EKhabri Special धर्मदर्शन। छत्तीसगढ़ के बिलासपुर से करीब 25 किमी दूर रतनपुर गांव में देवी लक्ष्मी का प्राचीन मंदिर इकवीरा पहाड़ी पर है। धन वैभव, सुख, समृद्धि और ऐश्वर्य की देवी मां महालक्ष्मी का ये प्राचीन मंदिर करीब 800 साल से ज्यादा पुराना माना जाता है। ये मंदिर लखनी देवी मंदिर के नाम से जाना जाता है। लखनी देवी शब्द लक्ष्मी का ही अपभ्रंश है, जो साधारण बोलचाल की भाषा में रूढ़ हो गया है।
छत्तीसगढ़ में मार्गशीर्ष महीने के हर गुरुवार को देवी लक्ष्मी की विशेष पूजा की जाती है। हर गुरुवार को यहां देवी की विशेष पूजा होती है और दर्शन के लिए कई भक्त आते हैं।
जिस पर्वत पर ये मंदिर है इसके भी कई नाम है। इसे इकबीरा पर्वत, वाराह पर्वत, श्री पर्वत और लक्ष्मीधाम पर्वत भी कहा जाता है। ये मंदिर कल्चुरी राजा रत्नदेव तृतीय के प्रधानमंत्री गंगाधर ने 1179 में कराया था। उस समय इस मंदिर में जिस देवी की प्रतिमा स्थापित की गई उन्हें इकबीरा और स्तंभिनी देवी कहा जाता था।
मंदिर का आकार पुष्पक विमान जैसा
प्राचीन मान्यता के मुताबिक, रत्नदेव तृतीय के साल 1178 में राज्यारोहण करते ही प्रजा अकाल और महामारी से परेशान हो रही थी और राजकोष भी खाली हो चुका था। ऐसे हालात में राजा के विद्वान मंत्री पंडित गंगाधर ने लक्ष्मी देवी मंदिर बनवाया। मंदिर के बनते ही अकाल और महामारी राज्य से खत्म हो गई और सुख, समृद्धि, खुशहाली फिर से लौट आई। इस मंदिर की आकृति शास्त्रों में बताए गए पुष्पक विमान की जैसी है और इसके अंदर श्रीयंत्र बना हुआ है।
लखनी देवी का स्वरूप अष्ट लक्ष्मी देवियों में से सौभाग्य लक्ष्मी का है। जो अष्टदल कमल पर विराजमान है। सौभाग्य लक्ष्मी की हमेशा पूजा-अर्चना से सौभाग्य प्राप्ति होती है और मनोकामनाएं भी पूरी होती है। लक्ष्मीजी के इस रूप की पूजा करने से अनुकूलताएं आने लगती हैं।
रायपुर, 09 अप्रैल 2026।गर्मी के मौसम में बढ़ती यात्रियों की भीड़ को देखते हुए रेलवे प्रशासन ने बड़ी सुविधा दी है। दक्षिण पूर्व मध्य रेलवे के नागपुर मंडल ने गोंदिया से रक्सौल के बीच साप्ताहिक समर स्पेशल ट्रेन चलाने का...
नई दिल्ली: साल 2025 में रिकॉर्ड स्तर छूने के बाद सोने की कीमतों में तेजी का रुख 2026 की शुरुआत में भी जारी है। वैश्विक आर्थिक अनिश्चितता, महंगाई और केंद्रीय बैंकों की नीतियों में बदलाव के बीच गोल्ड फिर से...
रायपुर, 09 अप्रैल 2026। छत्तीसगढ़ के सुकमा जिले में लोकतंत्र को मजबूत करने की दिशा में एक अहम पहल की गई है। नक्सल पुनर्वास नीति के तहत समाज की मुख्यधारा में लौट रहे आत्मसमर्पित युवाओं को अब मतदान का अधिकार...
रायपुर, 11 अप्रैल 2026।छत्तीसगढ़ के रायपुर जिले के तिल्दा ब्लॉक स्थित साकरा गांव के किसान संजय वर्मा ने पारंपरिक धान खेती छोड़कर रजनीगंधा (ट्यूबरोज) की खेती अपनाकर आय का नया रास्ता बनाया है। शासकीय योजनाओं के सहयोग से उन्होंने खेती...
कोलकाता:केंद्रीय गृह मंत्री Amit Shah ने शुक्रवार को Kolkata में पश्चिम बंगाल विधानसभा चुनाव 2026 के लिए Bharatiya Janata Party का घोषणापत्र जारी किया। पार्टी ने इस दस्तावेज को ‘संकल्प पत्र’ और ‘भरोसे का पत्र’ नाम दिया है। घोषणापत्र...
रायपुर, 10 अप्रैल 2026।छत्तीसगढ़ में आगामी मई-जून 2026 में संभावित नगरीय निकाय और त्रिस्तरीय पंचायत चुनाव को देखते हुए मतदाता सूची पुनरीक्षण की तैयारियां तेज कर दी गई हैं। छत्तीसगढ़ राज्य निर्वाचन आयोग द्वारा इस दिशा में व्यापक स्तर पर...
रायपुर। आज के समय में बच्चों के लिए सही स्कूल का चयन अभिभावकों के लिए एक बड़ी चुनौती बन गया है। हर स्कूल खुद को बेहतर बताता है, लेकिन सही निर्णय वही होता है जो बच्चे की जरूरत, रुचि और...
दुर्ग।जिले के उतई थाना क्षेत्र में एक पांच वर्षीय बच्ची के लापता होने के बाद सनसनी फैल गई। पुलिस से मिली जानकारी के अनुसार, 10 अप्रैल 2026 को दोपहर करीब 2 बजे उतई बस्ती से बच्ची के गायब होने की...
रायपुर, 10 अप्रैल 2026। जिला प्रशासन रायपुर द्वारा रेड क्रॉस सोसाइटी, जिला शाखा रायपुर के सहयोग से “प्रोजेक्ट सुरक्षा” के अंतर्गत जीवनरक्षक प्रशिक्षण कार्यक्रम आयोजित किया गया। इस पहल का उद्देश्य आपातकालीन परिस्थितियों में त्वरित सहायता प्रदान करने की क्षमता...
रायपुर, 10 अप्रैल 2026।छत्तीसगढ़ के बिलासपुर जिले के कोटा विकासखंड अंतर्गत ग्राम करका की रहने वाली सुभद्रा ने खीरा की खेती के जरिए अपनी आर्थिक स्थिति बदलकर आत्मनिर्भरता की नई मिसाल पेश की है। कभी गरीबी से जूझ रही सुभद्रा...