विश्व बैंक ने फिर से भारत की विकास दर के अनुमान में कटौती की है। अब बैैंक ने वित्त वर्ष 2022-23 में विकास दर 7.5 प्रतिशत रहने का अनुमान जताया है। विश्व बैैंक ने अप्रैल में विकास दर आठ प्रतिशत रहने का अनुमान जताया था। सरकारी आंकड़ों के अनुसार, वित्त वर्ष 2021-22 में देश की विकास दर 8.7 प्रतिशत रही है।
विश्व बैैंक ने वैश्विक आर्थिक संभावनाओं से जुड़ी ताजा रिपोर्ट में कहा है कि बढ़ती महंगाई, आपूर्ति श्रृंखला में बाधा और मौजूदा भू-राजनीतिक तनाव के कारण चालू वित्त वर्ष में भारत की विकास दर घटकर 7.5 प्रतिशत रह सकती है। हालांकि, बैैंक ने अर्थव्यवस्था में सुधार के लिए भारत सरकार और निजी क्षेत्र की ओर से किए जा रहे स्थायी प्रयासों का लाभ मिलने की बात कही है। रिपोर्ट में वित्त वर्ष 2023-23 मेें विकास दर और घटकर 7.1 प्रतिश्ात रहने की बात कही गई है।
विश्व बैैंक से पहले अन्य वैश्विक रेटिंग एजेंसियां भी भारत की विकास दर में कमी का अनुमान जता चुकी हैैं। पिछले महीने मूडीज ने कैलेंडर ईयर 2022 में जीडीपी वृद्धि दर अनुमान को 9.1 प्रतिश्ात से घटाकर 8.8 प्रतिशत किया था। एसएंडपी ग्लोबल रेटिंग्स ने वित्त वर्ष 2022-23 के लिए पहले के अनुमान 7.8 प्रतिशत को घटाकर 7.3 प्रतिशत कर दिया है। मार्च में फिच ने विकास दर के अनुमान को 10.3 प्रतिशत से घटाकर 8.5 प्रतिशत किया था। वहीं, एशियन डेवलपमेंट बैैंक (एडीबी) ने विकास दर के अनुमान को 7.8 प्रतिशत से घटाकर 7.2 प्रतिशत किया है।
वैश्विक विकास दर में भी कटौती : विश्व बैैंक ने 2022 में वैश्विक विकास दर 2.9 प्रतिशत रहने का अनुमान जताया है। जनवरी में बैैंक ने वैश्विक विकास दर 4.1 प्रतिशत रहने का अनुमान जताया था। 2021 में वैश्विक विकास दर 5.7 प्रतिशत रही थी। विश्व बैैंक ने कहा कि रूस-यूक्रेन युद्ध के कारण ऊर्जा और खाद्य पदार्थों की कीमतों में तेजी और आपूर्ति श्रृंखला में बाधा के कारण विकास दर में गिरावट रहेगी।










