Google Analytics Meta Pixel विशेष: मसीहा थीं मिनीमाता - Ekhabri.com

विशेष: मसीहा थीं मिनीमाता

मिनी माता को लोग मसीहा मानते थे। उन्होंने छुआछूत मिटाने के लिए कई काम किये। जरूरमंद की मदद करना वे अपना धर्म मानती थीं।

सन् 1952 में मिनी माता सांसद बनी थीं। उन्होंने देश के लिए बहुत ही महत्वपूर्ण काम किया था। उनके घर में हर श्रेणी के लोग आते थे और मिनी माता उनकी समस्याओं को हल करने में पूरी मदद करती थीं। ऐसा कहते हैं कि जब वे सांसद के रुप में दिल्ली में रहती थीं तो उनका वास स्थान एक धर्मशाला जैसा था।

मिनी माता का नाम मीनाक्षी देवी था। वे कैसे मीनाक्षी से मिनी माता बनी, यह जानने के लिए हमें उनके अतीत को जानना पड़ेगा। देवबती की बेटी थीं मीनाक्षी देवी थीं। आसाम में उन्होंने मिडिल तक की पढ़ाई की। सन् था 1920 । उस वक्त स्वदेशी आन्दोलन चल रहा था। छोटी-सी मिनी स्वदेशी पहनने लगी। उन्होंने विदेशी वस्तुओं की होली भी जलाई।

उस वक्त गुरु गद्दीनसीन अगमदास जी गुरु गोसाई धर्म का प्रचार करने आसाम पहुँचे। वहाँ मिनी के परिवार में ठहरे थे। उन्होंने मिनी की माताजी के सामने शादी का प्रस्ताव रखा। इसी प्रकार मीनाक्षी देवी मिनी माता बन गईं और छत्तीसगढ़ वापस आईं। अगमदास गुरु राष्ट्रीय आन्दोलन में भाग ले रहे थे। उनके रायपुर का घर सत्याग्रहियों का घर बना।

पं. सुन्दरलाल शर्मा, डॉ. राधा बाई, ठाकुर प्यारेलाल सिंह – सभी उनके घर में आते थे। अगमदास गुरु के कारण ही पूरे सतनामी समाज ने राष्ट्रीय आन्दोलन में भाग लिया।

मिनी माता सब के लिए माता समान थीं। वे हमेशा उन लोगों की मदद करने के लिए तैयार रहती थीं, जिनका कोई नहीं है जिन पर समाज दबाव डाल रहा है। जो कोई भी परेशानी में होता, मिनी माता के पास आ जाता और मिनी माता को देखकर ही उन के मन में शांति की भावना छा जाती।

Read Also  बड़ी खबर: छत्तीसगढ़ में बडा प्रशासनिक फेर बदल राजधानी को मिला नया कलेक्टर, मुख्यमंत्री और जनसंपर्क को नया विशेष सचिव सह आयुक्त, देखें लिस्ट


सन् 1951 में अगमदास गुरु का देहान्त हो गया अचानक। मिनी माता पर अगमदासजी गुरु की पूरी ज़िम्मेदारी आ पड़ी। घर सँभालने के साथ-साथ समाज का कार्य करती रहीं पूरी लगन के साथ। उनका बेटा विजय कुमार तब कम उम्र का था। 1952 में मिनी माता सांसद बनी। तब से उनकी ज़िम्मेदारी और भी बढ़ गई। ऐसा कहते हैं कि हर काम को जब तक पूरा नहीं करतीं, तब तक वे चिन्तित रहती थीं।

नारी शिक्षा के लिए किया काम

नारी शिक्षा के लिए मिनी माता खूब काम करती थीं। सभी को कहती थीं अपनी बेटियों को पढ़ाने के लिए। बहुत सारी लड़कियाँ उनके पास रहकर पढ़ाई करतीं। जिन लड़कियों में पढ़ाई के प्रति रुचि देखतीं, उनके लिए ऊँची शिक्षा का बन्दोबस्त करती थीं।

छत्तीसगढ़ साँस्कृतिक मंडल की मिनी माता अध्यक्षा रहीं। छत्तीसगढ़ कल्याण मज़दूर संगठन जो भिलाई में है, उसकी संस्थापक अध्यक्षा रहीं। बांगो-बाँध मिनी माता के कारण ही सम्भव हुआ था।

मिनी माता का सभी धर्मों के लिए समान आदर भाव था। मिनी माता सभी से यही कहती थीं कि लोगों का आदर करें, सम्मान करें। मिनी माता छत्तीसगढ़ राज्य के आन्दोलन में शुरु से ही सक्रिय हिस्सा लेती रही थीं।

