देश की राजधानी दिल्ली में एक अमानवीय और शर्मनाक घटना सामने आई है। यहां के एक पति ने अपनी पत्नी को पिछले माह से जंजीरों से बांध रखा था। इतना ही नहीं जंजीरों मे बंधी पत्नी का बाथरूम तक जाने की अनुमति नहीं देता था। दिल्ली महिला आयोग ने इस महिला को त्रिलोकपुरी इलाके से जंजीरों से मुक्त करवाया है।
दिल्ली महिला आयोग की अध्यक्ष स्वाति मालीवाल ने कहा कि हमें इस मामले की शिकायत स्थानीय स्तर पर काम कर रही महिला पंचायत से मिली। सूचना मिलते ही आयोग की सदस्य फिरदौस खान और किरण नेगी के साथ दिए गए पते पर पहुंची तो महिला की हालत देखकर स्तब्ध रह गई। महिला के पैर ज़ंजीरों से बांधे गए थे और उसे बहुत ही बुरे हाल में रखा गया था। महिला को इस प्रकार की प्रताडित किया गया था कि उसकी मानसिक स्थिति भी बिगड़ गई है। हमने महिला को रिहा करवाया और अब उसके इलाज और पुनर्वास के ऊपर काम कर रहे हैं। साथ ही गुनहगार पति पर भी प्राथमिकी करवाने जा रहे हैं।
सुश्री मालीवाल के नेतृत्व में आयोग की सदस्य फ़िरदौस खान एवं किरण नेगी पुलिस के साथ दिए गए पते पर पहुंची तो वहां दी गई जानकारी सही पाई गई। टीम ने देखा कि घर के बरामदे में एक महिला जंजीर से बंधी ज़मीन पर बैठी थी। उससे बात करने पर उसने बताया कि उसे उसके पति ने छह महीने से चेन से बांधकर रखा गया है। महिला की हालत बेहद खराब थी एवं उसके कपड़े फटे थे। जहां उन्हें रखा था वहाँ कोई पंखा तक नहीं था और बहुत बदबू थी, क्यूँकि उन्हें बाथरूम तक नहीं जाने दिया जाता था। पीडित महिला ने बताया कि उसके विवाह को 11 साल हो गए हैं और उसके तीन बच्चे हैं। पीड़िता का पति घर के पास ही एक आटे की चक्की चलाता है।
पूछताछ में पता चला कि महिला की मानसिक स्तिथि पहले ठीक थी, मगर पति की प्रताड़ना के कारण उसके मानसिक स्वास्थ्य पर गहरा असर पड़ा। महिला के तीन बच्चे भी हैं, जिनके साथ भी अक्सर मारपीट की जाती है। जब टीम ने बच्चों से बात की तो उन्होंने बताया कि उनके पिता उनकी मां को बहुत मारते हैं और चैन से बांध के रखते हैं।










