Google Analytics Meta Pixel बाहरी एनजीओ का ग्रामों में हस्तक्षेप का ग्रामीणों ने किया विरोध, खदान के विरोध के लिए ग्रामीणों को बरगलाने की कर रहे थे कोशिश - Ekhabri.com

बाहरी एनजीओ का ग्रामों में हस्तक्षेप का ग्रामीणों ने किया विरोध, खदान के विरोध के लिए ग्रामीणों को बरगलाने की कर रहे थे कोशिश

  • कहा हमें अब सिर्फ सरकार और कंपनी का चाहिए हस्तक्षेप

साल्हि। उदयपुर तहसील में स्थित परसा ईस्ट और केते बासेन (पीईकेबी) कोयला खदान परियोजना के बंद होने की खबर से सरगुजा के जिला मुख्यालय सहित आस पास के ग्रामों के व्यापारियों को एक बार फिर चिंता होने लगी है। वहीं परियोजना में बाधा पहुंचाने के उद्देश्य से बाहरी एनजीओ द्वारा इन ग्रामों में हस्तक्षेप करने की कोशिश से भी स्थानीय ग्रामीणों में रोष व्याप्त है। पीईकेबी के आसपास के ग्राम परसा, साल्हि, फत्तेपुर, घाटबर्रा इत्यादि ग्रामों के ग्रामीण अब रोज रोज के आंदोलनों और खदानों में काम सुचारु रूप न चल पाने से परेशान होकर अब लामबंद हो गए हैं। वे अब अपनी इस समस्या के स्थायी समाधान के लिए कंपनी और खासकर प्रदेश सरकार के हस्तक्षेप की बात कह रहे हैं। और हो भी क्यों न ? पिछले एक दशक से जिस परियोजना से सभी लाभान्वित रहे हैं, जिसके कारण अंचल के व्यापार के दायरे बढ़ गए और जो गांव देश के मानचित्र में कोयला खदानों के लिए पहचाना जाने लगा है। उन क्षेत्रों के विकास में अब काले बादल मंडराने वाले हैं,वजह पीईकेबी के द्वितीय चरण के लिए अपेक्षित भूमि का उपलब्ध न हो पाना।

असल में परियोजना के विरोध में कुछ बाहरी तथाकथित एनजीओ द्वारा आंदोलन किया जा रहा है जिसमें कुछ मुट्ठी भर लोगों द्वारा स्थानीय ग्रामीणों को भड़काने का प्रयास अब ग्रामों में घूमकर – घूमकर कर किया जा रहा है। ऐसे ही तथाकथित एनजीओ के एक सदस्य सरदार साहेब सिंह को ग्राम फत्तेपुर और ग्राम साल्हि में ग्रामीणों ने पकड़ा जो कि यहां घूमकर अपने संस्था द्वारा चलाये जा रहे विकास विरोधी मनसूबे को ग्रामों में प्रचारित करने का प्रयास कर रहा था। ग्राम फत्तेपुर के युवा ग्रामीण मदन सिंह पोर्ते, केश्वर सिंह, जगपाल, शिवरतन इत्यादि तथा ग्राम साल्हि के सुमुन्द उइके, चंद्रकेश्वर सिंह पोर्ते, मनोज पोर्ते, मोहर पोर्ते इत्यादि द्वारा साहेब सिंह की इस कोशिश का जमकर विरोध किया और एनजीओ वापस जाओ के नारे लगाकर इस तरह के कृत्य के लिए अपना विरोध दर्ज कराया।

