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नवा रायपुर में 119.89 करोड़ की आवासीय परियोजना, 348 घरों का होगा निर्माण

नीचे दोनों प्रेस विज्ञप्तियों को अलग-अलग SEO-friendly वेब-पोर्टल समाचार के रूप में तैयार किया गया है। भाषा को समाचार पोर्टल के अनुरूप रखा गया है और मूल सामग्री के आंकड़ों को यथासंभव बरकरार रखा गया है।

 

# छत्तीसगढ़ पर्यटन को वैश्विक पहचान दिलाने की तैयारी, 2028 तक नई ब्रांडिंग का लक्ष्य

 

रायपुर, 25 अगस्त 2026। छत्तीसगढ़ पर्यटन को देश के साथ-साथ अंतरराष्ट्रीय स्तर पर नई पहचान दिलाने की तैयारी तेज हो गई है। राज्य सरकार ने चित्रकोट, सिरपुर, बस्तर, मैनपाट और जशपुर जैसे प्रमुख पर्यटन स्थलों के विकास के साथ धार्मिक, सांस्कृतिक, इको-एथनिक और फिल्म पर्यटन को बढ़ावा देने की व्यापक कार्ययोजना तैयार की है। पर्यटन, संस्कृति, धार्मिक न्यास एवं धर्मस्व मंत्री राजेश अग्रवाल ने मंगलवार को नवा रायपुर स्थित छत्तीसगढ़ संवाद के ऑडिटोरियम में आयोजित प्रेस वार्ता में विभागीय उपलब्धियों और आगामी योजनाओं की जानकारी दी।

 

मंत्री राजेश अग्रवाल ने कहा कि छत्तीसगढ़ को प्रकृति ने चित्रकोट और तीरथगढ़ जैसे जलप्रपात, बस्तर और सरगुजा की समृद्ध जनजातीय संस्कृति, सिरपुर जैसी ऐतिहासिक विरासत तथा मां दंतेश्वरी और मां महामाया जैसे प्रमुख आस्था केंद्र प्रदान किए हैं। सरकार का लक्ष्य इन प्राकृतिक, सांस्कृतिक और आध्यात्मिक विरासतों को देश और दुनिया के सामने नई पहचान दिलाना है।

 

## पर्यटन क्षेत्र में निजी निवेश को बढ़ावा

 

राज्य में पर्यटन क्षेत्र में निजी निवेश को बढ़ावा देने के लिए कई महत्वपूर्ण पहल की गई हैं। पिछले लगभग ढाई वर्षों में फिल्म सिटी निर्माण के लिए 203 करोड़ 53 लाख रुपये के निवेश प्रस्ताव प्राप्त हुए हैं। फिल्म पर्यटन और बड़े आयोजनों को बढ़ावा देने के लिए फिल्म सिटी एवं कन्वेंशन सेंटर विकसित करने की दिशा में भी काम किया जा रहा है, जिसकी अनुमानित लागत लगभग 350 करोड़ रुपये है।

 

## अयोध्या-काशी दर्शन के लिए 61 ट्रेनें चलीं

 

श्री रामलला अयोध्या धाम दर्शन योजना के तहत आईआरसीटीसी के सहयोग से अब तक 61 ट्रेनों का संचालन किया जा चुका है। इन ट्रेनों के माध्यम से 50 हजार से अधिक श्रद्धालुओं को अयोध्या और काशी के दर्शन कराए गए हैं। सरकार का उद्देश्य प्रदेशवासियों के लिए धार्मिक एवं आध्यात्मिक पर्यटन को अधिक सुविधाजनक और व्यवस्थित बनाना है।

 

## होमस्टे से स्थानीय रोजगार को बढ़ावा

 

