कभी कभी हालत ऐसा हो जाते हैं की हम किस राह मे चलें। ऐसा मे दिमाग के साथ साथ दिल की भी सुनना चाहिए। दिल के कोने में कही न कही हमारे सवालों के जवाब छुपे होते हैं। जो हमें समय आने पर मिल भी जाते हैं। बस जरूरत है तो उन सवालों को महसूस करने की और जवाबों को समझने की। रास्ते अपने आप सुलझ जाते हैं।
दिल की आवाज में बहुत ताकत होती है। हमें हमेशा सबसे पहले अपने दिल की सुनना चाहिए और वही फैसला लेना चाहिए जो हमारा मन और दिल कहता है।