Read Also  नेशनल फिल्म अवॉर्ड्स में आलिया और कृति बनी बेस्ट एक्ट्रेस

इस दौरान ग्राम फत्तेपुर के युवा ग्रामीण मदन सिंह पोर्ते, जगपाल, तथा अन्य साथियों ने बताया कि, “हम सभी लोग पिछले दस सालों से इस परियोजना में नौकरी कर रहे हैं, कंपनी आने के पहले विकास क्या होता है, कैसे होता है,और इसे ग्रामों में कैसे कराया जा सकता है, इसके बारे में हम कभी सोच भी नहीं सकते थे। लेकिन आज हमें घर बैठे नौकरी के साथ-साथ हमारे बच्चों को उत्कृष्ठ शिक्षा उपलब्ध होने लगी तथा अन्य विकास के कार्य भी बड़ी ही रफ्तार से हुए हैं। लेकिन हमें डर है कि इन विरोधियों के कारण विकास की यह रफ्तार कहीं धीमी न हो जाए।”
“पिछले कई महीनों से इन बाहरी एनजीओ द्वारा पास के ग्राम में कुछ बाहरी लोगों को इकट्ठा कर हमारे ग्राम की इस महत्तवाकांछी परियोजना का विरोध कराया जा रहा है। जबकि यह परियोजना हमारे क्षेत्र के लिए एक वरदान की तरह है। लेकिन इसके समाधान के लिए हमें किसी बाहरी नहीं अपितु कंपनी प्रबंधन और खासकर के प्रदेश सरकार को हस्तक्षेप करने की मांग करते हैं।” ग्राम साल्हि के चंद्रकेश्वर सिंह और इनके साथियों ने कहा।

 

ग्राम फत्तेपुर के शिवरतन सिंह और इनके साथियों ने इस परियोजना को कभी बंद नहीं होने देने की बात कहते हुए बाहरी एनजीओ से पूछा कि दो वर्ष पहले कोरोना महामारी काल के दौरान आप लोग कहाँ थे जब हमें दवाइयों और डॉक्टरों की सबसे ज्यादा जरुरत थी। तब तो आप लोग में से कोई भी हमारी मदद के लिए नहीं आया। तब कंपनी ने ही हमें सहारा दिया और इस महामारी से हम सबको बचाने में मदद की थी। और आज आप लोग पर्यावरण हितैषी बनकर लोगों को भड़काते हैं। हम इसे सुरक्षित रखने में खुद ही सक्षम हैं। आप बाहरी लोगों को इसकी चिंता करने की कोई जरुरत नहीं है।

Read Also  नक्सलियों से मुठभेड़ में डीआरजी के दो जवान जख्मी

अब अगर कोयला खदानों की बात करें तो पुरे भारत में 530 कोल ब्लॉक है,जिनमें से 18 निजी कंपनियों को आवंटित हैं। सिर्फ छत्तीसगढ़ में ही 68 कोल ब्लॉक है। इनमें से आठ ब्लॉक ऐसे हैं जिनमें खनन का कार्य और उपयोग निजी कंपनियों द्वारा अपने संयत्रो के लिए किया जाता है। बचे हुए 60 कोल ब्लॉक में दक्षिण पूर्व कोलफील्ड लिमिटेड (SECL) खनन करता है। लेकिन कुछ तथाकथित पर्यावरण एक्टिविस्ट्स द्वारा आरआरवीयूएनएल की परसा स्थित कोल ब्लॉकों का ही लक्षित किया जाता रहा है। क्या इस विरोध का कारण अदाणी द्वारा इन खदानों का खनन और विकास करना है? या फिर विरोध के बहाने किसी और लक्ष्य की प्राप्ति करना है ?

