चोरी की शिकायत लेकर थाने पहुंचे ग्रामीण
गरियाबंद। साल 2009 में बोमन ईरानी अभिनीत एक मूवी आई थी ‘वेलडन अब्बा’। मूवी में गांव में सरकारी रुपयों से बावड़ी (कुआं) का निर्माण कराया जाता है, लेकिन मौके पर वह मिलती ही नहीं। वह चोरी की एफआईआर दर्ज कराने थाने जाते हैं। ऐसा ही कुछ मामला छत्तीसगढ़ के गरियाबंद में भी सामने आया है। यहां आदिवासी बालक आश्रम भवन निर्माण के लिए 10 साल पहले लाखों रुपए मिले थे, लेकिन स्कूल ही रातों-रात गायब हो गया। इसके बाद ग्रामीणों ने आश्रम चोरी की शिकायत थाने में दी है। दरअसल, यह सारा मामला आदिवासी विकासखंड मैनपुर क्षेत्र का है। मुख्यालय से करीब 22 किमी दूर बसे आदिवासी कमार जनजाति ग्राम पंचायत गोबरा के सरपंच रामस्वरूप मरकाम, पूर्व सरपंच रेखा ध्रुव सहित बड़ी संख्या में आदिवासी महिला-पुरुष मैनपुर थाने पहुंच गए। उन्होंने चोरी की एफआईआर दर्ज करने के लिए आवेदन दिया। इसमें बताया गया आदिवासी बालक आश्रम स्कूल उनकी पंचायत बड़े गोबरा में साल 1989 से संचालित हो रहा था, लेकिन साल 2012-13 में अचानक चोरी हो गया। ग्रामीणों ने कहा कि वह पिछले 10 साल से आश्रम स्कूल का पता लगाने का प्रयास कर रहे हैं, लेकिन अभी तक नहीं मिला है। हम ग्रामीण अपने बच्चों को कहां पढ़ाई करने भेजें। ऐसे में ग्रामीणों ने पुलिस ने आश्रम स्कूल को तलाश करने में मदद मांगी है। वहीं ग्रामीण इस मामले को लेकर रविवार को एसडीएम कार्यालय और विकासखंड शिक्षा अधिकारी कार्यालय भी पहुंचे थे। हालांकि छुट्टी के दिन होने के कारण वहां कोई नहीं मिला। इस संबंध में कलेक्टर सहित अन्य अफसरों को आवेदन दिया गया है।
100 बच्चे पढ़ते थे, पर राशि जारी होते ही दूसरी जगह किया शिफ्ट
ग्राम पंचायत गोबरा में शासन की ओर से विशेष पिछड़ी कमार जनजाति के बच्चों को बेहतर शिक्षा देने के लिए 1989 में इस आश्रम की शुरूआत की गई थी। इस आदिवासी आश्रम में 100 बच्चे पढ़ते थे। ग्रामीणों का आरोप है कि साल 2010-11 में बड़े गोबरा आश्रम भवन निर्माण के लिए लाखों रुपए की राशि जारी हुई थी। तब यहां की बजाय करीब 10 किमी दूर ग्राम पंचायत भाठीगढ़ में पहाड़ी के नीचे स्कूल भवन का निर्माण कर दिया गया।










