गुजरात के अहमदाबाद में रियल इस्टेट डेवलपर ग्रुप और उससे जुड़े ब्रोकरों के 22 से अधिक ठिकानों पर आयकर विभाग ने छापेमारी की है। इस दौरान आयकर की टीम ने 98 लाख रुपये के आभूषण और एक करोड़ नकद जब्त किए हैं।
आयकर विभाग ने बताया कि रियल इस्टेट डेवलपर ग्रुप और ब्रोकरों के खिलाफ 28 सितंबर को तलाशी और जब्ती की कार्रवाई की गई। इस दौरान 22 आवासीय और व्यापारिक परिसरों को खंगाला गया। छापेमारी में अब तक एक करोड़ नकद और 98 लाख के जेवरात जब्त किये गये हैं। आयकर की टीम अभी भी तलाशी और जब्ती अभियान चला रही है।
आयकर विभाग ने बताया कि छापेमारी के दौरान बड़ी संख्या में आपत्तिजनक दस्तावेज, कागजात और डिजिटल सबूत भी बरामद किये गए हैं। उनको जब्त कर लिया गया। इनमें ग्रुप के ऐसे कई लेन-देन का पता लगा, जिनका कोई हिसाब-किताब नहीं था। दस्तावेजों से पता चला है कि 200 करोड़ रुपये से ज्यादा की रकम को जमीन खरीदने में खर्च किया गया, जिसका कोई हिसाब नहीं है।
इसके अलावा 100 करोड़ रुपये से अधिक राशि की जमीन खरीद की नकद रसीदें भी मिलीं। इनका भी कोई हिसाब नहीं था। सारे कागजात को जब्त कर लिया गया है। पिछले कई वर्षों के दौरान खरीदी जाने वाली सम्पत्तियों के मूल दस्तावेज भी बड़ी संख्या में बरामद किये गये। साफ तौर पर ये सारे मूल दस्तावेज बेनामी हैं। इस ग्रुप से जुड़े ब्रोकरों के यहां की गई छापेमारी में ऐसे दस्तावेज बरामद हुये हैं, इनमें नकदी भुगतान और चेक से किये गये भुगतान का ब्योरा मिलता है। ये सारे भुगतान जमीन की खरीद-बिक्री वाले लेन-देन से संबंधित हैं। दस्तावेजों से पता चलता है कि संबंधित दलाल ने ही ये लेन-देन किये हैं।










