Google Analytics Meta Pixel छत्तीसगढ़ पर्यटन को वैश्विक पहचान दिलाने की तैयारी, 2028 तक नई तस्वीर का लक्ष्य - Ekhabri.com

छत्तीसगढ़ पर्यटन को वैश्विक पहचान दिलाने की तैयारी, 2028 तक नई तस्वीर का लक्ष्य

रायपुर। छत्तीसगढ़ को देश के साथ-साथ वैश्विक पर्यटन मानचित्र पर स्थापित करने की दिशा में सरकार ने व्यापक कार्ययोजना तैयार की है। पर्यटन, संस्कृति, धार्मिक न्यास एवं धर्मस्व मंत्री राजेश अग्रवाल ने मंगलवार को नवा रायपुर स्थित छत्तीसगढ़ संवाद के ऑडिटोरियम में आयोजित प्रेस वार्ता में विभागीय उपलब्धियों, मौजूदा योजनाओं और आगामी प्राथमिकताओं की जानकारी दी। सरकार का लक्ष्य वर्ष 2028 तक छत्तीसगढ़ की प्राकृतिक, सांस्कृतिक, धार्मिक और इको-एथनिक पर्यटन पहचान को राष्ट्रीय एवं अंतरराष्ट्रीय स्तर पर मजबूत करना है।

 

प्रेस वार्ता में पर्यटन, संस्कृति, धार्मिक न्यास एवं धर्मस्व विभाग के सचिव डॉ. एस. भारतीदासन, छत्तीसगढ़ टूरिज्म बोर्ड के प्रबंध संचालक सौमिल रंजन चौबे, संस्कृति विभाग के संचालक डॉ. संजय कन्नौजे तथा छत्तीसगढ़ टूरिज्म बोर्ड की डीजीएम पूनम शर्मा उपस्थित रहीं। प्रेस वार्ता की शुरुआत सचिव डॉ. एस. भारतीदासन द्वारा छत्तीसगढ़ पर्यटन की उपलब्धियों और आगामी योजनाओं की प्रस्तुति से हुई।

 

मंत्री राजेश अग्रवाल ने कहा कि छत्तीसगढ़ को प्रकृति ने चित्रकोट और तीरथगढ़ जैसे जलप्रपात, बस्तर और सरगुजा की समृद्ध जनजातीय संस्कृति, सिरपुर जैसी ऐतिहासिक विरासत तथा मां दंतेश्वरी और मां महामाया जैसे प्रमुख आस्था केंद्र दिए हैं। सरकार इन प्राकृतिक, सांस्कृतिक और आध्यात्मिक संपदाओं को नई पहचान देकर देश और दुनिया के सामने प्रस्तुत करने पर काम कर रही है।

 

पर्यटन क्षेत्र में निजी निवेश बढ़ाने पर जोर

 

सरकार ने पिछले लगभग ढाई वर्षों में पर्यटन क्षेत्र में निजी निवेश को प्रोत्साहित करने के लिए कई पहल की हैं। फिल्म सिटी निर्माण के लिए 203 करोड़ 53 लाख रुपये के निवेश प्रस्ताव प्राप्त हुए हैं। फिल्म पर्यटन और बड़े आयोजनों को बढ़ावा देने के लिए फिल्म सिटी एवं कन्वेंशन सेंटर के विकास की दिशा में भी काम किया जा रहा है। इसकी अनुमानित लागत लगभग 350 करोड़ रुपये है।

 

अयोध्या-काशी दर्शन के लिए 61 ट्रेनों का संचालन

 

श्री रामलला अयोध्या धाम दर्शन योजना के तहत आईआरसीटीसी के सहयोग से अब तक 61 ट्रेनों का सफल संचालन किया जा चुका है। इनके माध्यम से 50 हजार से अधिक श्रद्धालुओं को अयोध्या और काशी के दर्शन कराए गए हैं। सरकार का उद्देश्य प्रदेशवासियों के लिए धार्मिक एवं आध्यात्मिक पर्यटन को अधिक सुगम, व्यवस्थित और सुविधाजनक बनाना है।

 

होमस्टे से स्थानीय परिवारों और युवाओं को मिलेगा रोजगार

 

