हिदायत: अनावश्यक घर से बाहर न निकले- कलेक्टर और एसपी

रायपुर। कलेक्टर एवं जिला दंडाधिकारी डॉ एस भारतीदासन और पुलिस अधीक्षक अजय यादव ने जिलेवासियों से अपील की है कि वे अनावश्यक अपने घर से बाहर न निकले। किसी काम से बाहर जाने पर मास्क पहन कर जाए और सोशल डिस्टेंसिंग का पालन करें। उन्होंने एक सप्ताह के लॉकडाउन का पालन करने पर आमनागरिकों का आभार माना है।

कलेक्टर और एसपी ने अपने अपील में कहा है कि कोरोना संक्रमण की श्रृंखला को बाधित करने हेतु एक सप्ताह का लॉकडाउन लगाया गया था। जिसको आप सभी का भरपूर सहयोग रहा है और उम्मीद है कि इसके सकारात्मक परिणाम आएंगे,लेकिन हम सभी की जिम्मेदारी और ज्यादा बढ़ गई है क्योंकि लॉकडाउन हटने के बाद प्रशासनिक नियंत्रण में ढील होने के बाद हमें आत्म नियंत्रण एवं जागरूकता के माध्यम से कोरोना के संक्रमण से बचना होगा।


उन्होंने कहा है कि आपकी थोड़ी सी असावधानी आपके हंसते खेलते परिवार एवं अतिप्रियजनों के लिए अत्यंत घातक हो सकती है एवं जानलेवा हो सकती है। जैसा कि आप जानते हैं कि यह महामारी शरीर की प्रतिरोधक क्षमता से जुड़ी हुई है,कमजोर प्रतिरोधक क्षमता एवं असाध्य बीमारी से पीड़ित लोगों के लिए यह महामारी जानलेवा सिद्ध हो रही है।अतः अपने परिवार एवं समाज की बेहतरी के लिए अभी भी उतना ही घर से बाहर निकले जितना कि अत्यंत आवश्यक हो और पूर्ण सुरक्षा के साथ ही निकले।मास्क पहनना और सोशल डिस्टेंसिंग ही वर्तमान में कोरोना से बचाव के साधन है।


कलेक्टर डॉ भारतीदासन और एसपी यादव ने आमनागरिकों से कहा है आपके सहयोग से ही इस महामारी पर हम विजय प्राप्त करेंगे इसलिए व्यक्तिगत एवं समाज हित में आप सभी आत्म नियंत्रण के साथ प्रशासन का सहयोग करें। शासन एवं प्रशासन के सभी अंग सदैव आपकी सेवा एवं सुरक्षा हेतु कटिबद्ध है।

Read Also  बिग covid 19 न्यूज़: balod से मिला 2 नए पॉजिटिव मरीज,ला रहे है रायपुर

कोरोना वायरस संकमण से बचाव एवं संकमण की श्रृंखला को तोड़ने आत्मनियंत्रण और जागरूकता जरूरी-कलेक्टर डॉ भारतीदासन

डॉ एस. भारतीदासन ने जिले में कोरोना वायरस से बचाव एवं रोकथाम हेतु 21सितम्बर रात्रि 09.00 बजे से 28 सितम्बर की रात्रि12.00 बजे तक कंटेनमेंट जोन घोषित करते हुये आम जनता के आवागमन और कार्यालय एवं व्यवसाय संचालन पर प्रतिबंध लागू किया गया था।इसी तरह जिले में व्यवसायिक गतिविधियों के लिये समय-सीमा निर्धारित की गई थी। रायपुर जिले में व्यवसायिक गतिविधियों हेतु समय-सीमा निर्धारित करने एवं सम्पूर्ण जिले को कंटेनमेंट जोन घोषित करने के पश्चात यह अवलोकन किया गया है कि लॉकडाउन स्थायी समाधान नहीं है बल्कि कोरोना वायरस संकमण से बचाव एवं संकमण की श्रृंखला को तोड़ने के लिए फिजिकल डिस्टेंसिंग, मास्क एवं समय-समय पर हाथ धोना,सेनिटाईज करना अधिक जरूरी है। इसके साथ-साथ आत्मनियंत्रण और जागरूकता आवश्यक है।

