भारत ने समंदर में मर्चेंटशिप एमवी रूएन को समुद्री लुटेरों से छुड़ाकर अपने बढ़ते प्रभाव का एक और उदाहरण पेश किया है। 2600 किलोमीटर दूर से मरीन कमांडो ने 35 समुद्री लुटेरों से सरेंडर करवाया और शिप पर मौजूद चालक दल के 17 सदस्यों को सुरक्षित बाहर निकाल लिया। सेना के इस कारनामे की तारीफ चारों तरफ हो रही है और विदेशी एक्सपर्ट भी भारत की ताकत का लोहा मान रहे हैं।
भारतीय नौसेना और इंडियन एयरफोर्स ने मिलकर इस ऑपरेशन को पूरा किया। अब फिलीपींस के एक्सपर्ट ने चीन को बताया कि समंदर का असली बॉस भारत है। समुद्र में चीन का कई देशों से विवाद है, दक्षिण चीन सागर में भी वह अपना हक जमाता है। इसे लेकर फिलीपींस समेत कई देशों से उसका विवाद है। फिलीपींस के मैरीटाइम सिक्योरिटी एक्पर्ट कॉलिन को ने भारत की तारीफ कर चीन को भी इशारों में चिढ़ाया है। कॉलिन को ने कहा कि भारत का यह ऑपरेशन उनको मात देता है जो झूठे प्रचार-प्रसार के लिए आकर्षक वीडियो पब्लिश करना पसंद करते हैं।
गौर हो कि 14 दिसंबर, 2023 को मर्चेंट शिप को समंदर में समुद्री डाकुओं ने हाईजैक कर लिया था। इस पर 17 दल अधिक दल बुल्गारिया, म्यांमार और अंगोला से थे। आईएनएस कोलकाता ने 40 घंटे से भी ज्यादा समय तक चले ऑपरेशन में एमवी रूएन को छुड़ा लिया। मिशन में वॉरशिप आईएनएस सुभद्रा, मैरीटाइम पेट्रोल एयरक्राफ्ट P-8I, हाई एल्टीट्यूड लॉन्ग एंड्योरेंस ड्रोन को भी शामिल किया गया था। इसके अलावा, वायुसेना के एयरक्राफ्ट C-17 से इंडियन नेवी के समुद्री कमांडो भेजे गए थे. 10 घंटे तक यह विमान उड़ता रहा। इस दौरान, समुद्री कमांडो ने एमवी रूएन पर मौजूद 35 डाकुओं को घेर लिया और उन्हें निहत्था करके सरेंडर करवाया।










