Google Analytics Meta Pixel कही-सुनी ( 1 नवंबर ) : मंच के पीछे की कहानियाँ- राजनीति,प्रशासन और राजनीतिक दलों की - Ekhabri.com

कही-सुनी ( 1 नवंबर ) : मंच के पीछे की कहानियाँ- राजनीति,प्रशासन और राजनीतिक दलों की

हास्य रस में बुनी हुई एक हल्की -फुल्की अन्दाज में- जो राजनीति, अफसर साहब के आसपास की गलियों से होते हुए पाठकों तक पहुचीं।

रवि भोई (प्रबंध संपादक समवेत सृजन एवं स्वतंत्र पत्रकार

नल-जल के खेल में उलझ गया छत्तीसगढ़

वैसे तो पीएचई छोटा सा विभाग है और उसकी पहचान हैंडपंप खुदाई करने वाले विभाग के तौर पर ज्यादा है, लेकिन छत्तीसगढ़ में इन दिनों पीएचई याने लोक स्वास्थ्य यांत्रिकी विभाग खूब सुर्ख़ियों में है। गांवों में घर-घर साफ़ “पीने का पानी”पहुँचाने की योजना के ठेके में गड़बड़ी और बंदरबांट को लेकर लोग दबी जुबान से पीएचई विभाग की बाल की खाल निकालते थे, लेकिन कैबिनेट में चर्चा के बाद भूपेश बघेल सरकार ने पीएचई विभाग के जल जीवन मिशन के सात हजार करोड़ के सभी टेंडर को निरस्त कर लोगों की शंका पर मुहर लगा दी। कहते हैं कैबिनेट में पीएचई मंत्री रुद्रकुमार गुरु ने टेंडर रद्द करने का विरोध किया, लेकिन मुख्यमंत्री और दूसरे मंत्रियों का रुख उनके समर्थन में नहीं दिखा। यह योजना करीब 15 हजार करोड़ की है, जिसमें 50 फीसदी राशि भारत सरकार देगी। कहते हैं छत्तीसगढ़ में जल जीवन मिशन को लेकर भारत सरकार ने राज्य सरकार को पांच पेज की एक चिट्ठी भेजी है। इस पत्र में कई सवाल उठाए गए हैं और गड़बड़ियों की तरफ भी इंगित किया गया है। ऐसी चर्चा थी कि भारत सरकार जल जीवन मिशन की प्रगति की समीक्षा के लिए जल्द ही एक केंद्रीय टीम छत्तीसगढ़ भेजने वाली है। कहा जा रहा है कि भारत सरकार की तरफ से कोई मीन-मेख निकाला जाय, उससे पहले ही छत्तीसगढ़ सरकार ने मामले का पटाक्षेप कर दिया। कहा जाता है कि कुछ महीने पहले केंद्रीय जल शक्ति मंत्री गजेन्द्र शेखावत ने रायपुर में इस योजना की समीक्षा करते गांवों में नल लगाने के काम की गति काफी धीमी होने पर पीएचई के तत्कालीन ईएनसी को आड़े हाथों लिया था। तत्कालीन ईएनसी को भारत सरकार ने कारण बताओ नोटिस भी दिया था। इसके बाद सरकार ने निलंबित चीफ इंजीनियर डॉ. मगनलाल अग्रवाल को बहाल कर प्रभारी ईएनसी बनाया, लेकिन दुर्भाग्य कि योजना पूरी होने की जगह उस पर पलीता लग गया। कहते हैं धमतरी, गरियाबंद समेत कई जिलों में इस योजना का टेंडर फाइनल होने से पहले ही काम करा लिए जाने की खबरें आने लगी थी । सरकार ने टेंडर में गड़बड़ी की जांच के लिए मुख्य सचिव की अध्यक्षता में तीन सदस्यीय समिति बनाई है । अफसरों की कमेटी की रिपोर्ट आने से पहले ही सख्त कदम से कई सवाल खड़े होने लगे हैं। कहा जाने लगा है कि सरकार ने टेंडर तो रद्द कर दिया, पर दोषी कौन है, उसका खुलासा क्यों नहीं कर रही है ? जाँच रिपोर्ट आ जाती। गड़बड़ी की जिम्मेदारी तय हो जाती, फिर कार्रवाई होती तो बात कुछ अलग होती और दूध का दूध और पानी का पानी हो जाता। भारत सरकार ने 2020-21 में राज्य में 20 लाख 61 हजार घरेलू कनेक्शन लगाने का लक्ष्य दिया है, लेकिन अक्टूबर तक केवल एक लाख 47 हजार कनेक्शन ही दिया जा सका है। टेंडर निरस्त होने से काम और पिछड़ जाने की बात कही जा रही है। काम के सुस्त रफ्तार से भारत सरकार पहले ही नाराज है और टेंडर निरस्त होने से निश्चित ही नई प्रक्रिया में समय लगेगा। याने “एक तो करेला ऊपर से नीम चढ़ा”। इस सबसे छत्तीसगढ़ की छवि पर कालिख लगी है तो गांव वालों के सपनों को ठेस पहुंचा है।

