रायपुर। सेवा संकल्प अभियान के तहत रायगढ़ के पंजीयन कार्यालय को आधुनिक सुविधाओं से युक्त मॉडल पंजीयन कार्यालय के रूप में विकसित किया गया है। यहां पंजीयन प्रक्रिया को सरल, पारदर्शी और नागरिक-केंद्रित बनाने के लिए तकनीक के साथ-साथ व्यवस्थागत बदलाव किए गए हैं। कार्यालय में अब प्रक्रिया का केंद्र केवल विभागीय कार्यप्रणाली नहीं, बल्कि नागरिकों की सुविधा और जरूरतों को बनाया गया है।
संपत्ति की रजिस्ट्री किसी व्यक्ति और परिवार के लिए महत्वपूर्ण प्रक्रिया होती है। इसे ध्यान में रखते हुए रायगढ़ के मॉडल पंजीयन कार्यालय में पंजीयन प्रक्रिया के विभिन्न चरणों को व्यवस्थित किया गया है, ताकि नागरिकों को अनावश्यक परेशानी और बार-बार कार्यालय आने की जरूरत न पड़े।
कार्यालय में प्रवेश के साथ ही नागरिकों को आवश्यक जानकारी देने के लिए हेल्प डेस्क और रिसेप्शन की व्यवस्था की गई है। दस्तावेजों की प्रारंभिक जांच यानी प्री-चेक की सुविधा से दस्तावेजों में किसी कमी की जानकारी प्रक्रिया के शुरुआती चरण में ही मिल जाती है। इससे अंतिम चरण में होने वाली परेशानी और समय की बचत होती है।
भीड़ और कतार को व्यवस्थित करने के लिए टोकन आधारित कतार प्रबंधन प्रणाली लागू की गई है। वहीं, मुद्रांक शुल्क, पंजीयन शुल्क और आवश्यक दस्तावेजों से संबंधित जानकारी बोर्ड और डिजिटल डिस्प्ले के माध्यम से उपलब्ध कराई जा रही है। डिजिटल और कैशलेस भुगतान की सुविधा से लेन-देन को अधिक पारदर्शी और सुविधाजनक बनाया गया है।
मॉडल पंजीयन कार्यालय में प्रतिदिन औसतन 64 नागरिक सेवाएं प्राप्त कर रहे हैं, जबकि औसतन 16 दस्तावेजों का प्रतिदिन पंजीयन किया जा रहा है। नागरिकों का औसत प्रतीक्षा समय 15.33 मिनट दर्ज किया गया है। कार्यालय को लेकर अब तक प्राप्त फीडबैक में 105 सकारात्मक नागरिक प्रतिक्रियाएं भी दर्ज की गई हैं।
पंजीयन कार्यालय की पूरी प्रक्रिया को नौ चरणों में व्यवस्थित किया गया है। इसमें कार्यालय में प्रवेश, हेल्प डेस्क से मार्गदर्शन, दस्तावेजों का प्री-चेक, टोकन प्राप्त करना, व्यवस्थित प्रतीक्षा, निर्धारित पंजीयन प्रक्रिया, डिजिटल अथवा कैशलेस भुगतान, दस्तावेज और स्टेटस की जानकारी तथा कार्य पूर्ण होने के बाद नागरिकों के सम्मानजनक निकास की व्यवस्था शामिल है।
नागरिकों की सुविधा के लिए कार्यालय में वातानुकूलित प्रतीक्षालय, आरामदायक लाउंज, चार्जिंग स्टेशन, स्वच्छ पेयजल और शौचालय जैसी सुविधाएं भी उपलब्ध कराई गई हैं। वरिष्ठ नागरिकों और दिव्यांगजनों के लिए विशेष सहायता की व्यवस्था की गई है। इसके अलावा नागरिक क्यूआर कोड के माध्यम से अपने अनुभव और सुझाव सीधे साझा कर सकते हैं।
सेवाओं को निर्बाध बनाए रखने के लिए कार्यालय में समर्पित सर्वर रूम और मजबूत आईटी अधोसंरचना विकसित की गई है। मॉडल पंजीयन कार्यालय की व्यवस्था केवल आधुनिक सुविधाओं तक सीमित नहीं है, बल्कि सरल प्रक्रिया, तकनीकी व्यवस्था, पारदर्शिता, जवाबदेही और नागरिकों के प्रति संवेदनशील व्यवहार को भी इसमें शामिल किया गया है।
मुख्यमंत्री विष्णु देव साय के नेतृत्व में सुशासन और नागरिक सुविधाओं को प्राथमिकता देने तथा वित्त मंत्री ओपी चौधरी की पहल से विकसित रायगढ़ का मॉडल पंजीयन कार्यालय सरकारी सेवाओं को अधिक सरल और सुविधाजनक बनाने की दिशा में किए गए प्रयासों को दर्शाता है। तकनीक, सुव्यवस्थित प्रक्रियाओं और नागरिक-केंद्रित कार्यसंस्कृति के माध्यम से यहां लोगों के समय का सम्मान करते हुए बेहतर सेवा अनुभव उपलब्ध कराने का प्रयास किया जा रहा है।









