फीसदी राशि पंचायतें देंगी। अब तक अविनाश चंपावत पीएचई के सचिव थे। चंपावत की जगह सिद्धार्थ कोमल परदेशी को पीएचई की जिम्मेदारी दे दी गई है। परदेशी मुख्यमंत्री के सचिव हैं और उनके पास लोक निर्माण विभाग है। कहते हैं मुख्यमंत्री सचिवालय से जुड़े अफसर का किसी विभाग का सचिव होने का मतलब वह विभाग मुख्यमंत्री के राडार में आ जाता है । ऐसे में मुख्यमंत्री के सचिवालय से जुड़े अफसर से मंत्री रुद्रकुमार गुरु कैसे और कितना काम ले पाते हैं, यह देखना होगा ? पौने दो साल में परदेशी पीएचई के पांचवें सचिव हैं।

क्यों बुरे फंसे शिव डहरिया

मनुष्य के जीवन में मित्र को रिश्तेदारों से भी करीबी माना जाता है और अगर मित्र ही आपका नुकसान पहुंचाने की मंशा रखता हो तो वो दुश्मन से भी ज्यादा खतरनाक हो जाता है। ऐसा ही कुछ पिछले दिनों नगरीय प्रशासन मंत्री डॉ. शिवकुमार डहरिया के साथ हादसा हो गया और वे होम कराते हाथ जला बैठे। डॉ. डहरिया हाथरस कांड पर कांग्रेस की रणनीति और कदम पर पत्रकारों से बात करने के लिए प्रदेश कांग्रेस कार्यालय गए थे। पत्रकारों ने मंत्री जी से राज्य के बलरामपुर में घटित घटना पर भी सवाल-जवाब कर दिया, पर मंत्री जी छत्तीसगढ़ की घटना को छोटी और उत्तरप्रदेश की घटना को बड़ी कहकर बुरे फंस गए। कहते हैं मंत्री जी इस मामले में चुप्पी बनाये हुए थे, लेकिन उनके बगल में बैठे एक कांग्रेसी मित्र ने उन्हें छोटी-बड़ी की अक्ल दे दी और जो करने गए थे उसका तो प्रचार नहीं हुआ, लेकिन जो नहीं करने गए थे, उस मामले में वे राष्ट्रीय स्तर पर निशाने पर आ गए।

Read Also  विस्तारा विमान का शीशा टूटा, 169 यात्रियों की अटकी सांसें

सोनमणि बोरा से श्रम विभाग लेने के मायने

कहा जा रहा है मरवाही नगर पंचायत गठन समेत कई मुद्दों पर राजभवन और सरकार में तनातनी की गाज आईएएस सोनमणि बोरा पर गिर गई। सोनमणि भारत सरकार में प्रतिनियुक्ति पर जा रहे हैं। इस महीने या अगले महीने तक उनकी पोस्टिंग का आदेश आ जाने की संभावना है। ऐसे में सरकार को सोनमणि की जगह नए अफसर को जिम्मेदारी देनी ही पड़ेगी, लेकिन केंद्र में जाने से कुछ समय पहले श्रम विभाग से उन्हें हटाना और संसदीय कार्य विभाग में पदस्थ कर राज्यपाल के सचिव का प्रभार अतिरिक्त रूप से सौंपने में गणित नजर आता है। इसे सरकार की नाराजगी के तौर पर भी देखा जा रहा है। श्रम सचिव के नाते कोविड -19 से प्रभावित श्रमिकों को दूसरे राज्यों में लाने और भेजने की व्यवस्था के लिए सोनमणि नोडल अधिकारी बनाये गए थे। छत्तीसगढ़ की व्यवस्था को मजदूरों और आम लोगों ने सराहा था। भाजपा राज में भी सुनील कुजूर को सरकार की नाराजगी झेलनी पड़ी थी। सरकार ने राजभवन के कार्यक्रम का इंतजार किये बिना उन्हें राज्यपाल के सचिव पद से हटा दिया था। कहा जाता है राज्यपाल के सचिव राजभवन और सरकार के बीच सेतु का काम करते हैं। कहीं उच्च-नीच होने पर नाराजगी का शिकार सचिव को ही होना पड़ता है।

