देशभर में डॉक्टरों और स्वास्थ्य कर्मियों पर हुए हमले को देखते हुए केंद्र की मोदी सरकार ने संज्ञान लिया है। केंद्र सरकार ने राज्यों को कार्रवाई करने के निर्देश जारी किए हैं। इस संबंध में केंद्रीय गृह सचिव अजय भल्ला ने सभी राज्यों एवं केंद्र शासित प्रदेशों के मुख्य सचिवों और प्रशासकों को स्वास्थ्य कर्मियों के हमलों की घटनाओं की जांच के उपायों के कार्यान्वयन के लिए पत्र लिखा है। पत्र में कहा गया है कि वह स्वास्थ्य कर्मियों पर हमला करने वालों पर एफआईआर दर्ज करें।
केंद्र सरकार की ओर से कहा गया है कि चिकित्सकों, स्वास्थ्य सेवाकर्मियों पर कोई हमला उनके बीच असुरक्षा की भावना पैदा कर सकता है। पिछले दिनों डॉक्टरों के खिलाफ हिंसा के विरुद्ध केंद्रीय कानून की मांग पर दबाव बनाने के लिए बिहार और मध्य केरल में डॉक्टरों ने क्लीनिक को बंद रखा था। इस तरह की हिंसा को रोकने के लिए आईएमए की प्रत्येक शाखा में एक समन्वय टीम बनाने के लिए जन संवाद की व्यवस्था की गई है।
आईएमए ने एक बयान में कहा, ‘डॉक्टरों और स्वास्थ्य पेशेवरों के खिलाफ बढ़ती हिंसा को देखकर हम बहुत आहत हैं। यह दिन-ब-दिन हो रहा है। आईएमए हिंसा के खिलाफ कानून के लिए दबाव बना रहा है।’ अब स्वास्थ्य मंत्रालय ने इन खबरों पर सख्त रुख अख्तियार किया है। मंत्रालय ने राज्यों को लिखे एक खत में निर्देश दिया है कि डॉक्टरों की सुरक्षा का पूरा खयाल रखा जाए। इस खत में कहा गया है कि केंद्र सरकार एक अध्यादेश लेकर आई थी, जो अब एक एक्ट बन चुका है, जिसके मुताबिक डॉक्टरों के खिलाफ हिंसा एक गैर जमानती और संज्ञेय अपराध है। मंत्रालय ने कहा है कि सभी राज्य सुनिश्चित करें कि चिकित्सक भयमुक्त माहौल में लोगों का इलाज कर सकें।
स्वास्थ्य मंत्रालय ने साफ कर दिया है कि डॉक्टरों के साथ किसी भी तरह की हिंसा गैर-जमानती अपराध की श्रेणी में आती है। महामारी रोग (संशोधन) अधिनियम 2020 के प्रावधानों के अनुसार डॉक्टरों और स्वास्थ्य पेशेवरों पर हमले में शामिल किसी भी व्यक्ति को पांच साल तक की कैद हो सकती है तथा दो लाख रुपये तक का जुर्माना लगाया जा सकता है। यही नहीं यदि किसी स्वास्थ्य सेवा कर्मी के खिलाफ हिंसा की कार्रवाई से उसे गंभीर क्षति पहुंचती है तो अपराध करने वाले व्यक्ति को सात साल तक की कैद हो सकती है साथ ही पांच लाख रुपये तक के जुर्माने की सजा हो सकती है।
CLICK BELOW to get latest news on Whatsapp or Telegram.
By User 6 /
July 23, 2026 /
नई दिल्ली। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने देशभर में पेपर लीक मामले को लेकर जारी विरोध-प्रदर्शन के बीच वीरवार को सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म X पर बड़ा ऐलान किया। उन्होंने कहा कि पेपर लीक के मामलों में दोषियों को जल्द सजा दिलाने...
By User 6 /
July 24, 2026 /
रायपुर। राजधानी रायपुर में शुक्रवार सुबह आमानाका ओवरब्रिज पर तेज रफ्तार कार की ने कई लोगों को घायल किया है. दुर्ग की ओर से रविशंकर विश्वविद्यालय की दिशा में आने वाले फ्लाईओवर के ढलान पर एक कार ने आधा दर्जन...
By Reporter 5 /
July 26, 2026 /
रायपुर। ट्रेन यात्रा के दौरान सफाई व्यवस्था पर एक बार फिर सवाल खड़े हो गए हैं। 25 जुलाई को रायपुर से सिकंदराबाद जा रहे एक यात्री ने ट्रेन के कोच में कॉकरोच मिलने की शिकायत करते हुए रेलवे प्रशासन को...
By User 6 /
July 24, 2026 /
नई दिल्ली. दिल्ली के जंतर-मंतर पर NEET-UG पेपर लीक के विरोध में कॉकरोच जनता पार्टी (CJP) का प्रदर्शन शुक्रवार को 35वें दिन भी जारी है। आज दोपहर 12:30 बजे CJP के प्रतिनिधिमंडल की केंद्रीय मंत्रियों से मुलाकात हो सकती है।...
By User 6 /
July 24, 2026 /
रायपुर, 23 जुलाई 2026।मातृ एवं शिशु पोषण को लेकर जागरूकता बढ़ाने के उद्देश्य से यूनिसेफ द्वारा रायपुर में “विश्व स्तनपान सप्ताह एवं स्वस्थ आहार” विषय पर मीडिया कार्यशाला का आयोजन किया गया। होटल सयाजी में आयोजित इस कार्यशाला में प्रिंट,...
By Reporter 5 /
July 25, 2026 /
नई दिल्ली। NEET पेपर लीक विवाद और देशभर में छात्रों के लगातार प्रदर्शन के बीच केंद्रीय शिक्षा मंत्री धर्मेंद्र प्रधान ने अपने पद से इस्तीफा दे दिया है। उन्होंने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी को भेजे अपने इस्तीफे में कहा कि बीते...
By Reporter 5 /
July 25, 2026 /
नई दिल्ली: केंद्रीय शिक्षा मंत्री धर्मेंद्र प्रधान का इस्तीफा राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मू ने स्वीकार कर लिया है। प्रधानमंत्री की सलाह पर केंद्रीय मंत्री प्रह्लाद जोशी को उनके वर्तमान मंत्रालयों के साथ शिक्षा मंत्रालय का अतिरिक्त प्रभार सौंपा गया है। आदेश...
By User 6 /
July 22, 2026 /
नई दिल्ली। NEET एग्जाम पेपर लीक मामले में विपक्षी सांसदों ने सरकार के खिलाफ अपना रुख कड़ा कर लिया है। नाराजगी व्यक्त करने विपक्षी राहुल गांधी, प्रियंका गांधी और अखिलेश यादव समेत कई सांसदों ने काले कपड़े पहनकर जबरदस्त विरोध...
By User 6 /
July 23, 2026 /
आज के समय में हर पेरेंट्स चाहता है कि उनका बच्चा सबसे तेज, होशियार हो....लेकिन सिर्फ कहने और चाहने से ऐसा नहीं होता. कई बच्चे ऐसे होते है जो मेहनत तो करते हैं लेकिन उन्हें उतना रिजल्ट नहीं मिल पाता,...
By User 6 /
July 27, 2026 /
रायपुर, 27 जुलाई 2026। छत्तीसगढ़ में समावेशी शिक्षा को बढ़ावा देने की दिशा में मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय के नेतृत्व में एक और मानवीय पहल सामने आई है। राज्य सरकार द्वारा विशेष आवश्यकता वाले बच्चों को आत्मनिर्भर बनाने के लिए चलाए...