दरअसल आरआरवीयूएनएल को सरगुजा जिले के उदयपुर विकासखंड में तीन कोल ब्लॉकों का आवंटन भारत सरकार द्वारा वर्ष 2008 में किया गया था। वर्ष 2013 में चालू हुए इस खुली कोयला खदान में लगभग पांच हजार से भी अधिक लोगों को प्रत्यक्ष रूप से रोजगार प्राप्त है। तो वहीं इससे 15 हजार लोग अप्रत्यक्ष रूप से विभिन्न स्वरोजगारों से जुड़े हुए हैं। जबकि अन्य दो ब्लॉकों के शुरू होने से यह संख्या तीन गुनी से भी ज्यादा हो सकती है। किन्तु विगत कई माह से सभी विधि सम्मत तथा जरुरी अनुमति मिलने के पश्चात भी यहां खनन के दूसरे चरण का कार्य पूरी तरह शुरू नहीं किया जा सका है। जिसकी वजह से आरआरवीयूएनएल की खनन और विकास प्रचालक (एमडीओ) कंपनी द्वारा कोयला लोडिंग के कुल करार को ठेका कंपनी के कार्य में कटौती करना शुरू कर दिया था। अब चूँकि ठेका कंपनियों में कर्मचारी स्थानीय ग्रामीण ही हैं, जिन्हें एक दशक से नौकरी मिली है। उनके आय अर्जन पर भी कटौती करनी पड़ रही थी। इसके बाद बड़े ही जतन से ग्रामीणों के द्वारा इसे शुरू कराने के करीब तीन माह के बाद पुरानी स्थिति अब पुनः खड़ी हो रही है।

Read Also  छत्तीसगढ़ी को आठवीं अनुसूची में शामिल कराने राज्यपाल ने शुरू की पहल

वहीं एनजीओ का ग्रामीणों को बरगलाने की यह मुहीम इस मुसीबत में आग में घी डालने के का काम कर रही है। अब देखना यह कि ग्रामीणों की इन परेशानियों का कंपनी प्रबंधन और खासकर प्रदेश सरकार क्या हल निकालती है। क्यूंकि यह सवाल अब सिर्फ सरगुजा ही नहीं बल्कि छत्तीसगढ़ के उन दूर-दराज में रहने वाले हरेक ग्रामीणों का भी है जो रोजगार, स्वरोजगार, आजीविका विकास तथा उत्कृष्ठ शिक्षा के लिए शहरों का रुख करने को मजबूर हो जाते हैं।

Share The News




CLICK BELOW to get latest news on Whatsapp or Telegram.

 


छत्तीसगढ़ BJP को मिला नया प्रभारी, स्मृति ईरानी संभालेंगी संगठन की कमान

By User 6 / September 23, 2026 / 0 Comments
रायपुर। भारतीय जनता पार्टी ने बुधवार को कई राज्यों और केंद्र शासित प्रदेशों के लिए नए प्रदेश प्रभारियों और सह-प्रभारियों की नियुक्ति की है। इसी क्रम में स्मृति ईरानी को छत्तीसगढ़ का प्रदेश प्रभारी बनाया गया है, जबकि सिद्धार्थ शंभू...

25 को अनंत चतुर्दशी, विधि के साथ करिए लम्बोदर महाराज की बिदाई

By User 6 / September 20, 2026 / 0 Comments
वैदिक पंचांग के अनुसार, भाद्रपद शुक्ल पक्ष की चतुर्दशी तिथि पर अनंत चतुर्दशी (Anant chaturdashi 2026) मनाई जाती है और इस दिन गणेश विसर्जन किया जाता है। इस अवसर पर भगवान गणेश की पूजा-अर्चना करने के बाद गणेश जी की...

कैंसर के खिलाफ छत्तीसगढ़ में बड़ा कदम, नवा रायपुर में बनेगी 5 हजार बेड मेडिसिटी

By User 6 / September 19, 2026 / 0 Comments
रायपुर, 19 सितंबर 2026। कैंसर के खिलाफ लड़ाई केवल उपचार तक सीमित नहीं है, बल्कि इसकी समय पर पहचान, प्रभावी स्क्रीनिंग, आधुनिक उपचार और मरीजों को मानसिक एवं भावनात्मक सहयोग देना भी उतना ही जरूरी है। मरीज को यह भरोसा...