आँखों के तारे अंबलगन

2004 बैच के आईएएस अंबलगन पी. खनिज विभाग के सचिव हैं। छत्तीसगढ़ में माइनिंग को काफी महत्वपूर्ण विभाग कहा जाता है। अंबलगन के परफॉर्मेंस को देखकर सरकार आईएएस अफसरों के हेरफेर में कुछ न कुछ अतिरिक्त जिम्मेदारी उन्हें सौंप ही देती है। एक बार उन्हें पर्यटन और संस्कृति की अतिरिक्त जिम्मेदारी मिली, फिर धार्मिक और धर्मस्व दे दिया गया। अब उनके खाते में श्रम विभाग भी आ गया है। साफ़ है कि सरकार अंबलगन पी. पर दूसरों के मुकाबले ज्यादा भरोसा कर रही है। कहते हैं आजकल 2004 बैच के एक आईएएस अफसर मुख्यमंत्री के काफी करीबी हैं। इस कारण 2004 बैच के अफसरों के बल्ले -बल्ले हैं। कुछ को छोड़कर सभी महत्वपूर्ण पदों पर तैनात हैं।

Read Also  विष्णुदेव साय आज दिल्ली में पीएम मोदी के सामने पेश करेंगे छत्तीसगढ़ का विजन डॉक्यूमेंट

एसपी साहब का कमाल और धमाल

आमतौर पर पुलिस के बड़े अधिकारी अपराधों को नियंत्रित करने या किसी अपराधी के खात्मे के चलते सुर्ख़ियों में आ जाते हैं, पर छत्तीसगढ़ के पुलिस अधिकारी महीना-हफ्ता के लिए चर्चित हो रहे हैं। कहते हैं काला हीरा उगलने वाले एक जिले के पुलिस अधीक्षक का एक ही टारगेट है वसूली। चर्चा है कि कबाड़ी, रेत, कोयला का धंधा करने वालों से लेकर जुआ- सट्टा चलाने वाले किसी को बख्श नहीं रहे हैं।कहते है साहब का बंगला और आफिस अगल-बगल ही है। आफिस के चैंबर की चाबी साहब ही रखते हैं और रात में भी कोई दानदाता आता है तो साहब अकेले में उससे मिल लेते हैं। कहा जाता है करीब डेढ़ दशक पहले इसी जिले के एक एसपी साहब अपनी जेब भरने के लिए मशहूर हुए थे, पर नए साहब तो उनका भी रिकार्ड तोड़ने लगे हैं। समय के साथ सब कुछ बदल जाता है। टारगेट में बदलाव भी स्वभाविक है।

कलेक्टर से खफा व्यापारी

आमतौर पर देखने- सुनने को मिलता है कि कुछ जिलों के प्रशासनिक अधिकारी ऐसा काम कर जाते हैं या ऐसी छवि बना जाते हैं कि जनता उनकी विदाई नहीं चाहते, पर गरियाबंद के कलेक्टर छतर सिंह डेहरे से व्यापारी तबका बड़ा खफा बताया जाता है। व्यापारियों का कहना है कि कलेक्टर साहब के आदेश से जिले का व्यापार प्रभावित और उन्हें नुकसान हो रहा है। इसी साल 26 मई को ही कलेक्टरी का कमान संभालने वाले डेहरे साहब इसी महीने रिटायर होने वाले हैं। प्रमोटी आईएएस डेहरे का यह पहला जिला है और शायद अंतिम भी होगा। लगता है सेवा के आखिरी दौर में कलेक्टर साहब मानकर चल रहे हैं कि किसी के खुश और नाराज होने से क्या फर्क पड़ने वाला है , इसलिए बिंदास काम करो।

(डिस्क्लेमर – हमने लेखक के मूल लेख में कोई भी बदलाव नही किया है। प्रकाशित पोस्ट लेखक के मूल स्वरूप में है।)

Share The News




CLICK BELOW to get latest news on Whatsapp or Telegram.

 


 ‘विष्णु भैया’ का घर बना बहनों का मायका, तीजा-पोरा में उमड़ा उल्लास

By Reporter 5 / September 13, 2026 / 0 Comments
रायपुर। नवा रायपुर स्थित मुख्यमंत्री निवास शनिवार को तीजा-पोरा तिहार के अवसर पर छत्तीसगढ़ की समृद्ध लोकसंस्कृति, पारिवारिक आत्मीयता और मातृशक्ति के उल्लास का केंद्र बना रहा। प्रदेश के अलग-अलग अंचलों से बड़ी संख्या में माताएं, बहनें और बेटियां मुख्यमंत्री...

श्रवण यंत्र मिलते ही लौटी प्रमिला की सुनने की क्षमता, सपनों को मिले पंख

By User 6 / September 16, 2026 / 0 Comments
रायपुर। आधुनिक तकनीक और समय पर मिली सरकारी मदद किसी व्यक्ति के जीवन में कितना बड़ा बदलाव ला सकती है, नारायणपुर जिले की कक्षा 8वीं की छात्रा प्रमिला इसकी मिसाल बन गई है। श्रवण बाधिता के कारण लंबे समय से...

