Ekhabri विशेष, पूनम ऋतु सेन। बस्तर दशहरा 75 दिनों तक चलने वाला विश्व का सबसे लंबा पर्व है, इस पर्व को और जीवंत बनाते हैं छत्तीसगढ़ के बस्तर अंचल में रहने वाले आमजन। विभिन्न आदिवासी समाज के लोग एकजुट होकर रस्म दर रस्म निष्ठा पूर्वक अपनी भागीदारी पूर्ण करतें हैं जो इस पर्व की सामाजिक समरसता को दर्शाता है। अनोखे अंदाज में मनाये जाने वाला बस्तर दशहरा माँ दन्तेश्वरी के प्रति अगाध श्रद्धा का प्रतीक है।
अश्विन शुक्ल द्वादशी को प्रात: निर्विघ्न दशहरा संपन्न होने की खुशी में काछिन जात्रा के अंतर्गत काछिन देवी को काछिनगुड़ी के पास पूजा कर पुनः सम्मानित किया जाता है। यह एक प्रकार का धन्यवाद समर्पण प्रकिया है जो माता के समक्ष आमलोगों और मुखियाओं के द्वारा सम्पन्न किया जाता है।
इसी दिन शाम को सीरासार भवन के पास लगभग 5 बजे से ग्रामीण तथा मुखियों की एक मिली जुली आम सभा लगती थी, जिसमें राजा और प्रजा के बीच विचारों का आदान प्रदान हुआ करता था । विभिन्न समस्याओं के निराकरण हेतु खुली चर्चा होती थी। इस सभा को मुरिया दरबार कहते थे। बस्तर दशहरे का यह एक सार्थक कार्यक्रम था। पारंपरिक तौर पर यह परम्परा आज भी निभाई जा रहीं है। परन्तु बदलते व्यवस्थाओं के साथ इसका स्वरूप भी बदल गया अब प्रशासन के लोग यहाँ सम्मिलित होकर सारे कामकाज निपटाते हैं और लोगों की माँगे सुन कर उसपर निर्णय लिया करतें हैं। इसी के साथ गाँव-गाँव से आए देवी देवताओं की विदाई हो जाती है।
ओहाड़ी
बस्तर दशहरा का सबसे अंतिम पड़ाव ओहाड़ी प्रथा है इसके अंतर्गत अश्विन शुक्ल त्रयोदशी को प्रातः गंगा मुणा स्थित मावली शिविर के निकट बने पूजा मंडप पर मावली माई के विदा सम्मान में गंगा मुणा जात्रा संपन्न होता है। इसी कार्यक्रम को ओहाड़ी कहते हैं। पहले बस्तर दशहरा के विभिन्न जात्रा कार्यक्रमों में सैकड़ों पशुमुंड कटते थे, पर अब यह प्रथा लगभग समाप्त हो गई है।
बस्तर का यह पर्व आपसी सद्भाव, प्रेम व पुरातन संस्कृति के प्रति गहन निष्ठा का प्रतीक है। अपनी अन्य विशिष्टताओं के कारण बस्तर की लोक संस्कृति का यह ऐतिहासिक उत्सव विश्व स्तर पर ख्याति प्राप्त कर चुका है। वस्तुतः बस्तर दशहरा पर्व बहुआयामी है। मूल निवासियों द्वारा मनाया जाने वाला यह अनुष्ठानिक पर्व समस्त अंचल के लिए गौरव का पर्व है।
बस्तर दशहरे व लोक रस्मों की इस विशेष कड़ी का यह अंतिम भाग था। इस पूरे सीरीज के माध्यम से पाटजत्रा, जन्तरवाही, जोगी बिठाई, रथ परिक्रमा, काछिन गादी, मावली परघाव, बाहिर रैनी भीतर रैनी, ओहाड़ी जैसे 13 से भी ज्यादा रस्मों के बारे में विस्तार पूर्वक जानकारी दी गयी। Ekhabri की टीम की कोशिश रहेगी कि ऐसे ही रोचक पहलुओं के साथ आप तक विशेष जानकारी लेकर आएं।
रायपुर । छत्तीसगढ़ में फर्जी दिव्यांगता प्रमाण-पत्र के आधार पर शासकीय सेवा में कार्यरत लोगों के मामलों की अब त्वरित जांच की जाएगी। इसके लिए राज्य एवं संभागीय स्तर पर मेडिकल बोर्ड के माध्यम से परीक्षण की प्रक्रिया को प्रभावी...