पर्यटन का लाभ स्थानीय परिवारों तक पहुंचाने के लिए होमस्टे और स्थानीय पर्यटन अर्थव्यवस्था को बढ़ावा दिया जा रहा है। इसके माध्यम से स्थानीय भोजन, हस्तशिल्प और युवाओं को पर्यटन से जोड़ने के अवसर बढ़ेंगे। वर्तमान में लगभग 390 से अधिक टूर ऑपरेटर एवं ट्रैवल एजेंट और 26 होटल पंजीकृत हैं। पर्यटक गाइड, आतिथ्य, फिल्म निर्माण, पर्यटन संचालन और डिजिटल कंटेंट जैसे क्षेत्रों में प्रशिक्षण देकर कम से कम 500 स्थानीय युवाओं को पर्यटन आधारित रोजगार से जोड़ने का लक्ष्य रखा गया है।

 

चित्रकोट को विश्वस्तरीय पर्यटन गंतव्य बनाने की तैयारी

 

बस्तर को छत्तीसगढ़ के प्रमुख पर्यटन आकर्षणों में शामिल करते हुए चित्रकोट को केवल जलप्रपात तक सीमित न रखकर विश्वस्तरीय पर्यटन गंतव्य के रूप में विकसित करने की योजना है। वहीं सिरपुर के व्यापक पर्यटन विकास के लिए एकीकृत मास्टर प्लान तैयार किया जा रहा है। मैनपाट और जशपुर में भी पर्यटक सुविधाओं और पर्यटन अनुभव को बेहतर बनाने के प्रयास किए जा रहे हैं।

Read Also  भाजपा पार्टी की रीति नीति-विचारधारा से प्रभावित होकर 880 कांग्रेसियों ने थामा भाजपा का हाथ

 

भोरमदेव कॉरिडोर के लिए 145.99 करोड़ रुपये स्वीकृत

 

धार्मिक और सांस्कृतिक पर्यटन को बढ़ावा देने के लिए प्रमुख धार्मिक एवं सांस्कृतिक स्थलों को राष्ट्रीय पर्यटन मानचित्र पर प्रमुख स्थान दिलाने पर जोर दिया जा रहा है। भोरमदेव कॉरिडोर के विकास के लिए भारत सरकार ने 145 करोड़ 99 लाख रुपये की स्वीकृति दी है। रतनपुर महामाया मंदिर क्षेत्र सहित अन्य पर्यटन एवं धार्मिक क्षेत्रों के विकास के प्रस्ताव भी भारत सरकार को भेजे गए हैं।

 

मोबाइल से शुरू होगी पर्यटक की यात्रा

 

डिजिटल पर्यटन को विस्तार देने के लिए पर्यटन विभाग की नई वेबसाइट और मोबाइल ऐप के माध्यम से ऑनलाइन बुकिंग, डिजिटल जानकारी और पर्यटन सुविधाओं को एकीकृत किया जा रहा है। पिछले दो वर्षों में ऑनलाइन बुकिंग से लगभग 6 करोड़ 48 लाख रुपये और पर्यटन इकाइयों से लगभग 31 करोड़ 75 लाख रुपये का राजस्व प्राप्त हुआ है।

 

2028 तक पर्यटन की नई पहचान बनाने का लक्ष्य

 

मंत्री ने कहा कि वर्ष 2028 तक छत्तीसगढ़ पर्यटन की नई पहचान देश और दुनिया के सामने स्थापित करने का लक्ष्य रखा गया है। मुख्यमंत्री पर्यटन विकास मिशन के अंतर्गत अगले पांच वर्षों में प्रतिवर्ष 100 करोड़ रुपये के वित्तीय प्रावधान की दिशा में काम किया जा रहा है। प्रस्तावित पर्यटन नीति-2026 में सतत विकास, निजी निवेश, समुदाय आधारित पर्यटन और स्थानीय भागीदारी को प्राथमिकता दी जाएगी।

 

18 पर्यटन संपत्तियां निजी भागीदारी से होंगी विकसित

 

छत्तीसगढ़ पर्यटन बोर्ड की 18 पर्यटन संपत्तियों को लीज-सह-विकास मॉडल के माध्यम से निजी क्षेत्र की भागीदारी से विकसित करने की योजना है। इससे लगभग 500 करोड़ रुपये का निवेश आकर्षित होने की संभावना है। इसके साथ ही प्रत्यक्ष और अप्रत्यक्ष रूप से 500 से 1,000 रोजगार के अवसर पैदा होने की उम्मीद है।

