सामान्य तौर पर लोग कोविड-19 को श्वसन संबंधी बीमारी के रूप में जानते हैैं, लेकिन यह शरीर के दूसरे अंगों को भी नुकसान पहुंचा सकता है। यहां तक कि यह ब्लड शुगर को अनियंत्रित करके डायबिटीज के खतरे को भी बढ़ा सकता है।
अबतक यह साफ नहीं था कि सार्स सीओवी-2 वायरस किस प्रकार डायबिटीज के खतरे को बढ़ाता है। जापानी शोधकर्ताओं ने एक अहम जीन की खोज के जरिये इस रहस्य से पर्दा उठाया है। यह जीन कोरोना संक्रमण के बाद डायबिटीज की शुरुआत के लिए जिम्मेदार पाया गया। अध्ययन निष्कर्ष मेटाबालिज्म नामक पत्रिका में प्रकाशित हुआ है।
अध्ययन के प्रथम लेखक जिहून शिन के अनुसार, ‘इंसुलिन का संकेतक मार्ग ऊर्जा उपापचय व कोशिका अस्तित्व के नियमन में काफी अहम है। इसलिए, हमें संदेह था कि सार्स सीओवी-2 इसके संकेतक मार्ग को बाधित करते हुए ब्लड शुगर के नियमन में समस्या पैदा करता है।” इसकी जांच के लिए शोधकर्ताओं ने मरीजों के जीन से जुड़े आंकड़ों के साथ-साथ सार्स सीओवी-2 संक्रमण के माडलों का विश्लेषण किया। उन्होंने खासतौर पर उन जीन पर नजर रखी, जो गैर संक्रमित लोगों में मौजूद जीन की तुलना में कम अथवा ज्यादा सक्रिय थे।
अध्ययन के वरिष्ठ लेखक लिचिरो शिमोमुरा के अनुसार, ‘सार्स सीओवी-2 ने फेफड़ों, लिवर व पेंक्रियाज आदि अंगों में इंसुलिन अथवा आइजीएफ के संकेतक मार्ग को प्रभावित किया। उन हिस्सों में ज्यादा बदलाव हुए, जहां इंटरफेरान रेगुलेटरी फैक्टर-1 (आइआरएफ-1) सक्रिय थे।”










