Google Analytics Meta Pixel जानिए...इसलिए हर की पैड़ी को का कहा जाता है ब्रह्मकुंड - Ekhabri.com

जानिए…इसलिए हर की पैड़ी को का कहा जाता है ब्रह्मकुंड

देहरादून। गंगाद्वार हरिद्वार में हर की पैड़ी या हरि की पैड़ी स्थित ब्रह्मकुंड को सबसे पावन स्थान माना गया है। कहते हैं कि देवी गंगा के स्वर्ग से धरती पर उतरने के बाद इसी स्थल पर ब्रह्माजी ने इस उनका स्वागत किया था। यह भी मान्यता है कि समुद्र मंथन के दौरान निकले अमृत कलश के लिए देव-दानवों के बीच हुई छीना-झपटी में पृथ्वी में जिन चार स्थानों पर अमृत छलका, उनमें से एक हर की पैड़ी भी था। इसलिए यहां पर हर श्रद्धालु जीवन में एक बार अवश्य स्नान करना चाहता है। खासकर बारह साल के अंतराल में लगने वाले कुंभ मेले के दौरान यहां स्नान करना सबसे पुण्यदायी माना गया है। हर की पैड़ी या ब्रह्मकुंड धर्मनगरी का मुख्य घाट है। यहीं से गंगा पहाड़ को छोड़ मैदानी क्षेत्र का रुख करती है। इस घाट का निर्माण अपने भाई ब्रिथारी (भर्तृहरि) की याद में राजा विक्रमादित्य ने करवाया था। भर्तृहरि ने यहीं गंगा के तट पर तपस्या करके अमर पद पाया था। भर्तृहरि की स्मृति में राजा विक्रमादित्य ने पहले पहल यह कुंड और फिर पैड़ी (सीढ़ी) बनवाईं। भर्तृहरि के नाम से ही इन पैड़ी का नाम हरि की पैड़ी पड़ा।
कालांतर में हरि की पैड़ी का अपभ्रंश हर की पैड़ी हो गया। यह भी मान्यता है कि सतयुग में राजा श्वेत ने हर की पैड़ी पर ही भगवान ब्रह्मा की पूजा की थी। इससे प्रसन्न होकर ब्रह्माजी ने उनसे मनोवांछित वर मांगने को कहा। तब राजा ने ब्रह्माजी से यह वरदान मांगा कि इस स्थान को उन्हीं के नाम से प्रसिद्धि मिले। कहते हैं कि तभी से हर की पैड़ी को ब्रह्मकुंड नाम से भी जाना जाता है। कहते हैं कि वैदिक काल में भगवान शिव यहां आए थे और श्रीहरि के पदचिह्न भी यहां एक पत्थर (पैड़ी) पर अंकित हैं। इन्हीं पदचिह्न की वजह से इस स्थान को हरि की पैड़ी नाम से पुकारा जाता है। भोर की बेला और सांध्य बेला में यहीं पर भव्य गंगा आरती का आयोजन होता है।
अखाड़ों के शाही स्नान ब्रह्मकुंड के खास आकर्षण
मान्यता है कि हर की पैड़ी में एक बार डुबकी लगाने से जीव के संपूर्ण पाप धुल जाते हैं। हर साल बड़ी संख्या में श्रद्धालु यहां मुंडन, उपनयन जैसे संस्कार पूर्ण कराने के लिए पहुंचते हैं। प्रत्येक 12 वर्ष के अंतराल में कुंभ मेले के दौरान शैव, वैष्णव व उदासीन पंथ के अखाड़े शाही स्नान के लिए यहां पहुंचते हैं। इस दिव्य नजारे का साक्षी बनने के लिए भी यहां देश-विदेश से श्रद्धालुओं का सैलाब उमड़ता है।
तीनों देवों का वास
स्वामी दिव्येश्वरानंद कहते हैं कि हर की पैड़ी में ब्रह्मा, विष्णु, महेश तीनों देवों का वास माना गया है। इसीलिए हर की पैड़ी को हरि की पैड़ी या ब्रह्मकुंड भी कहा जाता है। हर का पर्याय शिव और हरि का पर्याय विष्णु होता है, जबकि ब्रह्म स्वयं ब्रह्म देव हुए। यही वजह है कि देश-विदेश से श्रद्धालु आस्था की डुबकी लगाने यहां खिंचे चले आते हैं।

Share The News




CLICK BELOW to get latest news on Whatsapp or Telegram.

 


राष्ट्रपति से मिलकर लौटे विद्यार्थियों ने मुख्यमंत्री साय से साझा किए यादगार अनुभव

By Reporter 5 / September 1, 2026 / 0 Comments
रायपुर। राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मु से मुलाकात कर लौटे छत्तीसगढ़ के प्रतिभावान विद्यार्थियों और शिक्षकों ने मंगलवार को रायपुर स्थित मुख्यमंत्री निवास कार्यालय में मुख्यमंत्री विष्णु देव साय से सौजन्य मुलाकात की। विद्यार्थियों ने राष्ट्रपति भवन की अपनी यादगार यात्रा, राष्ट्रपति...

