सुप्रीम कोर्ट ने भारतीय प्रतिभूति और विनिमय बोर्ड (सेबी) को आदेश दिया है कि वह एनडीटीवी के प्रवर्तकों (प्रमोटरों) प्रणय राय और राधिका राय के खिलाफ कुछ ऋण समझौतों में शेयरधारकों से जानकारी छुपाकर प्रतिभूति मानदंडों के कथित उल्लंघन से संबंधित मामले में तब तक कोई कदम न उठाए, जब तक वह तीन सितंबर को उनकी याचिकाओं पर सुनवाई नहीं कर लेता। सेबी का प्रतिनिधित्व कर रहे सॉलिसिटर जनरल तुषार मेहता ने प्रधान न्यायाधीश (सीजेआई) एन. वी. रमना की अध्यक्षता वाली पीठ से मामले को शुक्रवार के लिए स्थगित करने का अनुरोध किया तो दूसरे पक्ष ने भी सहमति दे दी।
जस्टिस रमना ने कहा, जबरदस्ती कदम न उठाएं मेहता ने कहा हां, यह एक आदेश है। रॉय की ओर से पेश वरिष्ठ अधिवक्ता मुकुल रोहतगी ने कहा कि आदेश आ गया है, लेकिन अब उन्होंने दंड की कार्यवाही शुरू कर दी है। न्यायमूर्ति रमना ने पूछा, अपील का चरण क्या है?
रोहतगी ने कहा कि इसे सूचीबद्ध नहीं किया गया है, क्योंकि कोई तीसरा सदस्य नहीं है। लंबे समय तक मामले नहीं उठाए जा रहे हैं। पीठ में न्यायमूर्ति सूर्यकांत और न्यायमूर्ति अनिरुद्ध बोस भी शामिल थे। पीठ ने कहा, हम मामले को स्थगित करेंगे, लेकिन कोई भी कठोर कदम नहीं उठाया जाए। मेहता ने जवाब दिया कि हम ऐसा नहीं करेंगे। रोहतगी ने प्रस्तुत किया, मामले में हडबडी न कीजिए। शीर्ष अदालत ने दलीलें सुनने के बाद मामले की सुनवाई अगले शुक्रवार तक के लिए स्थगित कर दी।