 

अंतरराष्ट्रीय मंचों पर छत्तीसगढ़ की ब्रांडिंग

 

छत्तीसगढ़ की पर्यटन पहचान को अंतरराष्ट्रीय स्तर पर पहुंचाने के लिए इको-एथनिक, प्राकृतिक और सांस्कृतिक पर्यटन को वैश्विक ब्रांड के रूप में प्रस्तुत करने की योजना है। अंतरराष्ट्रीय पर्यटन मंचों पर भागीदारी, फिल्म एवं ओटीटी आधारित प्रचार, अंतरराष्ट्रीय मीडिया आउटरीच और अंतरराष्ट्रीय इन्फ्लुएंसर फैम टूर जैसे प्रयास प्रस्तावित हैं।

 

कलाकारों के कल्याण पर भी सरकार का फोकस

 

संस्कृति विभाग के माध्यम से कलाकारों और साहित्यकारों के कल्याण को भी प्राथमिकता दी जा रही है। कलाकार कल्याण कोष चिकित्सा अनुदान योजना के तहत पिछले ढाई वर्षों में 70 कलाकारों को लगभग 30 लाख 3 हजार रुपये की सहायता दी गई है। वित्तीय वर्ष 2026-27 में अब तक 20 कलाकारों को 15 लाख 30 हजार रुपये की सहायता प्रदान की जा चुकी है।

 

मुख्यमंत्री लोक कलाकार प्रोत्साहन योजना के माध्यम से नृत्य, संगीत, लोकनाट्य, लोकगाथा, छत्तीसगढ़ी भाषा में लेखन और अन्य लोककलाओं से जुड़े कलाकारों एवं लेखकों को संरक्षण और आर्थिक प्रोत्साहन दिया जा रहा है। पिछले ढाई वर्षों में 87 कलाकारों को लगभग 19 लाख 8 हजार रुपये की राशि प्रदान की गई है।

Read Also  CG- इन पाँच IAS अफसरों को मिला नये वेतनमान का लाभ, आदेश जारी..

 

407 वरिष्ठ कलाकारों और साहित्यकारों को पेंशन

 

वरिष्ठ कलाकारों एवं साहित्यकारों की आर्थिक सुरक्षा के लिए संचालित मासिक वित्तीय सहायता योजना के तहत पिछले ढाई वर्षों में 407 आर्थिक रूप से अभावग्रस्त वरिष्ठ कलाकारों और साहित्यकारों को 82 लाख 12 हजार रुपये की पेंशन दी गई है। वर्तमान वर्ष में अब तक 121 वरिष्ठ कलाकारों एवं साहित्यकारों को योजना का लाभ मिला है।

 

बस्तर पंडुम से जनजातीय संस्कृति को नई पहचान

 

प्रदेश के विभिन्न जिलों में सूचीबद्ध 89 विशिष्ट मेला-मड़ई, उत्सव-महोत्सव एवं समारोह जिला प्रशासन के सहयोग से पूरे वर्ष आयोजित किए जा रहे हैं। एलडब्ल्यूई प्रभावित जिलों में जनजातीय संस्कृति के संरक्षण के लिए स्थानीय परंपराओं, तीज-त्योहार, यात्रा, मेला-मड़ई तथा ऐतिहासिक, पुरातात्विक एवं धार्मिक स्थलों पर सांस्कृतिक गतिविधियों के आयोजन के लिए आदि पर्व पंचांग तैयार किया जा रहा है।

 

बस्तर की लोकपरंपरा और जनजातीय संस्कृति को व्यापक पहचान दिलाने के लिए पिछले दो वर्षों से ग्रामीण, ब्लॉक और जिला स्तर पर बस्तर पंडुम का आयोजन किया जा रहा है। इस वर्ष बस्तर पंडुम-2026 के विजेता कलाकार दलों, मांझी-चालकी प्रतिनिधियों और पद्मश्री विभूतियों सहित 209 सदस्यीय प्रतिनिधिमंडल को राष्ट्रपति भवन में राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मु से मुलाकात और सम्मान का अवसर मिला।

