चार नई श्रम संहिताओं को वापस लेने की मांग को लेकर ट्रेड यूनियनों ने गुरुवार को देशव्यापी बंद का एलान किया है। हालांकि यह बंद पश्चिम बंगाल में असर डालने में नाकाम रहा है और बंगाल में हालात पूरी तरह से सामान्य बने हुए हैं। सरकारी और निजी कार्यालय सामान्य तौर पर संचालित हो रहे हैं। 14 केंद्रीय ट्रेड यूनियनों ने संयुक्त तौर पर बंद का आह्वान किया है। इन ट्रेड यूनियनों की मांग है कि चार नई श्रम संहिताओं को वापस लिया जाए और कामगारों और किसानों को प्रभावित करने वाली नीतियों को भी वापस लिया जाए। कर्मचारी और अध्यापक संगठनों ने भी ट्रेड यूनियन के इस बंद का समर्थन किया है। हालांकि एक समय वाम दलों का गढ़ रहा बंगाल इस बंद के असर से अछूता दिख रहा है।ट्रेड यूनियनों का आरोप है कि केंद्र सरकार की नीतियां कामगार विरोधी, किसान विरोधी और राष्ट्रविरोधी होने के साथ-साथ कॉरपोरेट समर्थक हैं। ऑल इंडिया ट्रेड यूनियन कांग्रेस की महासचिव अमरजीत कौर का दावा है कि असम, तमिलनाडु, पुडुचेरी, केरल, ओडिशा और बिहार में बंद का व्यापक असर है। केरल में बंद का व्यापक असर है और वहां आम जनजीवन बंद के असर से बुरी तरह प्रभावित हुआ है।