पर्यटन का लाभ स्थानीय परिवारों तक पहुंचाने के लिए होमस्टे और स्थानीय पर्यटन अर्थव्यवस्था को बढ़ावा दिया जा रहा है। इससे स्थानीय भोजन, हस्तशिल्प और युवाओं को पर्यटन से जोड़ने के अवसर बढ़ेंगे। वर्तमान में करीब 390 से अधिक टूर ऑपरेटर एवं ट्रैवल एजेंट तथा 26 होटल पंजीकृत हैं।

 

पर्यटक गाइड, आतिथ्य, फिल्म निर्माण, पर्यटन संचालन और डिजिटल कंटेंट जैसे क्षेत्रों में प्रशिक्षण देकर कम से कम 500 स्थानीय युवाओं को पर्यटन आधारित रोजगार से जोड़ने का लक्ष्य रखा गया है।

 

## चित्रकोट को विश्वस्तरीय पर्यटन स्थल बनाने की तैयारी

 

सरकार चित्रकोट को केवल जलप्रपात तक सीमित न रखते हुए विश्वस्तरीय पर्यटन गंतव्य के रूप में विकसित करने की दिशा में काम कर रही है। वहीं सिरपुर के विस्तृत पर्यटन विकास के लिए एकीकृत मास्टर प्लान तैयार किया जा रहा है। मैनपाट और जशपुर में भी पर्यटकों की सुविधाओं और पर्यटन अनुभव को बेहतर बनाने के प्रयास किए जा रहे हैं।

 

## भोरमदेव कॉरिडोर के लिए 145.99 करोड़ मंजूर

 

धार्मिक और सांस्कृतिक पर्यटन को बढ़ावा देने के लिए प्रमुख धार्मिक एवं सांस्कृतिक स्थलों को राष्ट्रीय पर्यटन मानचित्र पर प्रमुख स्थान दिलाने पर जोर दिया जा रहा है। भोरमदेव कॉरिडोर के विकास के लिए भारत सरकार ने 145 करोड़ 99 लाख रुपये की स्वीकृति दी है। रतनपुर महामाया मंदिर क्षेत्र सहित अन्य धार्मिक पर्यटन स्थलों के विकास के प्रस्ताव भी केंद्र सरकार को भेजे गए हैं।

 

## डिजिटल पर्यटन पर जोर, ऑनलाइन बुकिंग से करोड़ों का राजस्व

 

पर्यटन विभाग की नई वेबसाइट और मोबाइल ऐप के माध्यम से ऑनलाइन बुकिंग, डिजिटल जानकारी और पर्यटन सुविधाओं को एकीकृत किया जा रहा है। पिछले दो वर्षों में ऑनलाइन बुकिंग से लगभग 6 करोड़ 48 लाख रुपये तथा पर्यटन इकाइयों से लगभग 31 करोड़ 75 लाख रुपये का राजस्व प्राप्त हुआ है।

 

## 2028 तक पर्यटन की नई पहचान बनाने का लक्ष्य

 

राज्य सरकार ने वर्ष 2028 तक छत्तीसगढ़ पर्यटन की नई पहचान देश और दुनिया के सामने स्थापित करने का लक्ष्य रखा है। मुख्यमंत्री पर्यटन विकास मिशन के अंतर्गत अगले पांच वर्षों में प्रतिवर्ष 100 करोड़ रुपये के वित्तीय प्रावधान की दिशा में कार्य किया जा रहा है। प्रस्तावित पर्यटन नीति-2026 में सतत विकास, निजी निवेश, समुदाय आधारित पर्यटन और स्थानीय भागीदारी को प्राथमिकता दी जाएगी।

 

## 18 पर्यटन संपत्तियों में निजी भागीदारी

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छत्तीसगढ़ पर्यटन बोर्ड की 18 पर्यटन संपत्तियों को लीज-सह-विकास मॉडल के जरिए निजी क्षेत्र की भागीदारी से विकसित करने की योजना है। इससे करीब 500 करोड़ रुपये का निवेश आकर्षित होने तथा प्रत्यक्ष और अप्रत्यक्ष रूप से 500 से 1,000 रोजगार के अवसर पैदा होने की संभावना है।

