सरगुजा जिले के सीतापुर के बेलजोरा के रहने वाले राजमिस्त्री संदीप लकड़ा की लाश जल जीवन मिशन योजना के तहत मैनपाठ के लुरैना में बनाये जा रहे फाउंडेशन के नीचे पुलिस ने शव को बरामद किया है। इस पूरे हत्या के मामले में ठेकेदार सहित 6 आरोपी शामिल है। जिसमे पुलिस ने 4 आरोपियों को गिरफ्तार किया हैं। वही दो मुख्य आरोपी फरार है।
सीतापुर थाना क्षेत्र अंतर्गत ग्राम बेलजोरा का संदीप लकड़ा 7 जून से लापता था। इसकी शिकायत थाने में पत्नी परिजनों के साथ दर्ज करने पहुँची हुई थी। लेकिन सीतापुर पुलिस के द्वारा टालटोल करते हुए पुलिस ने एफआईआर दर्ज नहीं किया था। इसके बाद परिजनों ने आदिवासी समाज के साथ थाने का देर रात तक घेराव किया। तब कहीं एफआईआर दर्ज किया गया। लेकिन पूरे मामले में पुलिस की लापरवाही सामने आई है, जिसका आरोप परिजनों और पूर्व खाद्य मंत्री अमरजीत भगत ने लगाया है।
पुलिस ने बताया कि साइबर सेल की मदद से इस पूरी घटना को सुलझाने में सफलता मिली है। जिस तरह से चार आरोपियों को पूछताछ के लिए पुलिस जब थाने लेकर आई और कड़ाई से पूछताछ की गई। तब आरोपियों ने बताया कि जल जीवन मिशन के तहत बनाए जा रहे गड्ढे के अंदर युवक को दफना दिया गया है। इस आधार पर पुलिस ने आज खुदाई शुरू की। जिसमें 6 घंटे तक चली खुदाई में युवक का शव बरामद किया गया। जिसमें चार आरोपी को गिरफ्तार किया गया है। वहीं मुख्य ठेकेदार सहित 2 आरोपी की फरार है। जिसकी पुलिस तलाश कर रही है।
गौर हो कि इस पूरी घटना की साजिश रचने वाले मुख्य दो आरोपी फरार है। सरगुजा पुलिस की साइबर सेल ने इस पूरे मामले को लेकर मृतक के मोबाइल की जांच की तो पता चला कि मोबाइल का लोकेशन मुम्बई बता रहा था। जिसमें पुलिस को भी खोजने में परेशानी हो रही थी। लेकिन निर्माण में काम करवा रहे चार लोगों से कड़ी पूछताछ के बाद इस पूरे मामले का खुलासा हुआ है। इस पूरे मामले में साइबर सेल की अहम भूमिका बताई जा रही है।










