बालोद के पाकुरभाट गांव में पंचायत की लापरवाही का नतीजा स्कूली बच्चे व आंगनबाड़ी के बच्चे भूगत रहे हैं। निर्माण कार्य में लेटलतीफी के चलते चार साल बाद भी निर्माण पूरा नहीं हो पाया है। पाकुरभाट जगतरा पंचायत का आश्रित ग्राम है, जिसे प्रधानमंत्री आदर्श ग्राम का दर्जा मिला है।
प्रधानमंत्री आदर्श ग्राम पाकुरभाट के प्राथमिक स्कूल में चार साल पहले 2021 में शौचालय और मुत्रालय निर्माण के लिए डेढ़ लाख रूपये सरकार की ओर से स्वीकृत हुए थे। इसका निर्माण अब तक शुरू नहीं हो पाया है और 75 हजार रूपये ग्राम पंचायत जगतरा के खाते में जारी भी किया जा चुका है। इसके अलावा उसी स्कूल भवन में अहाता निर्माण के लिए 6 लाख रूपये स्वीकृत हुए थे, जिसमें से 3 लाख रूपये पंचायत के खाते में डाले जा चुके हैं। इसका निर्माण कार्य अधुरा है। वहीं जर्जर आंगनबाड़ी भवन के लिए अहाता निर्माण और पाथवे निर्माण के लिए 3 लाख रूपये स्वीकृत हो चुके हैं, जिसमें से ढाई लाख रूपये पंचायत के खाते में डाले जा चुके हैं। नियमानुसार इस कार्य के लिए पंचायत को निर्माण एजेंसी बनाया है, लेकिन पंचायत ने एक ठेकेदार को निर्माण कार्य सौंप दिया।
सरपंच गजेन्द्र यादव ने शाला प्रबंधन समिति द्वारा जगह नहीं दिये जाने के कारण शौचालय निर्माण नहीं होने की बात कही। सरपंच ने परेशानी का हवाला देते हुए काम पूरा नहीं किये जाने की बात कही। सरपंच ने सप्ताह के भीतर काम पूरा करने का हवाला दिया। अब सवाल यह है कि अगर शौचालय का निर्माण कार्य शुरू ही नहीं हुए तो पंचायत को 75 हजार रूपये राशि जारी क्यों कर दी गई। इधर अधूरे निर्माण कार्य को लेकर जनपद की ओर से 6 बार पंचायत को नोटिस जारी किया जा चुका है, लेकिन अब तक निर्माण कार्य पूरा नहीं हो पाया। पूरे मामले को लेकर जिला पंचायत बालोद के मुख्य कार्यपालन अधिकारी संजय कन्नौजे से चर्चा करने की कोशिश की गई, लेकिन उन्होंने जनपद से रिपोर्ट मंगाने का हवाला देते हुए कुछ भी कहने से इनकार कर दिया।










