अफगानिस्तान से नाटो और अमेरिका सैनिकों की वापसी के बीच तालिबान तेजी से अपना कदम बढा रहा है। अफगानिस्तान में जारी खूनी संघर्ष के बीच तालिबान ने सबसे बड़े शहर कंधार पर कब्जा कर लिया है। तालिबान ने दावा किया कि उसने एक और प्रांतीय राजधानी कंधार पर कब्जा कर लिया है। अब राजधानी काबुल उससे बचा है। काबुल के बाद कंधार दूसरा सबसे बड़ा शहर है।
अफगानिस्तान सरकार के अधिकारियों ने बताया कहा कि कंधार पर तालिबानियों का कब्जा हो गया और सरकारी अधिकारी और उनका दल हवाई मार्ग से किसी तरह शहर से भागने में सफल रहे। अफगानिस्तान में तालिबान की पकड़ धीरे-धीरे मजबूत होती जा रही है। अब तालिबानियों का अगला टारगेट काबुल होगा, मगर अभी काबुल खतरे से बाहर दिख रहा है।
कंधार पर कब्जा करने से पहले तालिबान ने दो और प्रांतीय राजधानी गजनी और हेरात पर कब्जा कर लिया था। तालिबानी लड़ाके काबुल से महज 130 किलोमीटर दूर है। इस तरह से आतंकवादी संगठन अब तक 12 प्रांतीय राजधानियों पर कब्जा कर चुका है। गजनी में उग्रवादियों ने श्वेत झंडे फहराए। दो स्थानीय अधिकारियों ने बताया कि शहर के बाहर स्थित एक सैन्य प्रतिष्ठान और खुफिया ठिकाने पर छिटपुट लड़ाई अब भी चल रही है। तालिबान की ओर से ऑनलाइन वीडियो और तस्वीरें डाली गईं, जिनमें उसके लड़ाके गजनी प्रांत की राजधानी गजनी में नजर आ रहे हैं।
कई दिनों से जारी लड़ाई पर अफगान सुरक्षा बल और सरकार कोई टिप्पणी करने को तैयार नहीं हैं। लगातार बढ़त बना रहे तालिबान से काबुल को सीधे खतरा नहीं है, लेकिन उसकी बढ़त सवाल खड़े करती है कि अफगान सरकार अपने पास बचे इलाकों को कब तक नियंत्रण में रख पाएगी। संभवत: सरकार राजधानी और कुछ अन्य शहरों को बचाने के लिए अपने कदम वापस लेने पर मजबूर हो जाए क्योंकि लड़ाई के कारण विस्थापित हजारों लोग काबुल भाग आए हैं और खुले स्थानों और उद्यानों में रह रहे हैं।










