नई दिल्ली: बद्रीनाथ मंदिर के दान में कथित गड़बड़ी के मामले में बड़ी जानकारी सामने आई है। एसआईटी ने मंदिर के पूर्व अधिकारी राजेंद्र चौहान को गिरफ्तार किया है। उनसे करीब चार घंटे पूछताछ की गई, जिसके बाद कार्रवाई की गई। उन्हें 18 जुलाई को अदालत में पेश किया जाएगा। सीसीटीवी फुटेज बना अहम सबूत एसआईटी के अनुसार, 22 जून की सीसीटीवी फुटेज में राजेंद्र चौहान की संदिग्ध गतिविधियां दिखाई दीं। इसके बाद 25 और 29 जून की रिकॉर्डिंग भी जांची गई। पुलिस ने मंदिर के सीसीटीवी सिस्टम का डीवीआर भी अपने कब्जे में लेकर तकनीकी जांच शुरू कर दी है।
अन्य कर्मचारियों से भी पूछताछ जारी पुलिस इस मामले में मंदिर के कई अन्य कर्मचारियों से भी पूछताछ कर रही है। अधिकारियों का कहना है कि जांच पूरी होने के बाद मामले का खुलासा किया जाएगा। प्रमोद नौटियाल मुख्य आरोपी इस मामले में बद्रीनाथ-केदारनाथ मंदिर समिति के अध्यक्ष के निजी सचिव प्रमोद नौटियाल को पहले ही गिरफ्तार किया जा चुका है। एसआईटी का दावा है कि सीसीटीवी फुटेज में उन्हें गिनती वाले कमरे में कई बार आते-जाते देखा गया। उन पर नकदी, सोने-चांदी के सिक्के, शालीग्राम पत्थर और दान के लिफाफों को छिपाने या चोरी करने का आरोप है। पुलिस पूरे मामले की जांच कर रही है और जल्द ही आगे की कार्रवाई की जाएगी।