छत्तीसगढ़ गृह निर्माण मंडल की बड़ी कार्रवाई, प्लेसमेंट एजेंसी ब्लैकलिस्ट

By Reporter 5 / August 31, 2026 / 0 Comments
रायपुर। छत्तीसगढ़ गृह निर्माण एवं अधोसंरचना विकास मंडल ने प्लेसमेंट के माध्यम से मानव संसाधन उपलब्ध कराने वाली एजेंसी मेसर्स टॉपग्रेड मेनपावर एंड सिक्योरिटी सर्विसेस इंडिया प्राइवेट लिमिटेड, राजनांदगांव के खिलाफ बड़ी कार्रवाई की है। अनुबंध की शर्तों के उल्लंघन...

हरछठ को लेकर संशय की स्थिति, जानिए कब करनी है पूजा और व्रत

By User 6 / August 31, 2026 / 0 Comments
हिंदू पंचांग के अनुसार हर साल भाद्रपद मास के कृष्ण पक्ष की षष्ठी तिथि को हलषष्ठी यानी हरछठ व्रत रखा जाता है। इसे हल छठ, हरछठ और ललही छठ के नाम से भी जाना जाता है। इस दिन माताएं अपनी...

ई-ऑफिस और समयबद्ध उपस्थिति में उत्कृष्ट प्रदर्शन पर अधिकारी-कर्मचारी सम्मानित

By Reporter 5 / September 1, 2026 / 0 Comments
  रायपुर। छत्तीसगढ़ में शासकीय कामकाज को अधिक पारदर्शी, तेज और प्रभावी बनाने की दिशा में ई-ऑफिस व्यवस्था को लगातार मजबूत किया जा रहा है। इसी कड़ी में मंत्रालय महानदी भवन, नवा रायपुर अटल नगर में आयोजित मासिक सम्मान कार्यक्रम...

सुकमा में नक्सल पीड़ित परिवारों से मिले प्रेम साई गुरुजी, बांटा संबल

By Reporter 5 / August 31, 2026 / 0 Comments
  सुकमा। नक्सल हिंसा से प्रभावित परिवारों के बीच पहुंचकर उनके दुख-दर्द को साझा करने और उन्हें आत्मनिर्भर बनाने की दिशा में मातंगी धाम के पीठाधीश्वर डॉ. प्रेम साई गुरुजी ने सुकमा जिले के प्रभावित परिवारों से मुलाकात की। इस...

बस्तर में पूर्व नक्सली महिलाओं ने जवानों की कलाई पर बांधी राखी

By Reporter 5 / August 30, 2026 / 0 Comments
रायपुर, 29 अगस्त 2026। बस्तर में रक्षाबंधन के अवसर पर एक ऐसी तस्वीर सामने आई, जिसने वर्षों से चली आ रही नक्सल हिंसा और सुरक्षा बलों के बीच दूरी के बीच रिश्तों और विश्वास की नई कहानी लिखी। भानुप्रतापपुर के...

माता कौशल्या धाम के बंद कॉटेज पर पर्यटन मंडल ने किया बड़ा खुलासा

By Reporter 5 / September 1, 2026 / 0 Comments
रायपुर। छत्तीसगढ़ के प्रसिद्ध धार्मिक एवं पर्यटन स्थल माता कौशल्या धाम, चंदखुरी में पर्यटकों की सुविधा के लिए तैयार किए गए कॉटेज लंबे समय से बंद हैं। कॉटेज के संचालन को लेकर छत्तीसगढ़ पर्यटन मंडल ने स्थिति स्पष्ट करते हुए...

पुलिस कर्मी के घर में चोरों ने मारी सेंध, ताला तोड कर की चोरी

By User 6 / August 30, 2026 / 0 Comments
रायपुर। राजधानी रायपुर में पुलिसकर्मी के घर चोरी की वारदात से हड़कंप मच गया। चोरों के हौसले इतने बुलंद थे कि उन्होंने पुलिस के घर को भी नहीं छोड़ा। पंडरी थाना क्षेत्र के दुबे कॉलोनी स्थित ग्रैंडले विहार में महिला...

नक्सलवाद से बाहर निकल विकास की नई राह पर बढ़ रहा छत्तीसगढ़ : साय

By Reporter 5 / August 31, 2026 / 0 Comments
रायपुर। मुख्यमंत्री विष्णु देव साय ने कहा है कि दशकों तक नक्सलवाद की चुनौती झेलने वाला छत्तीसगढ़ अब शांति, विश्वास और विकास के नए दौर में प्रवेश कर चुका है। नक्सलवाद के अंधेरे से बाहर निकलकर प्रदेश विकास की नई...

धमाकों की जगह रेडियो की गूंज, छिंदनार में सुनी गई मन की बात

By Reporter 5 / August 31, 2026 / 0 Comments
रायपुर। नक्सलवाद की समाप्ति के बाद बस्तर में बदलती परिस्थितियों की तस्वीर अब दूरस्थ वनांचलों में भी दिखाई देने लगी है। दंतेवाड़ा के सुदूर वनांचल छिंदनार में रविवार को ग्रामीणों ने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के मासिक रेडियो कार्यक्रम ‘मन की...