कनाडा ने भिंडरावाले टाइगर फोर्स (बीटीएफ) के आतंकवादी हरदीप सिंह निज्जर की कथित हत्या में तीन गैंगस्टरों कमलप्रीत सिंह, करणप्रीत सिंह और करण बरार को गिरफ्तार किया है। इन गैंगस्टरों के संबंध हरियाणा और पंजाब के आपराधिक गिरोहों से भी थे। कनाडा में पंजाब के कई गैंगस्टर्स रह रहे हैं, जिन्हें लेकर कनाडा की सरकार चुप है। तीनों अपराधियों के पास उचित दस्तावेज नहीं था, लेकिन फिर भी ये अस्थायी वीजा पर कनाडा में रह रहे थे। ऐसे में सवाल उठता है कि आखिर इन तीनों कॉन्ट्रैक्ट किलर्स को भारत वापस क्यों नहीं भेजा गया? रॉयल कैनेडियन माउंटेड पुलिस (आरसीएमपी) ने कहा कि वह तीनों के भारतीय कनेक्शन का पता लगाने के लिए अपने भारतीय समकक्ष यानी एनआईए की मदद लेगी।
भारत ने आरसीएमपी से कम से कम पंजाब के सात ऐसे गैंगस्टर्स को प्रत्यर्पित करने की मांग की है, जो कनाडा में हैं। एनएसए, रॉ के सचिव, आईबी के डायरेक्टर और एनआईए चीफ ने पंजाब-हरियाणा में हत्याएं करवाने इन गैंगस्टर्स को वापस लाने के लिए बहुत प्रयास किए हैं, लेकिन कनाडा के प्रधानंमत्री जस्टिस ट्रूडो खालिस्तान समर्थक सरकार ने इस मुद्दे पर कोई कार्रवाई नहीं की है। भारत ने जिन गैंगस्टर्स को प्रत्यर्पित करने की मांग की है, उसमें अर्शदीप सिंह उर्फ अर्श डाला का नाम शामिल है। वह पंजाब के मोगा के डाला का रहने वाला है और कनाडा के सरे में रह रहा है। सरे वही जगह है, जहां निज्जर की गोली मारकर हत्या कर दी गई थी। तरनतारन जिले के हरिके गांव का निवासी लखबीर सिंह उर्फ लांडा भी कनाडा के अल्बर्टा के एडमॉन्टन शहर में रह रहा है।
रमनदीप सिंह उर्फ रमन जज फिरोजपुर का रहने वाला है और ब्रिटिश कोलंबिया में छिपा है। बरनाला जिले के टल्लेवाल के बिहला निवासी चरणजीत सिंह उर्फ रिंकू बिहला भी कनाडा में छिपकर बैठा है। लुधियाना ग्रामीण के गांव दल्ला निवासी गुरपिंदर सिंह उर्फ बाबा दल्ला भी भारतीय जांच एजेंसियों से छिपकर कनाडा में रह रहा है। इन सभी के बारे में कनाडा को जानकारी दी जा चुकी है।
फाजिलका निवासी सतवीर सिंह वारिंग उर्फ सैम अबरोहा भी कनाडा में छिपा है। अमृतसर के डिफेंस कॉलोनी का स्नोवर सिंह ढिल्लियन ओन्टारियो में रह रहा है। आठवें गैंगस्टर का नाम है सतिंदरजीत सिंह उर्फ गोल्डी बरार, जो श्री मुक्तसर साहिब का रहने वाला है. बरार को लेकर कहा जाता है कि वह अभी कैलिफोर्निया में छिपा हुआ है, लेकिन वह कनाडा का निवासी है।
इन अपराधियों के वीजा स्टेटस के बारे में जानकारी नहीं है, मगर ये अपराधी भारत सरकार या राज्य सरकार पर मानवाधिकार हनन का आरोप लगाकर शरण मांग लेते हैं और फिर कनाडा में बस जा रहे हैं। जस्टिन ट्रूडो की सरकार को कहीं न कहीं इस बारे में मालूम है, मगर वह कार्रवाई से बच रही है। मगर, खालिस्तानियों और इन गैंगस्टर्स के समर्थकों के वोट के लालच में ट्रूडो इन पर कोई एक्शन नहीं ले रहे हैं।










