कभी-कभी हम अपने रोजमर्रा के कामकाज में इतने उलझ जाते हैं कि छोटी सी मुश्किल भी हमें हताश कर देती है और ये हताशा हमें अंधकार की ओर खींच ले जाती है।
ऐसी स्थिति में अंधकार से निकलना जरूरी हो जाता है। इसके लिए उम्मीद का दीपक जलाना कारगर साबित होगा जिससे हम निराशा रूपी अंधकार से बचकर उम्मीद की रौशनी से अपने जीवन को प्रकाशित कर पाये।