 

लोककलाओं और लोकवाद्यों को मिलेगा नया मंच

 

पावस प्रसंग, रंगतरंग, रंगपरब और लोकरंग पर्व जैसे आयोजनों के माध्यम से शास्त्रीय नृत्य-संगीत, लोकवाद्य, लोकनाट्य और पंडवानी, भरथरी, ददरिया, जसगीत, करमा, पंथी, बांसगीत तथा देवारगीत जैसी पारंपरिक लोकविधाओं को मंच प्रदान किया जा रहा है। इन आयोजनों का उद्देश्य कलाकारों को प्रोत्साहित करने के साथ नई पीढ़ी को छत्तीसगढ़ की सांस्कृतिक विरासत से जोड़ना है।

 

लोककलाओं और विरासत का डिजिटल आर्काइव तैयार

 

छत्तीसगढ़ की लोककलाओं, लोकगीतों, जनजातीय परंपराओं और ऐतिहासिक धरोहरों को आने वाली पीढ़ियों के लिए सुरक्षित रखने के उद्देश्य से विस्तृत डिजिटल आर्काइव तैयार किया जा रहा है। इसके जरिए प्रदेश की सांस्कृतिक स्मृतियों और लोक परंपराओं को डिजिटल स्वरूप में संरक्षित किया जाएगा।

 

सांस्कृतिक संस्थाओं को 7.85 करोड़ रुपये से अधिक की सहायता

 

कला और संस्कृति के क्षेत्र में लंबे समय से कार्य कर रही अशासकीय सांस्कृतिक एवं साहित्यिक संस्थाओं की भागीदारी बढ़ाई जा रही है। पिछले ढाई वर्षों में 363 निजी संस्थाओं को 854 सांस्कृतिक आयोजनों के लिए 7 करोड़ 85 लाख 3 हजार रुपये की आर्थिक अनुदान राशि स्वीकृत की गई है।

 

नई फिल्म नीति की तैयारी

 

छत्तीसगढ़ में फिल्म निर्माण को बढ़ावा देने के लिए छत्तीसगढ़ फिल्म नीति-2021 में आवश्यक संशोधन की प्रक्रिया चल रही है। संशोधित फिल्म नीति के जरिए प्रदेश के प्राकृतिक और खूबसूरत स्थलों पर फिल्म निर्माण को प्रोत्साहित करने तथा पात्र फिल्मों को सब्सिडी का लाभ देने की दिशा में काम किया जाएगा।

 

सिरपुर को यूनेस्को की विश्व धरोहर सूची की दिशा में प्रयास

 

सिरपुर को विश्व धरोहर के रूप में स्थापित करने की दिशा में भी पहल की जा रही है। सिरपुर में बौद्ध, जैन और हिंदू स्थापत्य परंपराओं का अद्भुत सह-अस्तित्व देखने को मिलता है। सिरपुर विशेष क्षेत्र विकास प्राधिकरण द्वारा यूनेस्को के मानकों के अनुरूप नॉमिनेशन डोजियर तैयार कर भारत सरकार को प्रस्तुत किया गया है।

Read Also  सशस्त्र सेना झंडा दिवस पर मुख्यमंत्री ने किया अंशदान

 

63 संरक्षित स्मारकों के संरक्षण पर काम

 

प्रदेश के 63 राज्य संरक्षित स्मारकों का संरक्षण किया जा रहा है। वर्तमान वित्तीय वर्ष में 12 राज्य संरक्षित स्मारकों में संरक्षण, उन्नयन और पर्यटकीय सुविधाओं के विकास के लिए फेसलिफ्टिंग की कार्ययोजना तैयार की जा रही है। सरकार का उद्देश्य धरोहर संरक्षण के साथ पर्यटन, स्थानीय अर्थव्यवस्था और रोजगार के अवसरों को बढ़ावा देना है।

 

रायपुर संग्रहालय में नई गैलरी, पुरखौती मुक्तांगन में लाइट एंड साउंड शो

 

