Google Analytics Meta Pixel कोहिनूर हीरा के साथ इन 4 चीजों को भी लूटकर ले गए थे अंग्रेज - Ekhabri.com

कोहिनूर हीरा के साथ इन 4 चीजों को भी लूटकर ले गए थे अंग्रेज

भारत समेत दुनिया के कई दशों पर अंग्रेजों का राज्‍य रहा है। कहा जाता है कि ब्रिटिश साम्राज्य का सूरज कभी अस्‍त नहीं होता है। यानी उसके अधीन एक देश का सूर्य अस्‍त होता था, उसके पहले दूसरे देश में सूर्योदय हो जाता था। महारानी एलिजाबेथ सबसे लंबे समय तक राज करने वाली रहीं। अंग्रेजों द्वारा भारत से चुराए गए  कोहिनूर हीरा लंबे समय से रानी के मुकुट की शोभा बढ़ा रहा था।  अभी तक आप कोहिनूर के बारे में ही जानते होंगे, लेकिन इसके अलावा अंग्रेज 4 और चीजों  लूटकर ब्रिटेन ले गए थे। आज हम आपको इन चार चीजों की जानकारी दे रहे हैं। 

 

महारानी एलिजाबेथ की मृत्यु के बाद किंग चार्ल्स को आधिकारिक तौर पर ब्रिटेन का नया राजा घोषित किया गया है। इसके साथ ही इंटरनेट मीडिया पर लोग शोक जताने के साथ ब्रिटेन से भारत का कोहिनूर लाने की मांग करने लगे थे। भारतीयों का मानना है कि ये कीमती हीरा लंबे समय से रानी के मुकुट की शोभा बढ़ा रहा था, अब अगले सम्राट, राजा चार्ल्स 3 के पास चला जाएगा। ये बेशकीमती हीरा भारत को वापस मिलना चाहिए।

 

कोहिनूर हीरा दुनिया के सबसे कीमती हीरों में से एक है, भारत में 14वीं शताब्दी में आंध्र प्रदेश के गुंटूर में काकतीय राजवंश के शासनकाल में पाया गया था। कोहिनूर हीरा वारंगल में एक हिंदू मंदिर में देवी की एक आंख से हीरा निकालकर महारानी को उपहार के रूप में सौंपा गया था। महाराजा रणजीत सिंह के बेटे दिलीप सिंह के शासन के दौरान पंजाब के कब्जे के बाद 1849 में महारानी विक्टोरिया को हीरा दिया गया था। अभी, हीरा रानी के मुकुट में लगा हुआ है और टॉवर ऑफ लंदन के ज्वेल हाउस में संग्रहीत है।

Read Also  महतारी वंदन योजना की तरह हर माह मितानिनों के बैंक खाते में जाएगा मानदेय, CM साय के निर्देश पर स्वास्थ्य मंत्री ने की बड़ी घोषणा

 

ब्रिटन के पास “ग्रेट स्टार्ट ऑफ अफ्रीका” हीरा भी है, जो दुनिया का सबसे बड़ा हीरा माना जाता है। इसका वजन करीबन 530 कैरेट है। इसकी कीमत लगभग 400 मिलियन अमेरिकी डॉलर है। 1905 में ग्रेट स्टार ऑफ अफ्रीका डायमंड का दक्षिण अफ्रीका में खनन किया गया था। हीरे का खनन 1905 में हुआ था, जिसे एडवर्ड VII को सौंप दिया गया था, दावा किया जाता है कि उनके शासन के दौरान हीरा ब्रिटिश सरकार द्वारा चुराया गया था।

 

ब्रिटिश साम्राज्य ने एक और चीज जो चुराई गई थी वो थी। टीपू सुल्तान की अंगूठी, जिसे अंग्रेजों ने 1799 में ब्रिटिश साम्राज्य के खिलाफ लड़ाई हारने के बाद सुल्तान के मृत शरीर से चुरा लिया गया था। अंगूठी को ब्रिटेन में नीलामी के दौरान एक अज्ञात व्यक्ति को करीबन 145,000 ब्रिटिश पाउंड में बेचा गया था।

 

ब्रिटेन के पास एक और बेशकीमती चीज है, जिसे एल्गिन मार्बल्स के नाम से जाना जाता है। लॉर्ड एल्गिन ने ग्रीस में पार्थेनन की दीवारों से पत्थरों को निकालर 1803 में लंदन ले गए थे। ग्रीस 1925 से अपना इन चीजों को वापस देने की मांग करता रहता है। यह मार्बल्स ब्रिटिश म्यूजियम में संग्रहित हैं।

 

रोसेटा स्टोन ब्रिटिश संग्रहालय में प्रदर्शन के लिए रखा गया है। पुरातत्वविदों के अनुसार, 1800 के दशक में फ्रांस के खिलाफ लड़ाई जीतने के बाद रोसेटा स्टोन को अंग्रेजों ने “चोरी” कर लिया था।

Share The News




CLICK BELOW to get latest news on Whatsapp or Telegram.

 


छत्तीसगढ़ शक्तिपीठ परियोजना: पांच प्रमुख मंदिरों को जोड़कर बनेगा धार्मिक पर्यटन कॉरिडोर

By User 6 / October 15, 2026 / 0 Comments
छत्तीसगढ़ सरकार प्रदेश के पांच प्रमुख शक्तिपीठों को विकसित कर धार्मिक पर्यटन को नई पहचान देने की दिशा में काम कर रही है। छत्तीसगढ़ आस्था पथ योजना के तहत मां महामाया मंदिर रतनपुर, मां बम्लेश्वरी मंदिर डोंगरगढ़, मां दंतेश्वरी मंदिर...

