सूचना-प्रौद्योगिकी, बैंकिंग और वित्तीय शेयरों में भारी खरीदारी से सेंसेक्स 515 अंक की छलांग लगाकर चार महीने बाद 59,000 के स्तर को फिर पार करने में सफल रहा। 30 शेयरों वाला बीएसई सूचकांक 515.31 अंक या 0.88 प्रतिशत बढ़कर 59,332.60 पर बंद हुआ। इसी साल आठ अप्रैल के बाद यह इसका उच्चतम स्तर है।
वहीं एनएसई निफ्टी 124.25 अंक या 124.25 प्रतिशत बढ़कर 17,659 पर बंद हुआ। सेंसेक्स चार्ट के 30 में से 19 काउंटरों में बढ़त दर्ज की गई। एक्सिस बैंक 2.75 प्रतिशत चढ़कर शीर्ष पर रहा। विशेषज्ञों के मुताबिक अमेरिकी मुद्रास्फीति के आंकड़े अनुमान से कम रहने से निवेशकों का उत्साह बढ़ा और उन्होंने जमकर खरीदारी की। निवेशकों को उम्मीद है कि फेडरल रिजर्व अपनी अगली बैठक में ब्याज दरों में किसी तरह की आक्रामक वृद्धि नहीं करेगा।
कोटल सिक्योरिटीज लिमिटेड के इक्विटी रिसर्च (रिटेल) के प्रमुख श्रीकांत चौहान ने कहा, ‘पिछले कुछ सत्रों में कच्चे तेल की कीमतों में गिरावट और स्थानीय शेयर बाजार में विदेशी निवेशकों के एक बार फिर सक्रिय होने से राहत के संकेत हैं।” मोतीलाल ओसवाल फाइनेंशियल सर्विसेज के रिटेल रिसर्च हेड सिद्धार्थ खेमका ने कहा कि पिछले कुछ हफ्तों में कमोडिटी की कीमतों में नरमी आई है, जिससे रिकार्ड मुद्रास्फीति से राहत मिली है।
भारत की मुद्रास्फीति का डाटा शुक्रवार को जारी किया जाएगा। उन्होंने कहा कि कीमतों में नरमी का असर चालू वित्त वर्ष की दूसरी छमाही में कंपनियों की आय में दिखाई देगा। उन्होंने कहा कि बाजार में आगे भी इस तरह की तेजी जारी रहने की संभावना है। हालांकि मिश्रित वैश्विक संकेतों और बढ़ते भू-राजनीतिक तनावों को देखते हुए अस्थिरता से इन्कार नहीं किया जा सकता है।