महंत घासीदास स्मारक संग्रहालय, रायपुर के उन्नयन के लिए नई रियासत गैलरी की स्थापना और वर्तमान गैलरियों के उन्नयन का प्रस्ताव तैयार किया जा रहा है। पुरखौती मुक्तांगन में लाइट एंड साउंड शो और संध्याकालीन कार्यक्रम शुरू करने की दिशा में भी काम किया जा रहा है। इसकी स्क्रिप्ट में शहीद वीर नारायण सिंह और गुंडाधुर जैसे जनजातीय नायकों के साथ छत्तीसगढ़ की मूर्त एवं अमूर्त सांस्कृतिक विरासत को केंद्र में रखा जाएगा।

 

12 लाख पृष्ठों का डिजिटल अभिलेखीकरण

 

छत्तीसगढ़ से संबंधित लगभग 12 लाख पृष्ठों का डिजिटलीकरण कर रायपुर लाया गया है। इन डिजिटल अभिलेखों को वेब अभिलेखागार पोर्टल के माध्यम से आम नागरिकों, शोधकर्ताओं और विद्यार्थियों के लिए ऑनलाइन उपलब्ध कराने के लिए कैटलॉग और मेटाडेटा तैयार किया जा रहा है।

 

2750 वर्ष पुरानी मानव बसाहट के प्रमाण मिले

 

पुरातत्व विभाग द्वारा अब तक 11 पुरास्थलों का उत्खनन कराया जा चुका है। रायपुर जिले की आरंग तहसील में लखौली के पास रीवां के मृत्तिकागढ़ में हुए पुरातात्विक उत्खनन से लगभग 2750 वर्ष पुरानी मानव बसाहट के प्रमाण सामने आए हैं। उत्खनन में प्रारंभिक ऐतिहासिक काल से लेकर कलचुरी काल तक के अवशेष मिले हैं। इसके अलावा विभिन्न राजवंशों के सोने, चांदी और तांबे के सिक्के भी प्राप्त हुए हैं।

 

पर्यटन से रोजगार और अर्थव्यवस्था को गति देने का लक्ष्य

 

मंत्री राजेश अग्रवाल ने कहा कि छत्तीसगढ़ में पर्यटन और संस्कृति का विकास केवल नए पर्यटन स्थलों और आयोजनों तक सीमित नहीं है। इसका उद्देश्य स्थानीय रोजगार, आर्थिक गतिविधियों, कलाकारों के कल्याण, सांस्कृतिक विरासत के संरक्षण और प्रदेश की पहचान को राष्ट्रीय एवं अंतरराष्ट्रीय स्तर पर मजबूत करना है। उन्होंने कहा कि छत्तीसगढ़ को प्राकृतिक, सांस्कृतिक, इको-एथनिक और आध्यात्मिक पर्यटन के प्रमुख केंद्र के रूप में विकसित करने की दिशा में सरकार दीर्घकालिक योजना के साथ आगे बढ़ रही है।

 

 

Share The News




CLICK BELOW to get latest news on Whatsapp or Telegram.

 


 ‘विष्णु भैया’ का घर बना बहनों का मायका, तीजा-पोरा में उमड़ा उल्लास

By Reporter 5 / September 13, 2026 / 0 Comments
रायपुर। नवा रायपुर स्थित मुख्यमंत्री निवास शनिवार को तीजा-पोरा तिहार के अवसर पर छत्तीसगढ़ की समृद्ध लोकसंस्कृति, पारिवारिक आत्मीयता और मातृशक्ति के उल्लास का केंद्र बना रहा। प्रदेश के अलग-अलग अंचलों से बड़ी संख्या में माताएं, बहनें और बेटियां मुख्यमंत्री...

श्रवण यंत्र मिलते ही लौटी प्रमिला की सुनने की क्षमता, सपनों को मिले पंख

By User 6 / September 16, 2026 / 0 Comments
रायपुर। आधुनिक तकनीक और समय पर मिली सरकारी मदद किसी व्यक्ति के जीवन में कितना बड़ा बदलाव ला सकती है, नारायणपुर जिले की कक्षा 8वीं की छात्रा प्रमिला इसकी मिसाल बन गई है। श्रवण बाधिता के कारण लंबे समय से...

मनी प्लांट से जुड़ी खास बातें , इस दिशा में रखें इस चमत्कारिक पौधे को

By User 6 / September 11, 2026 / 0 Comments
मनी प्लांट एक लोकप्रिय पौधा है इसे हर कोई आने घरों में लगाता है. जैसा कि नाम से ही जाहिर है, मनी प्लांट को धन आकर्षित करने वाला पौधा माना गया है. यदि आप वास्तु नियमों का ध्यान रखते हुए...