छत्तीसगढ़ में 6 नए मेडिकल कॉलेज मंजूर, स्वास्थ्य सेवाओं पर CM साय का बड़ा निर्देश

By User 6 / October 15, 2026 / 0 Comments
रायपुर। छत्तीसगढ़ में स्वास्थ्य सुविधाओं के विस्तार, अस्पतालों में आवश्यक दवाइयों और जांच की उपलब्धता तथा दूरस्थ क्षेत्रों तक बेहतर चिकित्सा सेवाएं पहुंचाने पर राज्य सरकार ने जोर दिया है। मुख्यमंत्री विष्णु देव साय ने स्वास्थ्य एवं परिवार कल्याण तथा...

छत्तीसगढ़ में दीपावली की छुट्टियां बढ़ीं, अब 6 से 11 नवंबर तक स्कूल बंद

By User 6 / October 17, 2026 / 0 Comments
रायपुर। छत्तीसगढ़ में स्कूलों में पढ़ने वाले विद्यार्थियों और शिक्षकों के लिए राहत भरी खबर है। राज्य शासन के स्कूल शिक्षा विभाग ने शिक्षण सत्र 2026-27 के लिए दीपावली अवकाश की अवधि बढ़ा दी है। संशोधित आदेश के अनुसार अब...

सही विधि के साथ करें नवरात्र के व्रत का पारण, मिलेगी माँ की असीम कृपा 

By User 6 / October 19, 2026 / 0 Comments
दिल्ली। हिंदू धर्म में शारदीय नवरात्र का विशेष महत्व है। यह पवित्र पर्व मां दुर्गा के नौ स्वरूपों की आराधना और उनका आशीर्वाद पाने के लिए बेहद शुभ माना जाता है। नवरात्र व्रत (Shardiya Navratri 2026 Vrat Paran) का पारण...

काशी पंचांग के अनुसार आज है महा अष्टमी, जानिए तिथि और मुहूर्त        

By User 6 / October 18, 2026 / 0 Comments
रायपुर। इस नवरात्र में तिथियों के घटने और बढ़ने से कंफ्यूजन बना हुआ है। अगर आप भी सप्तमी व्रत, अष्टमी व्रत और अष्टमी कन्या पूजन को लेकर कंफ्यूज हो रहे हैं तो आपको बता दें कि काशी के पंचांग में...

कोंडागांव के बन्नूराम बैद को मिलेगा शिल्प गुरु अवार्ड 2025

By User 6 / October 15, 2026 / 0 Comments
रायपुर। छत्तीसगढ़ के बस्तर अंचल की पारंपरिक ढोकरा (बेलमेटल) शिल्पकला को राष्ट्रीय पहचान दिलाने वाले कोंडागांव जिले के शिल्पकार बन्नूराम बैद का चयन प्रतिष्ठित शिल्प गुरु अवार्ड 2025 के लिए किया गया है। भारत सरकार के वस्त्र मंत्रालय के विकास...

आज छठे स्वरूप मां कात्यायनी की पूजा-अर्चना, जानिए किस मंत्र का करें जाप 

By User 6 / October 16, 2026 / 0 Comments
शारदीय नवरात्र के छठे दिन शुक्रवार को मां दुर्गा के छठे स्वरूप मां कात्यायनी की पूजा-अर्चना की जाएगी। नवरात्र को लेकर श्रद्धालुओं में उत्साह का माहौल है। भक्त मां की आराधना कर सुख-समृद्धि और खुशहाली की कामना करेंगे। धार्मिक मान्यताओं...

भिलाई इस्पात संयंत्र को बेचने की खबरें फर्जी, मंत्रालय ने किया खंडन

By User 6 / October 19, 2026 / 0 Comments
रायपुर। भिलाई इस्पात संयंत्र (BSP) को बेचने की योजना से जुड़ी सोशल मीडिया और कुछ प्रिंट मीडिया में प्रसारित खबरों को असत्य एवं भ्रामक बताया गया है। इस्पात मंत्रालय ने अपने आधिकारिक सोशल मीडिया हैंडल के माध्यम से इन दावों...

लौह खदान की तीन गाड़ियों में आग लगाने और घटनास्थल पर ‘लाल सलाम’ लिखा पर्चा

By User 6 / October 16, 2026 / 0 Comments
कांकेर। जिले से दिल दहलाने वाली ख़बर सामने आई है, यहां लौह खदान की तीन गाड़ियों में आग लगाने और घटनास्थल पर ‘लाल सलाम’ लिखा पर्चा छोड़ने के मामले में पुलिस ने पांच आरोपियों को गिरफ्तार किया है। मामला लोहत्तर...

मुख्यमंत्री विष्णु देव साय ने सारसमाल में किया कर्मा नृत्य, शिक्षा पर दिया जोर

By User 6 / October 16, 2026 / 0 Comments
रायगढ़। मुख्यमंत्री विष्णु देव साय ने कहा कि आदिवासी समाज का इतिहास शौर्य, स्वाभिमान, संघर्ष और प्रकृति के प्रति अगाध श्रद्धा का प्रतीक है। जल, जंगल और जमीन के संरक्षण की परंपरा आदिवासी संस्कृति का अभिन्न हिस्सा रही है, जो...