रायपुर, 10 मार्च 2026।छत्तीसगढ़ विधानसभा में खाद्य, नागरिक आपूर्ति एवं उपभोक्ता संरक्षण विभाग के लिए वित्तीय वर्ष 2026-27 हेतु 6216 करोड़ 73 लाख 82 हजार रुपये की अनुदान मांगें सर्वसम्मति से पारित कर दी गईं। विभागीय बजट पर चर्चा के दौरान सरकार ने किसानों और गरीब परिवारों की खाद्य सुरक्षा को प्राथमिकता देने की बात कही।
खाद्य मंत्री दयालदास बघेल ने सदन में विभागीय योजनाओं और उपलब्धियों का उल्लेख करते हुए कहा कि सरकार किसानों को उनकी उपज का उचित मूल्य दिलाने और जरूरतमंद परिवारों तक खाद्यान्न पहुंचाने के लिए प्रतिबद्ध है।
## समर्थन मूल्य पर रिकॉर्ड धान खरीदी
सरकार के अनुसार खरीफ विपणन वर्ष 2025-26 में राज्य के 25 लाख 24 हजार 339 किसानों से समर्थन मूल्य पर 141 लाख 04 हजार 365 टन धान खरीदी गई। इस धान की कुल कीमत लगभग 33 हजार 431 करोड़ रुपये रही। किसानों को उनकी उपज का भुगतान सीधे बैंक खातों में किया गया।
धान खरीदी प्रक्रिया को पारदर्शी बनाने के लिए किसानों का पंजीयन एग्रीस्टेक पोर्टल में कराया गया और राज्य के 2740 धान खरीदी केंद्रों में बायोमेट्रिक उपकरण लगाए गए। इसके माध्यम से किसानों के बायोमेट्रिक प्रमाणीकरण के बाद ही धान खरीदी की प्रक्रिया पूरी की गई।
## 72 घंटे के भीतर किसानों को भुगतान
सरकार ने किसानों को भुगतान की व्यवस्था में भी सुधार किया है। अधिकांश किसानों को धान बेचने के 72 घंटे के भीतर भुगतान उनके बैंक खातों में भेजा गया। इससे करीब 33 हजार करोड़ रुपये की राशि सीधे किसानों तक पहुंची।
धान खरीदी केंद्रों में टोकन व्यवस्था को भी बेहतर किया गया। इस वर्ष 25 लाख से अधिक किसानों को 29 लाख से ज्यादा टोकन जारी किए गए, जिससे धान बिक्री की प्रक्रिया व्यवस्थित हुई।
## मुफ्त चावल योजना से 73 लाख परिवारों को राहत
राज्य में सार्वजनिक वितरण प्रणाली के तहत प्रधानमंत्री गरीब कल्याण अन्न योजना के माध्यम से 73 लाख 97 हजार अंत्योदय और प्राथमिकता राशन कार्डधारियों को दिसंबर 2028 तक मुफ्त चावल उपलब्ध कराया जाएगा। वर्ष 2025-26 में इसके लिए 11,300 करोड़ रुपये का प्रावधान किया गया है।
इसके अलावा मुख्यमंत्री खाद्यान्न सहायता योजना के तहत वर्ष 2026-27 के लिए 5,000 करोड़ रुपये का बजट स्वीकृत किया गया है।
## नमक, चना और गुड़ वितरण पर जोर
पोषण सुरक्षा को ध्यान में रखते हुए राशन कार्डधारियों को खाद्यान्न के साथ आयोडीन युक्त नमक, चना और गुड़ भी उपलब्ध कराया जा रहा है।
अनुसूचित क्षेत्रों में प्रति राशन कार्ड 2 किलो और अन्य क्षेत्रों में 1 किलो नमक प्रतिमाह मुफ्त दिया जा रहा है। इसके लिए 2026-27 में 150 करोड़ रुपये का प्रावधान किया गया है।
इसी तरह 85 अनुसूचित विकासखंडों और 9 माडा क्षेत्रों में 31.32 लाख राशन कार्डधारियों को 5 रुपये प्रति किलो की दर से 2 किलो चना दिया जा रहा है। इस योजना के लिए 450 करोड़ रुपये का बजट स्वीकृत किया गया है।
बस्तर संभाग के 7.75 लाख राशन कार्डधारियों को आयरन की कमी दूर करने के उद्देश्य से हर महीने 2 किलो गुड़ रियायती दर पर उपलब्ध कराया जा रहा है। इस योजना के लिए 75 करोड़ रुपये का प्रावधान किया गया है।
## नई राशन दुकानें और भंडारण क्षमता में वृद्धि
सार्वजनिक वितरण प्रणाली को मजबूत करने के लिए राज्य में 181 नई उचित मूल्य दुकानों की शुरुआत की गई है। साथ ही 3 लाख 32 हजार नए राशन कार्ड जारी किए गए और 6 लाख 57 हजार नए सदस्यों के नाम राशन कार्ड में जोड़े गए हैं।
खाद्यान्न भंडारण क्षमता बढ़ाने के लिए राज्य भंडारगृह निगम की 139 शाखाओं के माध्यम से 25 लाख 31 हजार मीट्रिक टन भंडारण क्षमता उपलब्ध है। इसके अतिरिक्त 1 लाख 17 हजार मीट्रिक टन क्षमता के नए गोदाम बनाए जा रहे हैं।
सरकार ने आगामी वित्तीय वर्ष में नाबार्ड की सहायता से गोदाम निर्माण के लिए 180 करोड़ रुपये का प्रावधान भी किया है। उपभोक्ताओं की शिकायतों के समाधान के लिए ई-दाखिल पोर्टल के माध्यम से ऑनलाइन शिकायत दर्ज करने की सुविधा भी शुरू की गई है।