 

## अंतरराष्ट्रीय मंचों पर होगी छत्तीसगढ़ की ब्रांडिंग

 

छत्तीसगढ़ की पर्यटन पहचान को अंतरराष्ट्रीय स्तर तक पहुंचाने के लिए इको-एथनिक, प्राकृतिक और सांस्कृतिक पर्यटन पर विशेष जोर दिया जाएगा। अंतरराष्ट्रीय पर्यटन मंचों में भागीदारी, फिल्म एवं ओटीटी आधारित प्रचार, अंतरराष्ट्रीय मीडिया आउटरीच और अंतरराष्ट्रीय इन्फ्लुएंसर फैम टूर जैसे प्रयास प्रस्तावित हैं।

 

## कलाकारों के कल्याण और संस्कृति संरक्षण पर फोकस

 

संस्कृति विभाग के माध्यम से कलाकारों और साहित्यकारों के कल्याण पर भी विशेष जोर दिया जा रहा है। कलाकार कल्याण कोष चिकित्सा अनुदान योजना के तहत पिछले ढाई वर्षों में 70 कलाकारों को करीब 30 लाख 3 हजार रुपये की सहायता दी गई है। वित्तीय वर्ष 2026-27 में अब तक 20 कलाकारों को 15 लाख 30 हजार रुपये की सहायता प्रदान की जा चुकी है।

 

मुख्यमंत्री लोक कलाकार प्रोत्साहन योजना के तहत नृत्य, संगीत, लोकनाट्य, लोकगाथा, छत्तीसगढ़ी भाषा में लेखन और अन्य लोककलाओं से जुड़े कलाकारों एवं लेखकों को आर्थिक प्रोत्साहन दिया जा रहा है। पिछले ढाई वर्षों में 87 कलाकारों को करीब 19 लाख 8 हजार रुपये की सहायता दी गई है।

 

## 407 वरिष्ठ कलाकारों और साहित्यकारों को पेंशन

 

वरिष्ठ कलाकारों एवं साहित्यकारों की आर्थिक सुरक्षा के लिए संचालित मासिक वित्तीय सहायता योजना के तहत पिछले ढाई वर्षों में 407 आर्थिक रूप से अभावग्रस्त वरिष्ठ कलाकारों एवं साहित्यकारों को 82 लाख 12 हजार रुपये की पेंशन दी गई है। वर्तमान वर्ष में अब तक 121 वरिष्ठ कलाकारों एवं साहित्यकारों को इसका लाभ मिल चुका है।

 

## बस्तर पंडुम से जनजातीय संस्कृति को नई पहचान

 

प्रदेश के विभिन्न जिलों में सूचीबद्ध 89 मेला-मड़ई, उत्सव-महोत्सव एवं समारोहों का आयोजन पूरे वर्ष किया जा रहा है। एलडब्ल्यूई प्रभावित जिलों में जनजातीय संस्कृति के संरक्षण के लिए स्थानीय परंपराओं, तीज-त्योहार, यात्रा, मेला-मड़ई तथा ऐतिहासिक एवं पुरातात्विक धार्मिक स्थलों पर सांस्कृतिक गतिविधियों के आयोजन के लिए ‘आदि पर्व’ पंचांग तैयार किया जा रहा है।

 

बस्तर की लोकपरंपरा और जनजातीय संस्कृति को व्यापक पहचान दिलाने के लिए पिछले दो वर्षों से ग्रामीण, ब्लॉक और जिला स्तर पर ‘बस्तर पंडुम’ का आयोजन किया जा रहा है। बस्तर पंडुम-2026 के विजेता कलाकार दलों, मांझी-चालकी प्रतिनिधियों और पद्मश्री विभूतियों सहित 209 सदस्यीय प्रतिनिधिमंडल को राष्ट्रपति भवन में राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मु से मुलाकात और सम्मान का अवसर मिला।

