पिछले तीन महीने से भारत और चीन के बीच जारी तनाव में थोड़ी नरमी दिखने लगी है। गलवान घाटी में 15 जून को हुई खूनी झड़प वाली जगह से चीनी सेना पूरी तरह से हट चुकी है। मगर उसने नई जगह गोगरा, हॉट स्प्रिंग और पूर्वी लद्दाख में बफर जोन बना लिया है। हालांकि दोनों पक्षों की ओर से विवादित क्षेत्र से सेना हटाने को लेकर लगातार बात भी हो रही है। इस बीच सूत्र बताते हैं कि पैंगोंग लेक इलाके के फिंगर एरिया में अभी तनाव बरकरार है। यहां चीनी सेना ने पक्के निर्माण कर रखे हैं।
पैंगोंग लेक इलाके में स्थिति तनावपूर्ण बनी हुई है। फिंगर से चीनी सैनिकों को हटाना काफी मुश्किल होगा क्योंकि यहां उसने आधारभूत ढांचा बना लिया है। चीन ने यहां कई तरह के ठिकाने और सैनिकों के पक्के बंकर बना लिए हैं।
दूसरी तरफ गलवान घाटी को खाली कर दिया गया है और यहां 4 किलोमीटर का बफर जोन बनाया गया है और इसे यहां आने वाले समय में सैनिकों के हटने तक कोई गतिविधि नहीं होगी। ऐसा ही बफर जोन गोगोरा और हॉट स्प्रिंग इलाके में भी बनाया जा सकता है।
बफर जोन बनाने के बाद अगला कदम LAC पर दोनों तरफ सेनाओं के हटाने का होगा। चीन ने मई के शुरुआत में पूर्वी लद्दाख के 15 इलाकों में अपनी सेनाओं को तैनात कर दिया था। इस बीच भारत ने तय किया है कि चीन की धोखाधडी के बाद जब सेनाएं पीछे हट जाएंगी तो इसका फिजिकल वेरिफिकेशन किया जाएगा दोनों पक्ष के नामित प्रतिनिधि विवादित इलाके में जाकर स्थिति देखेंगे।










