विदेशी फंडों द्वारा की जा रही बिकवाली और वैश्विक बाजारों में कमजोरी के संकेतों के चलते लगातार तीसरे दिन बाजार में जोरदार गिरावट दर्ज की गई। कंपनियों के मिलेजुले नतीजे और कुछ क्षेत्रों में अस्थिर मूल्यांकन ने बाजार के मिजाज को और प्रभावित किया। बीएसई का 30 शेयरों वाला प्रमुख सूचकांक सेंसेक्स सुबह के कारोबार में मिली तेजी बरकरार नहीं रख पाया और कारोबार के अंत में 677.77 अंक या 1.13 प्रतिशत की गिरावट के साथ 59,306.93 पर बंद हुआ। इसी तरह एनएसई का 50-शेयरों वाला प्रमुख सूचकांक निफ्टी 185.60 अंक या 1.04 प्रतिशत गिरकर 17,671.65 पर बंद हुआ।
सेंसेक्स के चार्ट में टेक महिंद्रा के शेयर में सबसे ज्यादा 3.53 प्रतिशत की गिरावट देखी गई। इसके बाद एनटीपीसी, इंडसइंड बैंक, कोटक बैंक, एलएंडटी और रिलायंस इंडस्ट्रीज का स्थान रहा। वहीं अल्ट्राटेक सीमेंट, डा. रेड्डीज, मारुति, टाटा स्टील, टाइटन और आइसीआइसीआइ बैंक 2.61 प्रतिशत की तेजी के साथ लाभ में रहे। यूरोपीय वाणिज्य बैंक द्वारा नीतिगत दरों में कोई बदलाव नहीं किए जाने के बावजूद यूरोपीय बाजार कमजोर खुले। जियोजित फाइनेंशियल सर्विसेज के रिसर्च प्रमुख विनोद नायर ने कहा कि धीमी जीडीपी वृद्धि और तकनीकी कंपनियों के कमजोर नतीजों के चलते अमेरिकी वायदा कारोबार लाल रंग में कारोबार कर रहा है। अगले सप्ताह होने वाली फेडरल रिजर्व की बैठक में लिए गए फैसले बाजार की दिशा तय करेंगे। पूरे सप्ताह की बात करें तो सेंसेक्स 1,514.69 अंक या 2.49 प्रतिश्ात टूटा जबकि निफ्टी में 443.25 अंक या 2.44 प्रतिशत की गिरावट आई।