रायपुर। 28 अगस्त 2026 को रक्षाबंधन का त्योहार मनाया जाएगा। इसी दिन साल का आखिरी चंद्र ग्रहण भी लगने वाला है। ऐसे में लोगों के मन में सवाल है कि क्या ग्रहण का असर राखी बांधने के शुभ मुहूर्त पर...
कवर्धा। कवर्धा जिले के बैजलपुर चौकी क्षेत्र से बेहद दर्दनाक खबर सामने आई है, जिसमें बिजली के हाईवोल्टेज तार की चपेट में आने से ग्रामीण की दर्दनाक मौत हो गई। हादसे में कामाड़बरी निवासी रामकुमार विश्वकर्मा ने मौके पर ही...
दुर्ग/भिलाई। छत्तीसगढ़ के भिलाई छावनी थाना क्षेत्र से एक बेहद शर्मनाक मामला सामने आया है। यहाँ एक बुजुर्ग दुकानदार द्वारा 8 से 9 साल की तीन मासूम बच्चियों के साथ अमानवीय और अनैतिक कृत्य किया गया है। वह बच्चियों को...
रायपुर। छत्तीसगढ़ सौर ऊर्जा के क्षेत्र में देश के अग्रणी राज्यों में शामिल होने की दिशा में तेजी से आगे बढ़ रहा है। राज्य सरकार ने मार्च 2027 तक प्रदेश के 5 लाख घरों में सोलर पैनल लगाने का लक्ष्य...
रायपुर। छत्तीसगढ़ शासन के सामान्य प्रशासन विभाग ने मंगलवार को 23 आईएएस अधिकारियों के पदस्थापना एवं अतिरिक्त प्रभार से संबंधित आदेश जारी किया है। आदेश के तहत कई वरिष्ठ अधिकारियों को नई जिम्मेदारियां सौंपी गई हैं, जबकि कुछ अधिकारियों...
रायपुर। इंदिरा गांधी कृषि विश्वविद्यालय (IGKV) की बीएससी कृषि द्वितीय वर्ष की कीटशास्त्र परीक्षा का प्रश्नपत्र लीक होने के मामले में तेलीबांधा पुलिस ने एफआईआर दर्ज कर ली है। विश्वविद्यालय के यूजी परीक्षा प्रभारी डॉ. एन.आर. रंगारे की रिपोर्ट पर...
दुर्ग। छत्तीसगढ़ के भिलाई के हथखोज स्थित सिस्कोल फैक्ट्री में फैक्ट्री के यूनिट-3 में जॉब हैंडलिंग के दौरान बड़ा हादसे हो गया। जिसमें मजदूर राजेश निर्मलकर की मौके पर ही मौत हो गई। हादसे के बाद बड़ी संख्या में मजदूर...
कोरिया। कोरिया जिले का पारंपरिक और सुगंधित जीराफूल चावल अब प्राकृतिक खेती और किसान उत्पादक संगठन (एफपीओ) मॉडल के जरिए नई पहचान बना रहा है। जिला प्रशासन और कृषि विभाग के प्रयासों से स्थानीय किसानों की उपज को बेहतर बाजार...
रायपुर।नवा रायपुर में ई-बसों के संचालन, नए कार्यालय भवनों के निर्माण और रायगढ़-जांजगीर-चांपा की महत्वपूर्ण सड़क परियोजनाओं को लेकर मंगलवार को मंत्रालय महानदी भवन में परियोजना निर्माण एवं क्रियान्वयन समिति की बैठक हुई। मुख्य सचिव विकासशील की अध्यक्षता में आयोजित...