शरद पूर्णिमा पर बन रहा विशेष संयोग, जानिय क्या है

  • आरोग्य के लिए खास है ये पूर्णिमा

रायपुर। शरद पूर्णिमा कल यानि 30 तारीख को मनाई जाएगी। वैसे तो हर साल शरद पूर्णिमा का खास महत्व होता है लेकिन इस बार शरह पूर्णिमा स्वास्थ्य संबंधित समस्याओं का समाना कर रहे लोगों के लिए विशेष फलदायक होगी। इस बार शरद पूर्णिमा को अमृतसिद्ध योग पड़ रहा है जो बहुत ही शुभ माना गया है।
इस बार शरद पूर्णिमा 30 अक्टूबर शुक्रवार को पड़ रही है। शाम 5.47 मिनट से पूर्णिमा तिथि प्रारभ हो जाएगी, जो कि 31 अक्टूबर को रात 8.21बजे तक रहेगी। पंडित मनोज शुक्ला के अनुसार इस दिन मध्यरात्रि में अश्वनी नक्षत्र रहेगा। यह नक्षत्र होने से ऐसा माना जाता है कि अनृतसिद्धि योग बनेगा। सालों बाद यह योग इस साल बन रहा है, जो कि स्वास्थ रहने के लिए बहुत अच्छा माना गया है। शास्त्रों के जानकारों का मानना यह भी है कि इस योग से देश में फैल रही महामारी में भी कमी आने की संभावना है।

खीर का खास महत्व

शरद पूर्णिमा में खीर बनाने और अमृत वर्षा के बाद इसे खाने का खास महत्व है। शास्त्रों के अनुसार शरद पूर्णिमा के दिन चंद्रमा पृथ्वी के सबसे करीब आ जाता है और चंद्रमा की किरणों में से औषधीय गुण की मात्रा सबसे ज्यादा होती है। जो मनुष्य को कई तरह की बीमारियों से छुटकारा देने में सहायक होता है। इस दिन चन्द्रमा की किरणों में औषधीय गुण होने के कारण इस रात को खीर बनाकर उसे खुले आसमान के नीचे रखा जाता है। दूसरे दिन इस खीर को खाने के सेहत में सुधार और सकारात्मक फल मिलता है।

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मां लक्षमी का पृथ्वी में आगमन

ऐसी मान्यता है कि शरद पूर्णिमा की तिथि को देवी लक्ष्मी पृथ्वी का भ्रमण करने आती है और घर-घर जाकर भक्तों को आशीर्वाद देती हैं। इस दिन लोग लक्ष्मी जी की भी विशेष पूजा करते हैं। देवी को प्रसन्न करने के लिए कमल गट्टी की माला से ऊं श्रीं ह्रीं श्रीं कमले कमलालये प्रसीद प्रसीद श्रीं ह्रीं श्रीं ऊं महालक्ष्मयै नम:। का जाप करना चाहिए। इसके साथ ही इस दिन स्नान, दान व्रत करना भी श्रेष्ठ होता है।

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