गांव से शहर तक जले दीये, छत्तीसगढ़ में दिखी अभूतपूर्व जनभागीदारी

By User 6 / September 19, 2026 / 0 Comments
छत्तीसगढ़ में प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के 25 वर्ष के सार्वजनिक जीवन और सेवा के प्रति आभार व्यक्त करने के लिए गुरुवार को ‘सेवा संकल्प अभियान’ के तहत ‘आशीर्वाद के दीये’ कार्यक्रम का व्यापक आयोजन किया गया। प्रदेशभर में नागरिकों ने...

पंजाब के बाद आसाम में भी भूपेश बघेल का विरोध

By User 6 / September 22, 2026 / 0 Comments
समागुडी. असम के नगांव लोकसभा उपचुनाव के प्रचार के दौरान सोमवार को समागुड़ी के बरमा इलाके में कांग्रेस नेताओं के काफिले पर कथित तौर पर पथराव का मामला सामने आया। काफिले में असम कांग्रेस प्रभारी और छत्तीसगढ़ के पूर्व मुख्यमंत्री...

लिंगराज मंदिर पहुंचे CM साय, छत्तीसगढ़ की सुख-समृद्धि के लिए की पूजा

By User 6 / September 20, 2026 / 0 Comments
रायपुर। मुख्यमंत्री विष्णु देव साय ने रविवार को भुवनेश्वर प्रवास के दौरान प्रसिद्ध भगवान लिंगराज मंदिर पहुंचकर सपत्नीक दर्शन-पूजन किया। उन्होंने विधि-विधान से भगवान लिंगराज की पूजा-अर्चना कर छत्तीसगढ़ के नागरिकों की सुख-समृद्धि, खुशहाली और उत्तम स्वास्थ्य की कामना की।...

रायपुर में गणेश विसर्जन की तैयारी पूरी, महादेव घाट पर कंट्रोल रूम बनेगा

By User 6 / September 22, 2026 / 0 Comments
रायपुर। अनंत चतुर्दशी के अवसर पर रायपुर में गणेश प्रतिमाओं के विसर्जन को लेकर नगर पालिक निगम ने व्यापक तैयारियां शुरू कर दी हैं। नगर निगम आयुक्त संबित मिश्रा के निर्देश पर इस वर्ष भी खारून नदी के किनारे महादेव...

चिरायु योजना से भाव्यांश को मिला नया जीवन, सफल हुई हृदय सर्जरी

By User 6 / September 19, 2026 / 0 Comments
रायपुर। समय पर हुई स्वास्थ्य जांच किसी मासूम की जिंदगी की दिशा बदल सकती है। धमतरी के नन्हे भाव्यांश साहू की कहानी इसका उदाहरण है। राष्ट्रीय बाल स्वास्थ्य कार्यक्रम (आरबीएसके) के अंतर्गत संचालित चिरायु योजना के माध्यम से जन्मजात हृदयरोग...

नवा रायपुर में 22 सितंबर को सजेगी तीज मिलन उत्सव की भव्य रंगत

By User 6 / September 21, 2026 / 0 Comments
रायपुर। छत्तीसगढ़ की समृद्ध लोक-संस्कृति, पारंपरिक तिहार और सामाजिक समरसता को बढ़ावा देने के उद्देश्य से नवा रायपुर में भव्य तीज मिलन उत्सव का आयोजन किया जा रहा है। यह कार्यक्रम 22 सितंबर 2026, मंगलवार को दोपहर 12 बजे से...

छत्तीसगढ़ में डिजिटल क्रांति की दस्तक, वसुंधरा परियोजना बदलेगी राजस्व सेवाओं का स्वरूप

By User 6 / September 21, 2026 / 0 Comments
रायपुर। छत्तीसगढ़ सरकार नागरिकों को सुगम, त्वरित और पारदर्शी राजस्व सेवाएं उपलब्ध कराने की दिशा में डिजिटल बदलाव की बड़ी पहल कर रही है। राजस्व, आपदा प्रबंधन एवं पुनर्वास विभाग की ‘वसुंधरा’ परियोजना के माध्यम से प्रदेश के पुराने और...

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *