रायपुर, 16 मार्च 2026। राजधानी रायपुर के सिविल लाइन्स स्थित न्यू सर्किट हाउस में इलेक्ट्रॉनिक प्रोक्योरमेंट सिस्टम पर दो दिवसीय राज्यस्तरीय प्रशिक्षण कार्यशाला का शुभारंभ हुआ। राष्ट्रीय सूचना विज्ञान केंद्र द्वारा विकसित इस प्रणाली पर आयोजित कार्यशाला का उद्देश्य शासकीय खरीद प्रक्रिया में पारदर्शिता और दक्षता को बढ़ाना है।
चिप्स और राष्ट्रीय सूचना विज्ञान केंद्र के संयुक्त तत्वावधान में आयोजित इस प्रशिक्षण कार्यक्रम में राज्य के विभिन्न विभागों के अधिकारियों को नई ई-प्रोक्योरमेंट प्रणाली की कार्यप्रणाली और तकनीकी पहलुओं की जानकारी दी जा रही है। कार्यशाला के पहले दिन लोक कल्याण विभाग, लोक स्वास्थ्य यांत्रिकी विभाग, जल संसाधन विभाग, गृहनिर्माण विभाग और पर्यटन विभाग सहित लगभग 50 विभागों के नोडल अधिकारी शामिल हुए।
कार्यशाला में नई दिल्ली से आए राष्ट्रीय सूचना विज्ञान केंद्र के विशेषज्ञों की टीम अधिकारियों को प्रशिक्षण दे रही है। प्रशिक्षण के दौरान अधिकारियों को नई प्रणाली के तकनीकी फीचर्स, निविदा प्रक्रिया और डिजिटल प्लेटफॉर्म के उपयोग के बारे में विस्तार से बताया जा रहा है।
कार्यक्रम के उद्घाटन सत्र में चिप्स के मुख्य कार्यपालन अधिकारी प्रभात मलिक ने कहा कि राज्य में ई-खरीद प्रणाली पिछले एक दशक से संचालित हो रही है। अब राष्ट्रीय सूचना विज्ञान केंद्र द्वारा विकसित नई ई-प्रोक्योरमेंट प्रणाली की ओर संक्रमण डिजिटल प्रशासन की दिशा में महत्वपूर्ण कदम है। उन्होंने अधिकारियों से नई प्रणाली को अपनाकर शासन में पारदर्शिता और दक्षता बढ़ाने में सक्रिय भूमिका निभाने का आह्वान किया।
राष्ट्रीय सूचना विज्ञान केंद्र की उप-महासंचालक और ई-प्रोक्योरमेंट समूह की प्रमुख उषा सक्सेना ने प्रशिक्षण सत्र को संबोधित करते हुए कहा कि निविदा प्रक्रिया में पारदर्शिता, दक्षता और समान अवसर बेहद महत्वपूर्ण हैं। नई ई-प्रोक्योरमेंट प्रणाली इन सभी मानकों को ध्यान में रखकर विकसित की गई है। उन्होंने बताया कि इस प्रणाली के माध्यम से प्रतिदिन हजारों निविदाओं का संचालन किया जा रहा है।
राज्य सूचना विज्ञान अधिकारी टी.एन. सिंह ने स्वागत उद्बोधन में कहा कि यह प्रणाली ई-सुशासन को मजबूत करने की दिशा में एक व्यापक पहल है। इसे राज्य की आवश्यकताओं के अनुरूप संरचित और अनुकूलित किया गया है तथा इसमें कई सुरक्षा फीचर्स भी शामिल किए गए हैं।
दो दिवसीय इस प्रशिक्षण कार्यक्रम में डिजिटल सिग्नेचर सर्टिफिकेशन, ई-ऑक्शन, टेंडर तैयार करने की प्रक्रिया, प्राइस बिड और सॉफ्टवेयर फीचर्स जैसे विषयों पर विस्तार से चर्चा की जा रही है। साथ ही इंडियन ऑयल कॉर्पोरेशन, मिलिट्री इंजीनियरिंग सर्विस और मेट्रो रेल जैसी संस्थाओं के उदाहरणों के माध्यम से ई-प्रोक्योरमेंट की बेहतर कार्यप्रणालियों को समझाया जाएगा।
कार्यशाला में चिप्स, राष्ट्रीय सूचना विज्ञान केंद्र और राज्य के विभिन्न विभागों के 130 से अधिक नोडल अधिकारी भाग ले रहे हैं। प्रशिक्षण के दौरान अधिकारियों की जिज्ञासाओं का समाधान भी किया जा रहा है, ताकि नई प्रणाली का प्रभावी उपयोग सुनिश्चित किया जा सके।










