NEW DELHI. प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने आज ‘विभाजन विभीषिका स्मृति दिवस’ के अवसर पर देशवासियों को संबोधित करते हुए 1947 के भारत विभाजन की त्रासदी को याद किया। उन्होंने उन लाखों लोगों के साहस, दृढ़ संकल्प और संघर्ष को नमन किया, जिन्होंने विभाजन की भयावहता का सामना करते हुए अपने जीवन को फिर से संवारा।
प्रधानमंत्री का भावनात्मक संदेश
प्रधानमंत्री ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म एक्स पर एक भावुक पोस्ट में लिखा:
“भारत #PartitionHorrorsRemembranceDay मना रहा है, वह दिन जब लाखों लोगों को अपने घर-ज़मीन छोड़नी पड़ी, और केवल दुख व असहनीय दर्द झेलना पड़ा। यह दिन उनकी हिम्मत को, उनके असाधारण साहस को सलाम करने का है। जिन्होंने अपूरणीय क्षति के बाद जीवन को नई शुरुआत दी और असाधारण उपलब्धियाँ प्राप्त कीं। यह दिन हम सबको देश की एकता और भाईचारे को और मज़बूत करने की जिम्मेदारी भी याद दिलाता है।” उन्होंने अपने संदेश में विभाजन की मानवीय त्रासदी को ‘कभी न भूलने वाली पीड़ा’ बताया और उन लोगों की हिम्मत को सराहा, जिन्होंने सबकुछ खोने के बावजूद नई शुरुआत की और उल्लेखनीय उपलब्धियां हासिल कीं।
एकता और सौहार्द्र की अपील
प्रधानमंत्री ने देशवासियों से एकजुटता, शांति और भाईचारे का संकल्प दोहराने का आह्वान किया। उन्होंने कहा कि यह दिन न केवल अतीत की त्रासदी को याद करने का है, बल्कि यह सुनिश्चित करने का भी है कि ऐसी घटनाएं भविष्य में कभी न हों। उन्होंने सामाजिक एकता को मजबूत करने पर जोर देते हुए कहा कि यह हमारी साझा जिम्मेदारी है।
Partition Horrors Memorial Day
‘विभाजन विभीषिका स्मृति दिवस’ प्रत्येक वर्ष 14 अगस्त को मनाया जाता है, ताकि 1947 के भारत-पाकिस्तान विभाजन के दौरान प्रभावित लाखों परिवारों की पीड़ा, बलिदान और संघर्ष को याद किया जाए। इस दौरान लाखों लोगों को अपने घर, जमीन और अपनों को खोना पड़ा था, और असंख्य परिवार विस्थापित हुए थे। यह दिन न केवल उनके दुख को स्मरण करने का अवसर है, बल्कि उनके साहस और पुनर्वास की कहानियों को सम्मान देने का भी मौका देता है।
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