Read Also  दिल्ली में छत्तीसगढ़ की लोक संस्कृति की झलक, प्रगति मैदान में राज्य दिवस समारोह का आयोजन

पीएचई को ईएनसी की तलाश

पीएचई में टेंडर घोटाले की ख़बरों के बाद सरकार ने पूरी प्रक्रिया को रद्द तो कर दी, लेकिन अब तक किसी पर एक्शन नहीं लिया है। कहते हैं सरकार ईएनसी और कुछ दूसरे अफसरों पर कार्रवाई तो करना चाहती है, लेकिन किसे नया ईएनसी बनाया जाय, यह “यक्ष के प्रश्न”जैसा हो गया है। कहते हैं नल-जल योजना में काम न होने के कारण भूपेश सरकार ने टी जी कोसरिया को ईएनसी के पद से हटाकर एम एल अग्रवाल को प्रभारी बनाया था। कोसरिया 2012 से कुछ महीने पहले तक ईएनसी थे और अभी मंत्रालय में पदस्थ हैं। पीएचई के एक चीफ इंजीनियर जेके शर्मा उच्च और तकनीकी शिक्षा मंत्री उमेश पटेल के ओएसडी हैं। जेके शर्मा मंत्री उमेश पटेल के पिता स्व. नंदकुमार पटेल के भी ओएसडी रह चुके हैं। कहते हैं जेके शर्मा विभाग में वापसी के इच्छुक नहीं हैं। पीजी शांडिल्य जगदलपुर में चीफ इंजीनियर हैं।सरकार उन्हें बड़ी जिम्मेदारी सौंपना नहीं चाहती। जरूर चर्चा है कि ईएनसी बनने के इच्छुक एक अफसर ने एक मंत्री के जरिए लॉबिग शुरू की है। अब देखना है कि सरकार उन्हें कितना भाव देती है ?

जोगी पार्टी पर मड़राता खतरा

छत्तीसगढ़ के पहले मुख्यमंत्री अजीत प्रमोद कुमार जोगी के निधन के बाद उनकी पार्टी छजका ( छत्तीसगढ़ जनता कांग्रेस जोगी ) पर खतरा मड़राता दिख रहा है। एक बहुत पुरानी कहावत है कि जब पानी का जहाज डूबने लगता है, तो उस जहाज से सबसे पहले चूहे भागते हैं, वैसा ही कुछ जोगी कांग्रेस के साथ होता दिखाई दे रहा है। वर्षों जोगी जी के आसपास मडराने वाले अब उस पार्टी में दिखाई नहीं देते। कुछ उसमें से कांग्रेस में आ गए। अजीत जोगी के निधन के बाद बचे चार विधायकों वाली इस पार्टी के दो विधायक देवव्रत सिंह और प्रमोद कुमार शर्मा यहाँ बैचेन लग रहे हैं। दोनों कांग्रेस में वापसी की बाँट जोह रहे हैं। कांग्रेस में विधायकों के ओवरफ्लो से इनका रास्ता क्लीयर नहीं हो रहा है। धर्मजीत सिंह की भाजपा खासकर पूर्व मुख्यमंत्री डॉ. रमन सिंह से निकटता चर्चा का विषय है। देर- सबेर उनके भाजपा में जाने की खबरें उड़ती रहती है। डॉ. रेणु जोगी को तो बेटे अमित जोगी का साथ देना ही होगा। डॉ. रेणु जोगी से कांग्रेस नेताओं को परहेज नहीं, पर अमित से भय खाते हैं। अमित ने मरवाही चुनाव में लोगों को भाजपा के पक्ष में वोटिंग की अपील कर कांग्रेस के खिलाफ मोर्चा ही खोल लिया है। शायद अमित जोगी मरवाही चुनाव लड़ पाते तो ऐसी परिस्थिति न बनती। अमित जोगी को जाति प्रमाण पत्र मामले में कब न्याय मिलेगा, फिर वे कब राजनीति में दमखम दिखा पाएंगे, कहना मुश्किल है। लोग कहने लगे हैं भूपेश बघेल के मुख्यमंत्री रहते तक तो अमित जोगी के कैरियर में उजाला नजर नहीं आता।

Read Also  मुख्यमंत्री विष्णु देव साय अंतर्राष्ट्रीय योग दिवस कार्यक्रम में हुए शामिल