 

## लोककलाओं के संरक्षण के लिए नए आयोजन

 

‘पावस प्रसंग’, ‘रंगतरंग’, ‘रंगपरब’ और ‘लोकरंग पर्व’ जैसे आयोजनों के माध्यम से शास्त्रीय नृत्य-संगीत, लोकवाद्य, लोकनाट्य और पंडवानी, भरथरी, ददरिया, जसगीत, करमा, पंथी, बांसगीत तथा देवारगीत जैसी पारंपरिक लोकविधाओं को मंच दिया जा रहा है।

 

## संस्कृति का डिजिटल आर्काइव तैयार

 

छत्तीसगढ़ की लोककलाओं, लोकगीतों, जनजातीय परंपराओं और ऐतिहासिक धरोहरों को सुरक्षित रखने के लिए विस्तृत डिजिटल आर्काइव तैयार किया जा रहा है। इसके माध्यम से प्रदेश की सांस्कृतिक स्मृतियों और लोक परंपराओं को डिजिटल स्वरूप में आने वाली पीढ़ियों के लिए सुरक्षित किया जाएगा।

 

## सांस्कृतिक संस्थाओं को 7.85 करोड़ से अधिक की सहायता

 

पिछले ढाई वर्षों में 363 निजी सांस्कृतिक एवं साहित्यिक संस्थाओं को 854 सांस्कृतिक आयोजनों के लिए 7 करोड़ 85 लाख 3 हजार रुपये की आर्थिक अनुदान राशि स्वीकृत की गई है।

 

## नई फिल्म नीति की तैयारी

 

छत्तीसगढ़ में फिल्म निर्माण को बढ़ावा देने के लिए छत्तीसगढ़ फिल्म नीति-2021 में आवश्यक संशोधन की प्रक्रिया चल रही है। नई फिल्म नीति के जरिए प्रदेश के प्राकृतिक स्थलों पर फिल्म निर्माण को प्रोत्साहित करने और पात्र फिल्मों को सब्सिडी का लाभ देने की दिशा में काम किया जाएगा।

 

## सिरपुर को विश्व धरोहर बनाने की पहल

 

सिरपुर को विश्व धरोहर के रूप में स्थापित करने की दिशा में भी पहल की गई है। सिरपुर में बौद्ध, जैन और हिंदू स्थापत्य परंपराओं का अद्भुत सह-अस्तित्व है। सिरपुर विशेष क्षेत्र विकास प्राधिकरण द्वारा यूनेस्को के मानकों के अनुरूप नॉमिनेशन डोजियर तैयार कर भारत सरकार को प्रस्तुत किया गया है।

 

## 63 संरक्षित स्मारकों के संरक्षण पर काम

 

प्रदेश के 63 राज्य संरक्षित स्मारकों के संरक्षण का काम किया जा रहा है। वर्तमान वित्तीय वर्ष में 12 राज्य संरक्षित स्मारकों के संरक्षण, उन्नयन और पर्यटकीय सुविधाओं के विकास के लिए फेसलिफ्टिंग की कार्ययोजना तैयार की जा रही है।

 

## रायपुर संग्रहालय में नई रियासत गैलरी

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महंत घासीदास स्मारक संग्रहालय, रायपुर के उन्नयन के लिए नई रियासत गैलरी स्थापित करने तथा मौजूदा गैलरियों के विकास का प्रस्ताव तैयार किया जा रहा है। पुरखौती मुक्तांगन में लाइट एंड साउंड शो और संध्याकालीन कार्यक्रम शुरू करने की दिशा में भी काम किया जा रहा है।

 

## 12 लाख पृष्ठों का डिजिटल अभिलेखीकरण

 

