अमेरिकन हार्ट एसोसिएशन की प्रतिष्ठित पत्रिका आर्ट में प्रकाशित एक हालिया अध्ययन में विज्ञानियों ने दावा किया है कि सिगरेट अथवा ई-सिगरेट, दोनों आश्चर्यजनक रूप से हृदय को बराबर नुकसान पहुंचाती हैं। सिगरेट या ई-सिगरेट पीने वालों के शरीर में फारेन सब्सटैंस प्रवेश करके वायुमार्ग में जलन पैदा करते हैं, जिससे रक्तवाहिकाओं का कार्य प्रभावित होता है। बाहर निर्मित तत्व जब अवांछित रूप से शरीर में प्रवेश कर जाते हैं, तो उन्हें फारेन सब्सटेंस कहा जाता है।
सिगरेट का धुआं या ई-सिगरेट की भाप, दोनों एंडोथेलियल कोशिकाओं को निष्क्रिय करते हैं, जिससे बड़ी रक्त धमनियां हृदय व अन्य ऊतकों को पर्याप्त खून पहुंचाने में अक्षम होने लगती हैं। यह दिल की बीमारी का प्रारंभिक लक्षण भी है। रक्त वाहिकाओं में पाई जाने वाली एंडोथेलियल कोशिकाएं रक्तप्रवाह प्रणाली व ऊतकों तथा प्रतिरक्षा संबंधी व उत्तेजित करने वाली प्रतिक्रियाओं के बीच तत्वों के आदान-प्रदान का नियंत्रण करती हैं।
यूनिवर्सिटी आफ कैलिफोर्निया में प्रोफेसर व अध्ययन के प्रमुख लेखक मैथ्यू एल.स्प्रिंगर के अनुसार,”अध्ययन के दौरान यह जानने का प्रयास किया गया कि सामान्य सिगरेट,अन्य ज्वलनशील तंबाकू व ई-सिगरेट मूलभूत अंतर के बावजूद एंडोथेलियल कोशिकाओं की कार्यप्रणाली को क्यों प्रभावित करती हैं। तंबाकू के धुएं में बड़ी संख्या में रसायन पाए जा चुके हैं, जिनमें से कुछ ई-सिगरेट के एरोसोल में भी मौजूद थे।”