सन् 1972 में एक वायुयान भोपाल से दिल्ली की ओर जा रहा था। मिनी माता भोपाल में अपने बेटे विजय के पास आई थीं। उसी वायुयान से दिल्ली वापस जा रही थीं। उस वायुयान में चौदह यात्री थे। वह वायुयान दिल्ली नहीं पहुँच पाया, उसी दुर्घटना में हमारी मिनी माता भी अपना काम अधूरा छोड़ कर चली गयीं। छत्तीसगढ़ में लोग विश्वास नहीं कर पा रहे थे कि मिनी माता अब उनके बीच नहीं रहीं।

Read Also  11,000 कर्मचारियों को निकालेगी फेसबुक की पैरेंट कंपनी मेटा


मिनीमाता का मूल नाम मीनाक्षी देवी था। उनका जन्म 13 मार्च 1913 को असम राज्य के दौलगांव में हुआ। उन्हें असमिया, अंग्रेजी, बांगला, हिन्दी और छत्तीसगढ़ी भाषा का अच्छा ज्ञान था। वह सत्य, अहिंसा एवं प्रेम की साक्षात् प्रतिमूर्ति थीं। उनका विवाह गुरूबाबा घासीदास जी के चौथे वंशज गुरू अगमदास से हुआ। विवाह के बाद वे छत्तीसगढ़ आई, तब से उन्होंने इस क्षेत्र के विकास के लिए अपना पूरा जीवन समर्पित कर दिया। गुरू अगमदास जी की प्रेरणा से स्वाधीनता के आंदोलन, समाजसुधार और मानव उत्थान कार्यों में उन्होंने बढ़-चढ़कर हिस्सा लिया। स्वतंत्रता पश्चात लोकसभा का प्रथम चुनाव 1951-52 में सम्पन्न हुआ। मिनीमाता सन् 1951 से 1971 तक सांसद के रूप में लोकसभा की सदस्य रहीं। छत्तीसगढ़ की प्रथम महिला सांसद के रूप में उनके दलितों एवं महिलाओं के उत्थान के लिए किए गए कार्यों के लिए सदा याद किया जाएगा। अविभाजित मध्यप्रदेश में बिलासपुर-दुर्ग-रायपुर आरक्षित सीट से लोकसभा की प्रथम महिला सांसद चुनी गईं। इसके बाद परिसीमन में अनुसूचित जाति के लिए आरक्षित जांजगीर लोकसभा क्षेत्र से चार बार चुनाव जीत कर लोकसभा पहुंची।


मिनीमाता के योगदान को चिरस्थाई बनाने के लिए तत्कालीन मध्यप्रदेश में हसदेव बांगो बांध को मिनीमाता के नाम पर रखकर किसानों के हित में किए गए उनके कार्यो के प्रति श्रद्धांजलि दी गई। आज बिलासपुर और जांजगीर जिले के हजारों किसानों को सिंचाई की सुविधा मिल रही है। मिनीमाता ने उद्योगों में हमेशा स्थानीय लोगों को रोजगार दिए जाने की वकालत की। वर्ष 2000 में छत्तीसगढ़ के गठन के बाद छत्तीसगढ़ शासन द्वारा मिनीमाता की स्मृति में समाज एवं महिलाओं के उत्थान के क्षेत्र में उत्कृष्ट योगदान के लिए मिनीमाता सम्मान की स्थापना की गई। छत्तीसगढ़ सरकार ने गांवों में घर-घर शुद्ध पेयजल उपलब्ध कराने के लिए मिनीमाता अमृत धारा योजना की शुरूआत की गई है।

Share The News




CLICK BELOW to get latest news on Whatsapp or Telegram.

 


दिल्ली में हाई अलर्ट, धमकी मिलने से सनसनी

By Reporter 5 / August 14, 2026 / 0 Comments
नई दिल्ली। स्वतंत्रता दिवस से ठीक एक दिन पहले राजधानी दिल्ली में कई अहम स्थानों को बम से उड़ाने की धमकी मिलने के बाद सुरक्षा एजेंसियां अलर्ट हो गई हैं। दिल्ली हाई कोर्ट समेत कुल छह स्थानों को निशाना बनाने...

झीरम शहीदों को विजय शर्मा ने दी श्रद्धांजलि, बस्तर में शांति का संकल्प

By Reporter 5 / August 15, 2026 / 0 Comments
रायपुर। स्वतंत्रता दिवस के अवसर पर उप मुख्यमंत्री एवं गृह मंत्री विजय शर्मा ने बस्तर जिले की झीरम घाटी पहुंचकर झीरम के शहीदों को श्रद्धांजलि अर्पित की। उन्होंने शहीदों की स्मृति में पौधारोपण कर उनके बलिदान को नमन किया। इस...

