Google Analytics Meta Pixel टूटी हडिडयों को जोडऩे के साथ कई बीमारियों में फायदेमंद है हडज़ोड़, ऐसे करें प्रयोग - Ekhabri.com

टूटी हडिडयों को जोडऩे के साथ कई बीमारियों में फायदेमंद है हडज़ोड़, ऐसे करें प्रयोग

 

रायपुर। हडज़ोड़ को अस्थिसंहार के नाम से भी जाना जाता है। अस्थिसंहार को हिन्दी में हड्डीजोड़ कहते हैं। अस्थिसंहार को आयुर्वेद में औषधि के रुप में सबसे ज्यादा प्रयोग हड्डियों को जोडऩे के लिए इस्तेमाल किया जाता है। इसके अलावा भी अस्थिसंहार पेट संबंधी समस्या, पाइल्स, ल्यूकोरिया, मोच, अल्सर आदि रोगों के उपचार में भी काम आता है।
सभी भाग दवा की तरह से इस्तेमाल किये जाते हैं
हडज़ोड़ को आयुर्वेद समेत दुनिया के कई पारम्परिक चिकित्सा में इस्तेमाल किया जाता है। इसे थाईलैंड और अफ्रीका में भी इस्तेमाल करते हैं। पौधे के सभी भाग दवा की तरह से इस्तेमाल किये जाते हैं।

 

सोडियम, पोटैशियम और कैल्शियम कार्बोनेट का स्रोत

 

हडज़ोड़ में सोडियम, पोटैशियम और कैल्शियम कार्बोनेट पाया जाता है और इसे टूटी हड्डी जोडऩे में बहुत लाभप्रद पाया गया है। हड्डी जोडऩे में इसका आंतरिक और बाह्य दोनों तरह से इस्तेमाल होता है। आंतरिक रूप से इसके तने का जूस 10 से 20 मिलीलीटर की मात्रा में लिया जाता है। फ्रैक्चर में प्रयोग किये जाने पर यह हड्डी के बनने की दर को बढ़ाता है और हड्डी में रक्त परिसंचरण और पोषक आपूर्ति में सुधार करता है।

 

कई बायोएक्टिव घटक होते हैं

 

हडज़ोड़ के पत्तों और तने में कई बायोएक्टिव घटक होते हैं। इसमें सोडियम, पोटैशियम, कैल्शियम कार्बोनेट, विटामिन सी, विटामिन ई, एसिटिलेटेड ग्लाइकोसाइड्स, रेल्वरेट्रोल ग्लाइकोसाइड्स, रेसवर्टरोल, पाइसैटैनोल, पैलिडोल, पार्टनोकिसिन ए, जेनिस्टीन, क्वाड्रैंगुलरिन एसी और डेडेजिऩ समेत स्टिलबेन यौगिक आदि मौजूद होते हैं।

 

कैसे करें इस्तेमाल

 

हडजोड़ पौधे की पत्तियों को सुखाकर पाउडर बना लें और फिर बराबर मात्रा में उड़द की दाल मिला कर गीला पेस्ट तैयार कर लें। फै्रक्चर हुई हड्डी को जोडऩे के लिए बांस की लकड़ी की मदद से हड्डी को सीधी करें। अब पेस्ट को कॉटन के कपड़े पर लगाकर इसे चोट पर बांध दें और ऊपर से बांस की लकड़ी को कुशा यानि देसी घास से बांधे। हर तीसरे दिन इस लेप को बदलें।
फ्रै क्चर बांधने के अलावा साथ में हडजोड़ की पत्तियां, गेहूं का भुना हुआ आटा, अर्जुन की छाल आदि बराबर मात्रा में लेकर पीस कर पाउडर तैयार कर लें। अगर आपका वजन 60 किलो है तो 6 ग्राम चूर्ण को घी के साथ मिक्स करके खाएं और इसे खाने के बाद हल्दी वाला दूध में शक्कर या शहद डाल कर पीएं। अगर आपको ऊपर वाली चीजें न मिलें तो हडजोड़ की पत्तियां का रस 2 टीस्पून लेकर उसमें 1 चम्मच घी मिक्स करके खाएं। इसे खाने के बाद 250 मि.ली. दूध पीएं। इन चीजों का 4 सप्ताह तक सेवन करें। हडज़ोड़ के तने का जूस, दिन में दो बार 10 से 20 मिलीलीटर की मात्रा में फ्रैक्चर उपचार, कम अस्थि खनिज घनत्व और हड्डियों की कमजोरी सहित हड्डियों के कई रोगों में लिया जाता है।

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