रायपुर। जशपुर जिले में वर्षा जल संरक्षण, भू-जल संवर्धन और ग्रामीणों को स्थानीय स्तर पर रोजगार उपलब्ध कराने के उद्देश्य से जल संरक्षण के कार्यों को प्राथमिकता के साथ आगे बढ़ाया जा रहा है। सेवा संकल्प अभियान 2026 के तहत मनोरा जनपद की ग्राम पंचायत ओरडीह और आश्रित ग्राम आराकोना में विभिन्न जल संरक्षण संरचनाओं का निर्माण कराया जा रहा है।
वी बी जी राम जी योजना के अंतर्गत किए जा रहे इन कार्यों का उद्देश्य बारिश के पानी को गांव में ही अधिक से अधिक रोकना, पानी के तेज बहाव को नियंत्रित करना और मिट्टी के कटाव को कम करना है। इसके साथ ही भू-जल पुनर्भरण को बढ़ावा देने के प्रयास किए जा रहे हैं, जिससे भविष्य में खेती और अन्य आजीविका गतिविधियों के लिए पानी की उपलब्धता बेहतर हो सके।
ओरडीह और आराकोना में 3800 कंटूर ट्रेंच तैयार
जल संरक्षण के तहत आराकोना में 1700 और ओरडीह में 2100 कंटूर ट्रेंच का निर्माण किया गया है। इस तरह दोनों गांवों में कुल 3800 कंटूर ट्रेंच तैयार किए जा चुके हैं। इसके अलावा 5 आजीविका डबरी और 10 गैबियन संरचनाओं का निर्माण भी पूरा हो चुका है।
ओरडीह में 10 एलबीसीडी का कार्य भी पूर्ण कर लिया गया है। वहीं आराकोना के लोहड़ा नाला में 10 बोल्डर चेकडैम बनाए जाने हैं। इनमें से 6 बोल्डर चेकडैम का निर्माण पूरा हो चुका है, जबकि बाकी संरचनाओं का निर्माण कार्य जारी है।

स्थानीय भौगोलिक परिस्थितियों को ध्यान में रखते हुए अलग-अलग प्रकार की जल संरक्षण संरचनाएं तैयार की जा रही हैं। इनका उद्देश्य बारिश के पानी को रोकना और उसका स्थानीय स्तर पर अधिकतम उपयोग सुनिश्चित करना है।
खेत का पानी खेत में, गांव का पानी गांव में
कंटूर ट्रेंच, गैबियन और बोल्डर चेकडैम जैसी संरचनाएं बारिश के पानी के बहाव की गति को कम करने और उसे स्थानीय स्तर पर रोकने में मदद करती हैं। इससे मिट्टी के कटाव को नियंत्रित करने के साथ भू-जल पुनर्भरण और आसपास के क्षेत्रों में नमी बनाए रखने में सहायता मिल सकती है।
आजीविका डबरी भी ग्रामीण परिवारों के लिए जल संरक्षण के साथ-साथ सिंचाई, मछलीपालन और अन्य आयमूलक गतिविधियों का आधार बन सकती है। इस तरह जल संरक्षण के लिए तैयार की जा रही संरचनाएं प्राकृतिक संसाधनों को सहेजने के साथ ग्रामीण आजीविका को मजबूत करने की दिशा में भी उपयोगी साबित हो सकती हैं।
जल संरक्षण के साथ गांव में रोजगार के अवसर
इन जल संवर्धन कार्यों की एक अहम विशेषता स्थानीय स्तर पर रोजगार का सृजन है। जल संरक्षण संरचनाओं के निर्माण में ग्रामीणों की भागीदारी से उन्हें गांव में ही रोजगार के अवसर मिल रहे हैं। इससे एक ओर स्थायी जल संरक्षण परिसंपत्तियों का निर्माण हो रहा है, वहीं दूसरी ओर ग्रामीण परिवारों की आय और आजीविका को भी सहारा मिल रहा है।
जशपुर जिले में स्थानीय भौगोलिक परिस्थितियों और ग्रामीण जरूरतों के अनुरूप जल संरक्षण के कार्यों को आगे बढ़ाया जा रहा है। मनोरा के ओरडीह और आराकोना में किए जा रहे कार्य बारिश के पानी की हर बूंद को सहेजने, भू-जल स्तर को बेहतर बनाने और ग्रामीण क्षेत्रों में रोजगार के अवसर बढ़ाने की दिशा में महत्वपूर्ण प्रयास हैं।
जल संरक्षण, ग्रामीण रोजगार और आजीविका को एक साथ जोड़कर किए जा रहे ये कार्य आने वाले समय में गांवों को जल की दृष्टि से अधिक सक्षम बनाने में महत्वपूर्ण भूमिका निभा सकते हैं।