नाग पंचमी के दिन सूर्य का गोचर, जानिए किन राशियों में होगा असर

By Reporter 5 / August 16, 2026 / 0 Comments
नई दिल्ली। हिन्दू ज्योतिष शास्त्र में भी नाग पंचमी का त्योहार न केवल धार्मिक दृष्टि से बहुत खास माना जाता है, बल्कि ग्रह-नक्षत्रों की स्थिति के लिहाज से भी यह दिन बहुत शुभ होता है। इस साल नाग पंचमी का पर्व...

आज का राशिफल 

By Reporter 5 / August 14, 2026 / 0 Comments
मेष राशि : आज का दिन आपके लिए अकस्मात लाभ दिलाने वाला रहेगा। आप बुद्धि व विवेक से काफी अच्छे निर्णय लेंगे। परिवार में किसी सदस्य के विवाह में आ रही बाधा दूर होगी। लेकिन आप किसी से मांग कर...

तंबाकू पर शिकंजा: कोटपा के सख्त अमल से तंबाकू मुक्त बनेगा छत्तीसगढ़

By Reporter 5 / August 14, 2026 / 0 Comments
रायपुर। छत्तीसगढ़ में तंबाकू के सेवन पर रोक लगाने और इसके गंभीर दुष्प्रभावों से लोगों को बचाने के लिए अब कानून के प्रभावी क्रियान्वयन के साथ जनभागीदारी और विभिन्न विभागों के बीच समन्वय को मजबूत किया जा रहा है। इसी दिशा...

नागचंद्रेश्वर मंदिर के पट खुले, दर्शन को उमड़ी भीड़ में भगदड़ जैसी स्थिति

By User 6 / August 17, 2026 / 0 Comments
उज्जैन।धार्मिक नगरी उज्जैन में सावन के तीसरे सोमवार और नाग पंचमी के विशेष अवसर पर भगवान नागचंद्रेश्वर के भक्तों का लंबे समय से चला आ रहा इंतजार खत्म हुआ। रविवार रात करीब 11:30 बजे श्री नागचंद्रेश्वर मंदिर के कपाट खोलने...

मुडमार बांध में नहाने गए 35 वर्षीय युवक की डूबने से मौत

By Reporter 5 / August 16, 2026 / 0 Comments
महासमुंद। महासमुंद में स्वतंत्रता दिवस की खुशियां उस वक्त मातम में बदल गईं, जब मुडमार बांध में नहाने गए 35 वर्षीय युवक की डूबने से मौत हो गई। मृतक की पहचान वार्ड नंबर 26, क्लब पारा निवासी प्रणय गुर्वेकर के...

आर्थिक तंगी के बीच मुख्यमंत्री कैंप कार्यालय की पहल से अविनाश को मिला नया जीवन

By User 6 / August 18, 2026 / 0 Comments
रायपुर । आर्थिक तंगी के कारण इलाज से वंचित 21 वर्षीय अविनाश नायक के लिए मुख्यमंत्री कैंप कार्यालय की संवेदनशील पहल नई उम्मीद लेकर आई। फरसाबहार विकासखंड के ग्राम पंडरीपानी निवासी अविनाश का रायपुर स्थित डीकेएस अस्पताल में सफल उपचार...

UN रिपोर्ट में खुलासा, लाल किले ब्लास्ट में अलकायदा का हाथ

By Reporter 5 / August 14, 2026 / 0 Comments
नई दिल्ली। दिल्ली लाल किले के पास हुए धमाके को लेकर UN की रिपोर्ट में अहम खुलासा हुआ है। UN की रिपोर्ट में यह दावा किया गया है कि धमाके में अलकायदा से जुड़े संगठन का हाथ था। इस बम...

रायपुर में अत्याधुनिक रामकृष्ण केयर कैंसर इंस्टीट्यूट का शुभारंभ

By Reporter 5 / August 16, 2026 / 0 Comments
रायपुर में अत्याधुनिक रामकृष्ण केयर कैंसर इंस्टीट्यूट का शुभारंभ, स्वास्थ्य सेवाओं को मिली नई मजबूती   रायपुर । राजधानी रायपुर के पचपेड़ी नाका स्थित रामकृष्ण केयर हॉस्पिटल परिसर में अत्याधुनिक रामकृष्ण केयर कैंसर इंस्टीट्यूट का शुभारंभ हुआ। मुख्यमंत्री विष्णु देव...

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *