6 जुलाई से सावन शुरु
देवो के देव यानि शिव जी के पावन महीने के रूप में सावन को सबसे अधिक फलदायक माना जाता है। इस बार सावन विशेष फल दायक होगा। सावन माह इस बार सोमवार के दिन यानि 6 जुलाई से लग रहा है। माह की शुरुआत ही सोमवार से हो रही है जो कि बहुत ही अच्छा और शुभ माना जा रहा है। भोले नाथ को प्रसन्न करने वाले इस पवित्र माह मे कुल 5 सोमवाल पड़ रहे हैं जो कि विशेष सर्वार्थसिद्धि योग से परिपूर्ण होगा। इसमें सोमवार का व्रत करना पूजा-पाठ विशेष फलदायक होगा।
सावन का पूरा माह बहुत ही ज्यादा पवित्र और शिव जी को प्रसन्न करने वाला माना जाता है। इस माह भगवान शिव की अराधना और पूजा अर्चना के साथ सर्वार्थसिद्धि प्रदान करने वाला विशेष संयोग भी बन रहा है। पंडित मानस वाजपेई बताते हैं कि सालों बाद ये संयोग बना है जब सावन माह सोमवार को लग रहा है। सोमवार का दिन बाबा भोले नाथ का दिन माना गया है ऐसे में महीने भर भगवान की पूजा अर्चना करना विशेष फलदायक होगा।
घर पर भी करें शिव जी की विशेष पूजा वैश्विक महामारी कोरोना से पूरा देश जूझ रहा है ऐसे में भगवान की विशेष पूजा के साथ इस माहमारी से बचने के लिए भगवान को प्रसन्न करना चाहिए। शिव जी को प्रिय बेल पत्र, भांग, धतूरा धतूरे का फूल चढ़ाकर अराधना करना चाहिए। शिव जी को प्रिय महामृत्युंजय का पाठ करना चाहिए।
शिवतांडव स्त्रोत का जाप करना अति उत्तम होता है। अगर उच्चारण नहीं कर पा रहे होंतो इस मंत्र को सुनना भी शुभफल दायक होता है। इस साल पहला सावन सोमवार 6 जुलाई को पड़ रहा है। इसके बाद अगला सोमवार 13, 20, 27 और आखरी सावन सोमवार 3 अगस्त को पड़ रहा है। इस बार पूरे सावन में 5 सोमवार पड़ रहे हैं। इसके साथ ही इस बार सावन मास की शिवरात्रि 18 जुलाई को मानयी जाएगी जो कि विशेष फलदायक होगी। मान्यता ये भी है कि सावन के महीन में गंगा नहीं या पवित्र नदी से जल ला कर भगवान शिव का जलाभिषेक रूद्राभिशेक करना बहुत ही ज्यादा लाभदायक होता है और भगवान प्रसन्न होते हैं।
11 सर्वसिद्ध और 3 अमृतसिद्धि योग सावन मास भर में 11 सर्वसिद्ध और 3 अमृतसिद्ध और 12 दनि के रवियोग बन रहे हैं जो कि विशेष फल दायक है। इस योग में शिव जी की पूजा अर्चना करना विशेष और मनवांछित फलदायक होगा।