भोरमदेव शक्कर कारखाने ने रचा इतिहास, लगातार दो साल देश में सबसे ज्यादा रिकवरी

By User 6 / September 14, 2026 / 0 Comments
रायपुर/कवर्धा । छत्तीसगढ़ के कवर्धा स्थित भोरमदेव सहकारी शक्कर कारखाना ने लगातार दो वर्षों तक देश में सर्वाधिक शुगर रिकवरी हासिल कर बड़ी उपलब्धि दर्ज की है। इस उपलब्धि के साथ कारखाने को वर्ष 2024-25 और 2025-26 के लिए राष्ट्रीय...

नुआखाई पर मुख्यमंत्री साय ने किसानों की सुख-समृद्धि की कामना की

By User 6 / September 15, 2026 / 0 Comments
रायपुर। मुख्यमंत्री विष्णु देव साय ने नई फसल के स्वागत और प्रकृति के प्रति कृतज्ञता व्यक्त करने वाले पावन पर्व नुआखाई के अवसर पर प्रदेशवासियों को हार्दिक बधाई एवं शुभकामनाएं दी हैं। उन्होंने इस अवसर पर अन्नदाता किसानों की सुख-समृद्धि,...

तीजा और गणेश चतुर्थी का शुभ संयोग, जानिए शुभ समय

By User 6 / September 13, 2026 / 0 Comments
रायपुर. 14 सितंबर सोमवार को श्री गणेश चतुर्थी और तीज व्रत दोनों ही रखा जाएगा है। चतुर्थी तिथि का प्रारंभ 14 सितंबर को प्रातः काल 7 बजकर 6 मिनट पर होगा और 15 सितंबर को प्रातः काल 7 बजकर 44...

मुंबई में BOCW का राष्ट्रीय सम्मेलन शुरू, निर्माण श्रमिकों की सुरक्षा पर मंथन

By User 6 / September 12, 2026 / 0 Comments
रायपुर। भवन एवं अन्य संनिर्माण कर्मकारों (BOCW) के कल्याण, सामाजिक सुरक्षा और श्रमिक हितों को मजबूत बनाने के उद्देश्य से मुंबई में दो दिवसीय राष्ट्रीय सम्मेलन का शुभारंभ हुआ। 11 और 12 सितंबर 2026 को आयोजित इस सम्मेलन में देशभर...

अभियंता दिवस पर पीडब्ल्यूडी चौक में विश्वेश्वरैया को किया जाएगा नमन

By User 6 / September 13, 2026 / 0 Comments
रायपुर। भारत रत्न महान अभियंता डॉ. मोक्षगुंडम विश्वेश्वरैया की जयंती के अवसर पर 15 सितंबर 2026, मंगलवार को अभियंता दिवस मनाया जाएगा। इस अवसर पर राजधानी रायपुर में उनके सम्मान में पुष्पांजलि कार्यक्रम आयोजित किया जाएगा।   रायपुर नगर पालिक...

नशा तस्करी के पूरे नेटवर्क को तोड़ें, विजय शर्मा ने दिए सख्त निर्देश

By User 6 / September 13, 2026 / 0 Comments
रायपुर, 13 सितंबर 2026। छत्तीसगढ़ में नशीली दवाओं और मादक पदार्थों के अवैध कारोबार के खिलाफ पुलिस कार्रवाई को और प्रभावी बनाने पर जोर दिया जा रहा है। इसी कड़ी में कबीरधाम जिले के कवर्धा स्थित स्वामी आत्मानंद उत्कृष्ट विद्यालय...

घोलेंग में हुनर को नई उड़ान, टेक्सटाइल प्रशिक्षण से रोजगार के अवसर बढ़े

By User 6 / September 14, 2026 / 0 Comments
रायपुर। कभी घर-आंगन और गांव की परंपराओं तक सीमित रहने वाला हुनर अब रोजगार और आत्मनिर्भरता की नई राह तैयार कर रहा है। जशपुर जिले के ग्राम घोलेंग में पारंपरिक हस्तकरघा कला को आधुनिक तकनीक, कौशल प्रशिक्षण और बाजार की...

आईसीएफएआई विश्वविद्यालय के दीक्षांत समारोह में राज्यपाल डेका ने दिया सफलता का मंत्र

By User 6 / September 12, 2026 / 0 Comments
डिजिटल एडिक्शन आज किसी भी अन्य एडिक्शन से अधिक खतरनाक हो गया है। विद्यार्थियों को तकनीक का सदुपयोग करते हुए इसके दुष्प्रभावों से बचना चाहिए। यह बात राज्यपाल रमेन डेका ने आईसीएफएआई विश्वविद्यालय के तृतीय दीक्षांत समारोह में विद्यार्थियों को...

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *