देश के अरबपति कारोबारी गौतम अदाणी ने अगले एक दशक में नवीन ऊर्जा पर 70 अरब डालर यानी 5.25 लाख करोड़ रुपये की घोषणा की है। अदाणी ग्रुप का लक्ष्य दुनिया की सबसे बड़ी नवीन ऊर्जा कंपनी बनना और धरती पर सबसे सस्ता हाइड्रोजन उत्पादन करना है। अदाणी ग्रुप के संस्थापक-चेयरमैन का कहना था कि ग्रुप नवीन ऊर्जा को व्यवहार्य, किफायती और जीवाश्म ईंधन का विकल्प बनाने की दिशा में काम कर रहा है।
दुनिया की सबसे बड़ी सोलर पावर डेवलपर कंपनी अदाणी ग्रीन एनर्जी लिमिटेड (एजीईएल) वर्ष 2030 तक 45 गीगावाट नवीन ऊर्जा क्षमता के विकास का लक्ष्य रख रही है। वहीं, देश की सबसे बड़ी निजी बिजली ट्रांसमिशन कंपनी अदाणी ट्रांसमिशन लिमिटेड (एटीएल) अपनी बिजली खरीद में नवीन ऊर्जा का हिस्सा वर्ष 2030 तक 70 प्रतिशत पर पहुंचाना चाहती है। वर्तमान में यह हिस्सेदारी सिर्फ तीन प्रतिशत है, जिसे कंपनी ने वित्त वर्ष 2023 के अंत तक 30 प्रतिशत पर ले जाना चाहती है।
अदाणी ने कहा कि हमें वर्ष 2030 तक दुनिया की सबसे बड़ी नवीन ऊर्जा कंपनी बनने में कोई शक नहीं है। इस लक्ष्य को हासिल करने के लिए ही हमने अगले एक दशक में इस पर 70 अरब डालर निवेश का फैसला किया है। अभी तक ऐसी कोई कंपनी सामने नहीं आई है, जिसने अपने स्थायित्व ढांचे को लेकर इतने बड़े निवेश की बात कही हो। इसलिए मैं मानता हूं कि नवीन ऊर्जा के क्षेत्र में हमारी वर्तमान क्षमता और इस पर बड़ी मात्रा में किए जाने वाले निवेश्ा का मेल हमें धरती पर सबसे सस्ता ग्रीन हाइड्रोजन उत्पादन करने वाली वैश्विक कंपनियों में सबसे ऊपर रखता है।
उन्होंने कहा कि जिन कारोबारों की ओर हमारा लक्ष्य है, ग्रीन हाइड्रोजन उनकी ईंधन जरूरतों का प्रमुख स्रोत बनने वाला है। हम अपनी तरफ से दुनिया के सबसे कम लागत वाले ग्रीन हाइड्रोजन उत्पादन के लिए तैयार हैं। नवीन ऊर्जा से उत्पादित ग्रीन हाइड्रोजन एक चमत्कारिक ईंधन है। भारत में इस ऊर्जा का प्रमुख निर्यातक बनने की सभी संभावनाएं मौजूद हैं।










