महिला क्रिकेट की महानतम खिलाड़ियों में से एक मिताली राज ने बुधवार को अंतरराष्ट्रीय क्रिकेट के सभी प्रारूपों से संन्यास लेने की घोषण्ाा की। इस दिग्गज बल्लेबाज ने अपने अंतरराष्ट्रीय करियर के दौरान महिला क्रिकेट को लोकप्रिय बनाने में अहम भूमिका निभाई।
मिताली ने 23 वर्ष अंतरराष्ट्रीय क्रिकेट खेला और इतने लंबे करियर के मामले में वह 24 साल तक अंतरराष्ट्रीय क्रिकेट खेलने वाले सचिन तेंदुलकर को टक्कर देती हैं। मिताली ने 2019 में टी-20 अंतरराष्ट्रीय प्रारूप को अलविदा कहा था। मार्च में वनडे अंतरराष्ट्रीय विश्व कप में भारत का अभियान खत्म होने के बाद उनके संन्यास लेने की उम्मीद की जा रही थी। वह इस प्रतिष्ठित आइसीसी टूर्नामेंट में भारत की कप्तान थीं।
राजस्थान की मिताली ने 1999 में भारत के लिए पदार्पण्ा किया था। मिताली ने छह वनडे अंतरराष्ट्रीय विश्व कप में भारत का प्रतिनिधित्व किया और उनके नाम लगातार सात अर्धश्ातक जड़ने का रिकार्ड भी है। वह भारत की एकमात्र कप्तान (महिला या पुरुष) हैं जिनकी अगुआई में भारत दो बार विश्व कप फाइनल (2005 और 2017) में खेला।
मिताली ने अपने करियर में खराब दौर भी देखा। मुख्य कोच रमेश्ा पवार से 2018 टी-20 विश्व कप के बाद उनके मतभेद सार्वजनिक हुए। उन्हें सेमीफाइनल में टीम से बाहर कर दिया गया था।
हरमनप्रीत बनीं कप्तान : मिताली के संन्यास की घोषण्ाा के बाद हरमनप्रीत कौर को श्रीलंका के दौरे के लिए महिला वनडे टीम का कप्तान बनाया गया। वह पहले से ही टी-20 टीम की कप्तान हैं। वहीं, स्मृति मंधाना टी-20 के साथ वनडे की भी उप-कप्तान होंगी। दोनों देश्ाों के बीच टी-20 सीरीज 23 जून से जबकि वनडे सीरीज एक जुलाई से श्ाुरू होगी।