छत्तीसगढ़ से संबंधित करीब 12 लाख पृष्ठों का डिजिटलीकरण कर रायपुर लाया गया है। इन डिजिटल अभिलेखों को वेब अभिलेखागार पोर्टल के जरिए नागरिकों, शोधकर्ताओं और विद्यार्थियों के लिए ऑनलाइन उपलब्ध कराने की तैयारी की जा रही है।

 

## 2750 वर्ष पुरानी मानव बसाहट के प्रमाण

 

पुरातत्व विभाग द्वारा अब तक 11 पुरास्थलों का उत्खनन कराया जा चुका है। रायपुर जिले के आरंग तहसील में लखौली के पास रीवां के मृत्तिकागढ़ में हुए पुरातात्विक उत्खनन से करीब 2750 वर्ष पुरानी मानव बसाहट के प्रमाण सामने आए हैं। उत्खनन में प्रारंभिक ऐतिहासिक काल से लेकर कलचुरी काल तक के अवशेष मिले हैं।

 

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रायपुर। नवा रायपुर अटल नगर में आवासीय सुविधाओं के विस्तार को लेकर राज्य सरकार ने बड़ा कदम उठाया है। आवास एवं पर्यावरण मंत्री ओपी चौधरी ने मंगलवार को सेक्टर-12 फेस-2 में छत्तीसगढ़ गृह निर्माण एवं अधोसंरचना विकास मंडल की 119.89 करोड़ रुपये की आवासीय परियोजना का भूमिपूजन किया। परियोजना के तहत HIG और MIG श्रेणी के कुल 348 भवनों का निर्माण किया जाएगा। इसके साथ ही बढ़ती मांग को देखते हुए इसी सेक्टर में आगामी चरण में 704 नए फ्लैट भी बनाए जाएंगे।

 

मंत्री ओपी चौधरी ने कहा कि नवा रायपुर अटल नगर में आवासीय सुविधाओं के विस्तार की दिशा में यह महत्वपूर्ण कदम है। सरकार की प्राथमिकता मांग आधारित, गुणवत्तापूर्ण और समयबद्ध आवासीय परियोजनाएं विकसित करना है।

 

## बिना मांग के शुरू नहीं होगी नई आवासीय परियोजना

मंत्री ने कहा कि छत्तीसगढ़ गृह निर्माण एवं अधोसंरचना विकास मंडल की कार्यप्रणाली में कई नीतिगत सुधार किए गए हैं। उन्होंने बताया कि एक समय कर्ज से जूझ रहे मंडल ने करीब 700 करोड़ रुपये का ऋण चुकाकर खुद को कर्जमुक्त किया है।

 

अब नई नीति के तहत बिना मांग के किसी स्थान पर आवासीय परियोजना शुरू नहीं की जाएगी। किसी परियोजना में 60 प्रतिशत बुकिंग होने अथवा शुरुआती तीन महीनों में 30 प्रतिशत बुकिंग होने के बाद ही टेंडर प्रक्रिया आगे बढ़ाई जाएगी। सरकार का मानना है कि इससे बिना मांग के आवास बनाकर लंबे समय तक खाली रहने की समस्या कम होगी।

 

## हाउसिंग बोर्ड की कॉलोनियों में गुणवत्ता होगी सर्वोच्च प्राथमिकता

 

ओपी चौधरी ने कहा कि गृह निर्माण मंडल को केवल मकान बनाने वाली संस्था के बजाय एक प्रोफेशनल ऑर्गेनाइजेशन के रूप में विकसित करना होगा। उन्होंने निर्माण कार्यों में गुणवत्ता को सर्वोच्च प्राथमिकता देने के निर्देश दिए।

 

मंत्री ने कहा कि केवल सरकारी SOR के आधार पर काम करने के बजाय जरूरत के अनुसार बेहतर गुणवत्ता वाली सामग्री का इस्तेमाल किया जाना चाहिए। भवनों में गुणवत्तापूर्ण टाइल्स, फिटिंग्स और आधुनिक रंगों का उपयोग करने के निर्देश दिए गए हैं।

 