महाभारत का फिर से होगा प्रकाशन, 14 सितंबर से देख सकेंगे शेमारू टीवी पर

By User 6 / September 11, 2026 / 0 Comments
बी. आर. चोपड़ा का ‘महाभारत’ ऐसी ही एक प्रतिष्ठित सीरीज़ है, जो दशकों बाद भी दर्शकों के दिलों में खास जगह बनाए हुए है। अब शेमारू टीवी टेलीविजन पर इस पौराणिक और कालजयी गाथा ‘महाभारत’ को 14 सितंबर से प्रतिदिन...

हनुमान अंश फिल्म देखने पहुंचे साय, छत्तीसगढ़ में टैक्स फ्री करने की घोषणा  

By Reporter 5 / September 11, 2026 / 0 Comments
रायपुर। राजधानी रायपुर में मुख्यमंत्री विष्णु देव साय ने सपरिवार फिल्म ‘हनुमान अंश’ देखी। जोरा मॉल स्थित सिनेमाघर में आयोजित इस विशेष फिल्म प्रदर्शन के दौरान राज्यपाल रमेन डेका और विधानसभा अध्यक्ष डॉ. रमन सिंह भी सपरिवार मौजूद रहे। मंत्रिपरिषद...

मुख्यमंत्री की संवेदनशील पहल से शशिकांत को मिला बेहतर इलाज का बड़ा सहारा

By Reporter 5 / September 11, 2026 / 0 Comments
रायपुर। मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय की संवेदनशील पहल से धमतरी जिले के ग्राम देवपुर निवासी 29 वर्षीय शशिकांत भरत को बेहतर इलाज की नई उम्मीद मिली है। शशिकांत की गंभीर स्वास्थ्य स्थिति की जानकारी सोशल मीडिया के माध्यम से मिलने के...

तीजा और गणेश चतुर्थी का शुभ संयोग, जानिए शुभ समय

By User 6 / September 13, 2026 / 0 Comments
रायपुर. 14 सितंबर सोमवार को श्री गणेश चतुर्थी और तीज व्रत दोनों ही रखा जाएगा है। चतुर्थी तिथि का प्रारंभ 14 सितंबर को प्रातः काल 7 बजकर 6 मिनट पर होगा और 15 सितंबर को प्रातः काल 7 बजकर 44...

भोरमदेव शक्कर कारखाने ने रचा इतिहास, लगातार दो साल देश में सबसे ज्यादा रिकवरी

By User 6 / September 14, 2026 / 0 Comments
रायपुर/कवर्धा । छत्तीसगढ़ के कवर्धा स्थित भोरमदेव सहकारी शक्कर कारखाना ने लगातार दो वर्षों तक देश में सर्वाधिक शुगर रिकवरी हासिल कर बड़ी उपलब्धि दर्ज की है। इस उपलब्धि के साथ कारखाने को वर्ष 2024-25 और 2025-26 के लिए राष्ट्रीय...

नुआखाई पर मुख्यमंत्री साय ने किसानों की सुख-समृद्धि की कामना की

By User 6 / September 15, 2026 / 0 Comments
रायपुर। मुख्यमंत्री विष्णु देव साय ने नई फसल के स्वागत और प्रकृति के प्रति कृतज्ञता व्यक्त करने वाले पावन पर्व नुआखाई के अवसर पर प्रदेशवासियों को हार्दिक बधाई एवं शुभकामनाएं दी हैं। उन्होंने इस अवसर पर अन्नदाता किसानों की सुख-समृद्धि,...

अरुण साव का आदेश, सुबह शहर में निकलें अधिकारी और देखें जमीनी हकीकत  

By Reporter 5 / September 11, 2026 / 0 Comments
रायपुर। छत्तीसगढ़ के उप मुख्यमंत्री एवं नगरीय प्रशासन एवं विकास मंत्री अरुण साव ने राज्य के सभी नगर निगमों और जिला मुख्यालय वाले नगर पालिकाओं के कार्यों की समीक्षा करते हुए अधिकारियों को शहरों की व्यवस्थाओं में सुधार और विकास...

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *