ज्ञान ही अपने आप मे बहुत बड़ा और सम्पूर्ण शब्द है। ये सच है कि ज्ञान का सागर बड़ा ही वृहद है इसके कभी पूरा नही किया जा सकता और यह कभी पूर्ण भी नही हो सकता। हम जीतना इसके सागर में डूबते है उतना ही शीतलता और पूर्ण होने का अहसास होता है।
बड़ों ने कहा है कि ज्ञान बांटने से बढ़ता है और इनका विस्तार समाज के लिए बहुत ही अवश्यक है। हमारे जरिए अगर किसी की मदद हो या उसे कुछ नेक सीख मिलती है यह एक नेक पहल होगी।