उन्होंने कहा कि गुणवत्ता सुधार के लिए यदि परियोजना लागत में 5 से 10 प्रतिशत तक वृद्धि होती है तो इसे उपभोक्ताओं को बेहतर सुविधाएं देने के दृष्टिकोण से देखा जाना चाहिए।

 

## RWA मजबूत करने और समय पर कॉलोनी हैंडओवर पर जोर

 

मंत्री ने हाउसिंग बोर्ड की कॉलोनियों में रेजिडेंट वेलफेयर एसोसिएशन यानी RWA को मजबूत करने पर भी जोर दिया। उन्होंने कहा कि कॉलोनी के विकास और रखरखाव में सरकार के साथ रहवासियों की भी महत्वपूर्ण भूमिका है।

 

उन्होंने सेक्टर-12 के रहवासियों से RWA का गठन कर कॉलोनी के रखरखाव में सक्रिय भूमिका निभाने की अपील की। नए हितग्राहियों से भी निर्माण गुणवत्ता की निगरानी में सहयोग करने को कहा गया।

 

## नवा रायपुर में शिक्षा, स्वास्थ्य और तकनीक का विस्तार

 

मंत्री ओपी चौधरी ने कहा कि नवा रायपुर अटल नगर देश की प्रमुख ग्रीनफील्ड सिटी के रूप में तेजी से विकसित हो रहा है। नवा रायपुर का करीब एक-तिहाई हिस्सा रिक्रिएशनल क्षेत्र के रूप में विकसित किया गया है, जबकि 28 प्रतिशत से अधिक क्षेत्र में हरियाली है।

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उन्होंने कहा कि नवा रायपुर में NIFT, NFSU, NIELIT, IIM, HNLU और IIIT जैसे प्रतिष्ठित संस्थान मौजूद हैं। इसके अलावा नरसी मोनजी इंस्टीट्यूट ऑफ मैनेजमेंट स्टडीज, श्री श्री रविशंकर केंद्र, ब्रह्मकुमारी परिसर, एआई डेटा सेंटर और सेमीकंडक्टर यूनिट जैसी परियोजनाएं भी शहर के विकास को गति दे रही हैं।

 

## स्वास्थ्य सुविधाओं का भी हो रहा विस्तार

 

नवा रायपुर में स्वास्थ्य क्षेत्र के विस्तार का भी उल्लेख करते हुए मंत्री ने कहा कि सत्य साईं अस्पताल में जरूरतमंद मरीजों के निःशुल्क हृदय ऑपरेशन किए जा रहे हैं। अस्पताल परिसर के विस्तार के लिए अतिरिक्त भूमि उपलब्ध कराई गई है। यहां हेल्थ ट्रेनिंग सेंटर, जीनोम रिसर्च सेंटर और नर्सिंग कॉलेज जैसी सुविधाओं के विकास की योजना है।

 

## खेल, कॉन्फ्रेंस और वेडिंग डेस्टिनेशन के रूप में बढ़ रही पहचान

 

मंत्री ने कहा कि नवा रायपुर अब केवल प्रशासनिक राजधानी के रूप में नहीं, बल्कि खेल, कॉन्फ्रेंस, शिक्षा, स्वास्थ्य और वेडिंग डेस्टिनेशन के रूप में भी तेजी से विकसित हो रहा है। आने वाले एक-दो वर्षों में वर्तमान में चल रही कई परियोजनाओं का असर दिखाई देगा।

 

उन्होंने निर्माण एजेंसी और अधिकारियों को परियोजना निर्धारित समय सीमा से पहले गुणवत्तापूर्ण तरीके से पूरा करने के निर्देश दिए।

 

## सेक्टर-12 फेस-2 में 704 नए फ्लैट भी बनेंगे

 