सरकार के पंच प्यारे

सरकार में समय और परिस्थिति के अनुसार प्यादे तो बदलते रहते हैं। यह कोई नई बात नहीं है। आजकल छत्तीसगढ़ में सरकार में दखल को लेकर पंच प्यारों की बड़ी चर्चा है। कहते हैं सरकार के कई कामों में पंच प्यारों की दखल है। पंच प्यारों की दखलंदाजी से सरकार के भीतर ही एक वर्ग खफा बताया जाता है, लेकिन करें क्या ? ताकतवर के सामने तो कमजोर लोगों को घुटने टेकने ही पड़ते हैं। चर्चा है कि ये पंच प्यारे सारी चीजें अपने अनुकूल करने में लगे रहते हैं।

जुगाड़ के उस्ताद

सरकार किसी की भी हो, कुछ लोग ऐसे होते हैं, जो अपना जुगाड़ फिट कर लेते हैं या फिर सरकार में जुगाड़ वाले लोगों की जरुरत होती है। कहते हैं ऐसे लोग भाजपा राज में दिखते थे और अब कांग्रेस राज में भी दिख रहे हैं। ये लोग सरकारी सामानों की सप्लाई से लेकर दूसरे कामों में भी माहिर होते हैं। आजकल राजधानी ऐसे दो लोगों की चर्चा है, जो ओहदेदारों के काला-पीला काम में सफेदी लगाने के उस्ताद बताये जाते हैं। इनका राजधानी के आउटर इलाके के एक पाश कालोनी में दफ्तर है और कहते हैं मारीशस और दुबई में भी आफिस खोल रखा है।

आईपीएस का पीएसओ से लगाव

चर्चा हैं एक जिले के पुलिस अधीक्षक अपने पीएसओ को न केवल अपने बंगले में रखते हैं, बल्कि अपने जैसी ही सुविधा भी उपलब्ध करवाते हैं। बड़े जिले में रहने के बाद छोटे जिले में आए, ये आईपीएस अफसर बंगले में अकेले रहते हैं। कहते हैं साहब अभी तक अविवाहित हैं। स्वभाविक है किसी का साथ चाहिए , लेकिन उनका पीएसओ प्रेम जिले में चर्चा का विषय बना हुआ है।

Read Also  बेंगलुरु में 7 लोगों ने की युवक की हत्या:पांच लोगों ने दबोचा, दो लोगों ने पत्थर और ईंट से सिर कुचला

मंत्री के जन्मदिन पर एनसीपी नेता का विज्ञापन

आमतौर पर मंत्रियों के जन्मदिन पर बधाई और शुभकामनाओं से अखबार के पन्ने भरे रहते हैं और जगह-जगह बैनर पोस्टर लगे दिखते हैं , लेकिन कुछ दिनों पहले छत्तीसगढ़ सरकार के एक मंत्री के जन्मदिन पर अखबार के पन्ने खाली- खाली दिखे, वहीँ राजधानी में कहीं भी बैनर पोस्टर भी नजर नहीं आए। मंत्रीजी के जन्मदिन पर बधाई संदेश वाला विज्ञापन किसी अखबार में नजर नहीं आया, लेकिन एक अखबार में मंत्री जी के जन्मदिन पर एक एनसीपी ( राष्ट्रवादी कांग्रेस पार्टी ) के जिलाध्यक्ष द्वारा बधाई वाला विज्ञापन जरूर नजर आया। अब लोग इसका रहस्य तलाश रहे हैं कि कांग्रेस नेताओं ने विज्ञापन नहीं दिया और एनसीपी नेता ने क्यों विज्ञापन दिया?

(डिस्क्लेमर – हमने लेखक के मूल लेख में कोई भी बदलाव नही किया है। प्रकाशित पोस्ट लेखक के मूल स्वरूप में है।)

Share The News




CLICK BELOW to get latest news on Whatsapp or Telegram.

 


राष्ट्रपति से मिलकर लौटे विद्यार्थियों ने मुख्यमंत्री साय से साझा किए यादगार अनुभव

By Reporter 5 / September 1, 2026 / 0 Comments
रायपुर। राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मु से मुलाकात कर लौटे छत्तीसगढ़ के प्रतिभावान विद्यार्थियों और शिक्षकों ने मंगलवार को रायपुर स्थित मुख्यमंत्री निवास कार्यालय में मुख्यमंत्री विष्णु देव साय से सौजन्य मुलाकात की। विद्यार्थियों ने राष्ट्रपति भवन की अपनी यादगार यात्रा, राष्ट्रपति...

छत्तीसगढ़ गृह निर्माण मंडल की बड़ी कार्रवाई, प्लेसमेंट एजेंसी ब्लैकलिस्ट

By Reporter 5 / August 31, 2026 / 0 Comments
रायपुर। छत्तीसगढ़ गृह निर्माण एवं अधोसंरचना विकास मंडल ने प्लेसमेंट के माध्यम से मानव संसाधन उपलब्ध कराने वाली एजेंसी मेसर्स टॉपग्रेड मेनपावर एंड सिक्योरिटी सर्विसेस इंडिया प्राइवेट लिमिटेड, राजनांदगांव के खिलाफ बड़ी कार्रवाई की है। अनुबंध की शर्तों के उल्लंघन...

