श्रीलंकाई नागरिक की लिंचिंग मामले में पाकिस्तान की सर्वोच्च धार्मिक संस्था ने कहा कि कानून अपने हाथ में लेना कुरान की शिक्षा, शरिया और संविधान के खिलाफ है। साथ ही इस्लामिक संस्था काउंसिल आफ इस्लामिक आइडियोलाजी (सीआइआइ) ने यह मांग भी की कि पंजाब प्रांत में श्रीलंकाई नागरिक की लिंचिंग करने वाले लोगों को कानून सजा दे।
सीआइआइ के मुताबिक सियालकोट जैसी घटना नहीं हो इसके लिए पुलिस सतर्कता बरत रही है। मीडिया की एक रिपोर्ट के मुताबिक इस माह की श्ाुरुआत में ही सियालकोट में कट्टरपंथी इस्लामिक पार्टी तहरीक-लब्बैक पाकिस्तान (टीएलपी) ने एक कपड़ा फैक्ट्री में 49 वर्षीय जनरल मैनेजर प्रियंथा कुमारा दियावंदना को ईशनिंदा के आरोप में पीट-पीटकर मार डाला था। उसके बाद उसके शव को आग के हवाले कर दिया था। इस मामले में 900 लोगों के खिलाफ एफआइआर दर्ज की गई थी। करीब 160 लोगों को बंदी भी बनाया गया था। फिलहाल पंजाब पुलिस 54 मुख्य संदिग्धों के फारेंसिक परीक्षण कर रही है।