छत्तीसगढ़ गृह निर्माण एवं अधोसंरचना विकास मंडल के अध्यक्ष अनुराग सिंह देव ने बताया कि सेक्टर-12 फेस-2 की शेष 29.20 एकड़ भूमि पर HIG और MIG श्रेणी के कुल 348 भवनों का निर्माण किया जाएगा। इन भवनों का बेस विक्रय मूल्य 45.70 लाख रुपये से 85.17 लाख रुपये तक निर्धारित किया गया है।

 

उन्होंने बताया कि आवासों की बढ़ती मांग को देखते हुए आगामी चरण में 704 नए फ्लैट बनाए जाएंगे। इनमें 128 HIG, 320 MIG और 256 LIG श्रेणी के फ्लैट शामिल होंगे। इन आवासों का प्रस्तावित बेस विक्रय मूल्य 16.76 लाख रुपये से 40.47 लाख रुपये तक है।

 

## समयबद्ध और गुणवत्तापूर्ण निर्माण प्राथमिकता

 

मंडल के सचिव अंकित आनंद ने कहा कि आवासीय परियोजनाओं में गुणवत्ता, पारदर्शिता और समयबद्धता को प्राथमिकता दी जा रही है। सेक्टर-12 फेस-2 की परियोजना को निर्धारित समय सीमा में पूरा कर हितग्राहियों को बेहतर आवास उपलब्ध कराने के लिए सभी आवश्यक कदम उठाए जा रहे हैं।

 

## नवा रायपुर में पहले भी बन चुकी हैं हजारों आवासीय इकाइयां

 

मंडल के आयुक्त अवनीश शरण ने बताया कि वर्ष 2007 में सेक्टर-27 की 154 एकड़ भूमि पर पहली आवासीय कॉलोनी शुरू की गई थी। यहां 2665 स्वतंत्र भवन एवं फ्लैट का निर्माण वर्ष 2014 में पूरा कर आबंटियों को सौंपा गया।

 

वर्ष 2011 में सेक्टर-29 की 145 एकड़ भूमि पर दूसरी आवासीय कॉलोनी शुरू हुई, जहां 3012 स्वतंत्र भवन एवं फ्लैट का निर्माण वर्ष 2015 में पूरा कर हितग्राहियों को सौंपा गया।

 

प्रधानमंत्री आवास योजना और मुख्यमंत्री आवास योजना के तहत सेक्टर-16, 30 और 34 की 43 एकड़ भूमि पर वर्ष 2016 से आवास निर्माण शुरू किया गया। यहां कमजोर आय वर्ग के लिए 2312 EWS और 2232 LIG, कुल 4544 फ्लैट का निर्माण किया जा रहा है। इनमें से 1871 भवनों का आधिपत्य हितग्राहियों को सौंपा जा चुका है।

 

वहीं सेक्टर-12 फेस-1 में 40.06 एकड़ भूमि पर वर्ष 2018 में शुरू की गई आवासीय परियोजना में HIG और MIG श्रेणी के 450 स्वतंत्र भवनों का निर्माण एवं विकास कार्य पूरा कर आबंटियों को सौंपा जा चुका है।

 

## ‘एक पेड़ मां के नाम’ के तहत पीपल का पौधा रोपा

 

कार्यक्रम के दौरान ‘एक पेड़ मां के नाम’ अभियान के तहत पौधरोपण भी किया गया। आवास एवं पर्यावरण मंत्री ओपी चौधरी सहित उपस्थित अतिथियों ने पीपल का पौधा रोपकर पर्यावरण संरक्षण का संदेश दिया।

 

मंत्री ने कहा कि नवा रायपुर अटल नगर को हरित और पर्यावरण-अनुकूल शहर के रूप में विकसित करने में पौधरोपण और पौधों का संरक्षण महत्वपूर्ण भूमिका निभाएगा। कार्यक्रम में जनप्रतिनिधि, मंडल के अधिकारी-कर्मचारी, सेक्टर-12 के रहवासी, नए हितग्राही और मीडिया प्रतिनिधि मौजूद रहे।

 

 

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