शासकीय कार्यालय निर्धारित समयावधि में होंगे संचालित

कलेक्टर डॉ भारतीदासन ने 29 सितम्बर से समस्त कार्यालय शासन द्वारा निर्धारित समयावधि में संचालित करने के निर्देश दिए हैं।व्यावसायिक गतिविधियों के संचालन पर सामान्यत: कोई प्रतिबन्ध नहीं होगा किन्तु कोई भी दुकान या व्यावसायिक संस्थान रात 8 बजे के बाद संचालित नहीं होंगे। पेट्रोल पंप एवं मेडिकल दुकानें निर्धारित समय में ही खुलेंगे। रेस्टोरेंट, होटल संचालन एवं टेक-अवे और होम डिलिवरी की अनुमति रात 10 बजे तक ही होगी। कार्यालय प्रमुख अपने कार्यालय परिसर में फिजिकल डिस्टेसिंग, मास्क का उपयोग एवं समय-समय पर हाथ धोने, सेनिटाईज करने हेतु आवश्यक व्यवस्था अनिर्वायतः सुनिश्चित करेंगे। यदि किसी कार्यालय में इस निर्देश की अवहेलना पाई जाती है तो संबंधित कार्यालय प्रमुख को इसके लिए उत्तरदायी माना जाएगा।इसके लिए फ्लाइंग स्क्वाड तथा संबंधित इंसिडेंट कमांडर या उनके द्वारा अधिकृत अधिकारी अर्थदण्ड अधिरोपित कर सकेंगे। अर्थदण्ड की कटौती वेतन से भी की जा सकेगी।

Read Also  विशेष छूट: 31 मई तक संपत्ति कर और विवरणी जमा कर सकते है

निर्देशों का पालन नही करने वाले होंगे दंडित

कलेक्टर ने कोविड-19 के संकमण के रोकथाम एवं नियमों के प्रभावी क्रियान्वयन हेतु राज्य शासन द्वारा समय-समय पर जारी दिशा-निर्देशों का पालन नहीं किए जाने की दशा में महामारी रोग अधिनियम, 1897 के अधीन निर्मित विनियम के तहत जुर्माना अधिरोपित करने के निर्देश दिए हैं।


सार्वजनिक स्थलों में मास्क या फेस कवर नहीं पहनने की स्थिति में 100 रुपये,होम क्वारेन्टाइन के दिशा निर्देशों का उल्लंघन किए जाने की स्थिति में 1000 रुपये, सार्वजनिक स्थलों पर थूकते हुये पाये जाने की स्थिति में 100 रुपये,दुकानों या व्यावसायिक संस्थानों के मालिकों द्वारा सोशल और फिजिकल डिस्टेंसिंग का उल्लंघन किये जाने की स्थिति में 200 रुपये से दंडित किया जाएगा। यदि नियमों का उल्लंघन करने वाले किसी व्यक्ति द्वारा जुर्माना देने से इंकार किया जाता है तो संबंधित के विरूद्ध एपिडेमिक डिसीजेज एक्ट, 1897 यथासंशोधित 2020 सहपठित छत्तीसगढ़ एपिडेमिक डिसीजेज कोविड-19 रेगुलेशन 2020 के रेगुलेशन 14 एवं भारतीय दण्ड सहिता, 1860 की धारा 188 के अधीन संबंधित पुलिस थाना में एफ.आई.आर. दर्ज कराई जाएगी। यदि किसी दुकान या व्यावसायिक संस्थान में दूसरी बार उल्लंघन पाया जाता है तो उक्त दुकान या व्यावसायिक संस्थान को आगामी 15 दिवस के लिए सील किया जायेगा।

Share The News

Get latest news on Whatsapp or Telegram.

   

Leave a Reply

avatar
  Subscribe  
Notify of