इस समय पूरी दुनिया कोरोना वायरस से जूझ रही है। चमगादड़ों को इस घातक वायरस का कारण माना जा रहा है। हालांकि अभी तक इस बात की पुष्टि नहीं हो पाई है कि चमगादड़ों की वजह से ही ये वायरस फैला है। इसी बीच मध्य प्रदेश के एक गांव में अचानक से चमगादड़ों की मौत ने लोगों को दहशत में डाल दिया है। कोरोना संक्रमण के लिए जिम्मेदार माने जा रहे चमगादड़ों पर मध्य प्रदेश के बैतूल के भीमपुर ब्लाक में किसी अज्ञात बीमारी का कहर टूट पड़ा है। यहां दर्जनों चमगादड़ों की मौत से ग्रामीणों में दहशत फैल गई है। हालांकि, पशु चिकित्सक प्रारंभिक तौर से इसे तेज गर्मी से जोड़कर देख रहे हैं।
मिली जानकारी के मुताबिक बैतूल जिले के बेहड़ा ढाना इलाके में नीलगिरी के पेड़ों पर लटके दर्जनों चमगादड़ मरने के बाद पेड़ों के नीचे बिखरे पड़े हैं तो कई अब भी पेड़ों पर मृत अवस्था में लटके हुए हैं। बताया जा रहा है कि यह सिलसिला बीते चार दिनों से चल रहा है। यहां आज सुबह एक ही जगह चमगादड़ों के मरने के बाद पड़े होने की सूचना से इलाके में दहशत फैल गई। अब ग्रामीण इसे कोरोना से जोड़कर देखने लगे हैं।
पंचायत ने चमगादड़ों की मौत के बाद वन और पशु चिकित्सा विभाग को पूरे मामले के बारे में सूचना दी, जिस पर यहां पहुंचे पशु चिकित्सा दल ने चमगादड़ों का पोस्टमार्टम कर सैंपल इकट्ठे किए हैं जिन्हें जांच के लिए राजकीय प्रयोगशाला भोपाल भेजा जा रहा है। पशु चिकित्सा अधिकारियों ने प्रारम्भिक तौर पर तेज गर्मी और हीट वेव की वजह से मौतों का कारण माना है। बताया जा रहा है कि मृत मिले चमगादड़ों के शरीर पूरी तरह से डिहाइड्रेट हो गए थे। इससे संभावना है कि मौतों की वजह तेज गर्मी और पानी की कमी हो सकती है। पूरे मामले में पशु चिकित्सक डॉ.अरुणा का कहना है कि चमगादड़ों का पोस्टमार्टम किया और सैंपल लेकर प्रयोगशाला भेजे गए हैं। ऐसा लगता है कि गर्मी की वजह से चमगादड़ों की मौत हो रही है। सही जानकारी तो सैंपल की जांच के बाद ही सामने आ पाएगी।
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