हरछठ को लेकर संशय की स्थिति, जानिए कब करनी है पूजा और व्रत

By User 6 / August 31, 2026 / 0 Comments
हिंदू पंचांग के अनुसार हर साल भाद्रपद मास के कृष्ण पक्ष की षष्ठी तिथि को हलषष्ठी यानी हरछठ व्रत रखा जाता है। इसे हल छठ, हरछठ और ललही छठ के नाम से भी जाना जाता है। इस दिन माताएं अपनी...

ई-ऑफिस और समयबद्ध उपस्थिति में उत्कृष्ट प्रदर्शन पर अधिकारी-कर्मचारी सम्मानित

By Reporter 5 / September 1, 2026 / 0 Comments
  रायपुर। छत्तीसगढ़ में शासकीय कामकाज को अधिक पारदर्शी, तेज और प्रभावी बनाने की दिशा में ई-ऑफिस व्यवस्था को लगातार मजबूत किया जा रहा है। इसी कड़ी में मंत्रालय महानदी भवन, नवा रायपुर अटल नगर में आयोजित मासिक सम्मान कार्यक्रम...

सुकमा में नक्सल पीड़ित परिवारों से मिले प्रेम साई गुरुजी, बांटा संबल

By Reporter 5 / August 31, 2026 / 0 Comments
  सुकमा। नक्सल हिंसा से प्रभावित परिवारों के बीच पहुंचकर उनके दुख-दर्द को साझा करने और उन्हें आत्मनिर्भर बनाने की दिशा में मातंगी धाम के पीठाधीश्वर डॉ. प्रेम साई गुरुजी ने सुकमा जिले के प्रभावित परिवारों से मुलाकात की। इस...

बस्तर में पूर्व नक्सली महिलाओं ने जवानों की कलाई पर बांधी राखी

By Reporter 5 / August 30, 2026 / 0 Comments
रायपुर, 29 अगस्त 2026। बस्तर में रक्षाबंधन के अवसर पर एक ऐसी तस्वीर सामने आई, जिसने वर्षों से चली आ रही नक्सल हिंसा और सुरक्षा बलों के बीच दूरी के बीच रिश्तों और विश्वास की नई कहानी लिखी। भानुप्रतापपुर के...

पुलिस कर्मी के घर में चोरों ने मारी सेंध, ताला तोड कर की चोरी

By User 6 / August 30, 2026 / 0 Comments
रायपुर। राजधानी रायपुर में पुलिसकर्मी के घर चोरी की वारदात से हड़कंप मच गया। चोरों के हौसले इतने बुलंद थे कि उन्होंने पुलिस के घर को भी नहीं छोड़ा। पंडरी थाना क्षेत्र के दुबे कॉलोनी स्थित ग्रैंडले विहार में महिला...

जशपुर में बनेगा आधुनिक फुटबॉल स्टेडियम, सरकार ने मंजूर किए 5.49 करोड़

By Reporter 5 / August 31, 2026 / 0 Comments
जशपुर। जशपुर जिले में खेल अधोसंरचना को मजबूत करने की दिशा में बड़ी पहल की गई है। जिला मुख्यालय जशपुर में आधुनिक सुविधाओं से सुसज्जित फुटबॉल स्टेडियम के निर्माण के लिए छत्तीसगढ़ शासन ने 5 करोड़ 49 लाख रुपये की...

धमाकों की जगह रेडियो की गूंज, छिंदनार में सुनी गई मन की बात

By Reporter 5 / August 31, 2026 / 0 Comments
रायपुर। नक्सलवाद की समाप्ति के बाद बस्तर में बदलती परिस्थितियों की तस्वीर अब दूरस्थ वनांचलों में भी दिखाई देने लगी है। दंतेवाड़ा के सुदूर वनांचल छिंदनार में रविवार को ग्रामीणों ने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के मासिक रेडियो कार्यक्रम ‘मन की...

माता कौशल्या धाम के बंद कॉटेज पर पर्यटन मंडल ने किया बड़ा खुलासा

By Reporter 5 / September 1, 2026 / 0 Comments
रायपुर। छत्तीसगढ़ के प्रसिद्ध धार्मिक एवं पर्यटन स्थल माता कौशल्या धाम, चंदखुरी में पर्यटकों की सुविधा के लिए तैयार किए गए कॉटेज लंबे समय से बंद हैं। कॉटेज के संचालन को लेकर छत्तीसगढ़ पर्यटन मंडल ने स्थिति स्पष्ट करते हुए...

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *