रायपुर। कलिंगा विश्वविद्यालय छात्राओं के हित के लिए कई प्रयास करते आया है। रायपुर 101-150 के बैंड में एनआईआरएफ रैंकिंग के साथ एक नैक बी $ मान्यता प्राप्त विश्वविद्यालय है और यह वास्तव में मध्य भारत में उच्च शिक्षा में उत्कृष्टता के केंद्र के रूप में उभरा है। विश्वविद्यालय के सभी पाठ्यक्रमों को विश्वविद्यालय अनुदान आयोग, बार काउंसिल ऑफ इंडिया, फार्मेसी काउंसिल ऑफ इंडिया, अखिल भारतीय तकनीकी शिक्षा परिषद, राष्ट्रीय शिक्षक शिक्षा परिषद आदि जैसे अनुमोदन अधिकारियों द्वारा मान्यता प्राप्त है।
कलिंगा विश्वविद्यालय, रायपुर एक प्रसिद्ध शैक्षणिक संस्थान है जो गुणवत्तापूर्ण शिक्षा और अनुसंधान पर केंद्रित है। कलिंगा विश्वविद्यालय शिक्षण में उत्कृष्टता के लिए प्रयास करने, ज्ञान सृजन के लिए नवाचार आउटरीच और हमारे छात्रों को उन्नत और एकीकृत प्रशिक्षण प्रदान करने के लिए प्रतिबद्ध है। टैली की मूल बातों के बारे में छात्रों को ज्ञान प्रदान करने के लिए वाणिज्य और प्रबंधन संकाय ने ‘‘सर्टिफिकेशन इन टैली ईआरपी’’ पर एक कार्यशाला का आयोजन किया।
कार्यक्रम के विशिष्ट अतिथि सी. ए. अक्षय रमनानी का स्वागत वाणिज्य और प्रबंधन के डीन डॉ अभिषेक त्रिपाठी ने किया। तत्पश्चात कार्यक्रम का उद्घाटन विशिष्ट अतिथि सी.ए. अक्षय रमनानी ने किया एवं उन्होने टैली के महत्व पर महत्वपूर्ण जानकारी साझा किया।
सबसे पहले, छात्रों को अपने कंप्यूटर में टैली इंस्टॉलेशन के बारे में सिखाया गया। उन्होंने टैली सॉफ्टवेयर में कंपनी, लेजर, स्टॉक ग्रुप आदि बनाने के बारे में सीखा। साथ ही, उन्होंने खरीद और बिक्री, भुगतान और रसीद लेनदेन की रिकॉर्डिंग के बारे में सीखा। सॉफ्टवेयर में जीएसटी विवरण सेट करना साथ ही फाइनल अकाउंट रिकॉर्ड करना सीखा।
इन सभी महत्वपूर्ण बातों को समझाया गया। अंत में छात्रों के कौशल का परीक्षण करने के लिए एक प्रश्न और उत्तर सत्र आयोजित किया गया। साथ ही विषय से संबंधित प्रश्नों के भी उत्तर दिये गये।
विश्वविद्यालय के रजिस्ट्रार डॉ संदीप गांधी ने विभाग के प्रयासों की सराहना की और कहा कि इस प्रकार की कार्यशालाएं छात्रों को व्यावहारिक दुनिया के लिए तैयार करती हैं। कलिंगा विश्वविद्यालय हमेशा छात्रों को उत्कृष्ट सेवा प्रदान करने और उन्हें प्रतियोगिताओं के लिए तैयार करने की अपनी प्रतिबद्धता पर खरा उतरता है।
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