Google Analytics Meta Pixel सुप्रभात: सच्चा सुख संतोष में है - Ekhabri.com

सुप्रभात: सच्चा सुख संतोष में है

एक संत को अपना भव्य आश्रम बनाने के लिए धन की जरूरत पड़ी। वह अपने शिष्य को साथ लेकर धन जुटाने के लिए लोगों के पास गए। घूमते-घूमते वह एक गांव में अपनी शिष्या एक बुढ़िया की कुटिया में पहुंचे। कुटिया बहुत साधारण थी। वहां किसी तरह की सुविधा नहीं थी फिर भी रात हो गई तो संत वहीं ठहर गए। बूढ़ी मां ने उनके लिए खाना बनाया।

खाने के बाद संत के सोने के लिए मां ने एक तख्त पर दरी बिछा दी और तकिया दे दिया। खुद वह जमीन पर एक टाट बिछाकर सो गईं। थोड़ी ही देर में वह गहरी नींद सो गईं लेकिन संत को नींद नहीं आ रही थी। वह दरी पर सोने के आदी नहीं थे। अपने आश्रम में सदा मोटे गद्दे पर सोते थे। संत सोचने लगे कि जमीन पर टाट बिछा कर सोने के बावजूद इस को गहरी नींद आ गई और मुझे तख्त पर दरी के बिछोने पर भी नींद क्यों नहीं आई।

मैं तो संत हूँ, सैंकड़ों का मार्गदर्शन करता हूं और यह एक साधारण दरिद्र बुढ़िया। यह बात उन्हें देर तक मथती रही। सोचने लगे, एक दिन यहीं रुकता हूं, देखता हूं कि यह ऐसा कौनसा मंत्र जानती है कि ऐसी अवस्था में भी प्रसन्न है, चैन से सोती है।

सुबह जल्दी उठकर बूढ़ी मां ने अपने हाथ से कुटिया की सफाई की और चिडिय़ों को दाना खिलाया। गाय को चारा दिया। फिर सूर्य को जल अर्पण किया, पौधों को सींचा। गुरु को प्रणाम किया और कुछ देर बैठ कर भगवान नाम का स्मरण। आंगन से तरक़ारी तोड़ कर भोजन पकाया।

Read Also  काका हाथरसी : हास्य -व्यंग्य के बेताज बादशाह आज उनकी जयंती और पुण्यतिथि दोनों एक साथ

गुरु को प्रथम भोजन करवा कर आप ग्रहण किया। दिन में आस पड़ोस की बच्चियों को बुला कर उन्हें हरि कथा सुनाई, हरि भजन का ज्ञान दिया। फिर संध्या पूजन, रात को पुन: सादे भोजन का प्रबंध। सोने की तैयारी। गुरु सोचने लगे आज फिर नींद नहीं आयेगी। पूछ ही लूं कि क्या रहस्य है।

संत ने पूछा, ‘‘मां, तुमने मेरे लिए अच्छा बिछोना बिछाया। फिर भी मुझे नींद नहीं आई जबकि तुम्हें जमीन पर गहरी नींद आ गई। क्या तुम्हें धरती की कठोरता नहीं सताती? क्या यह चिंता नहीं होती कि कैसे अपने लिये अच्छे भोजन का, नरम बिछड़ने का प्रबंध करूं? इसका कारण क्या है?’’ वह बोलीं, ‘‘गुरुदेव जब मैं सोती हूं तो मुझे पता नहीं होता कि मेरी पीठ के नीचे गद्दा है या टाट।

उस समय मुझे आपके वचन अनुसार दिन भर किए गए सत्कर्मों का स्मरण करके ऐसा अद्भुत आनंद मिलता है कि मैं सुख-दुख सब भूल कर परम पिता की गोद में सो जाती हूं इसलिए मुझे गहरी नींद आती है।’’

संत ने कहा, ‘‘मैं अपने सुख के लिए धन एकत्रित करने निकला था। यहां आकर मुझे मालूम हुआ कि सच्चा सुख भव्य आश्रम में नहीं बल्कि संतोष में है, दरिद्र की इस कुटिया में है।’

Share The News




CLICK BELOW to get latest news on Whatsapp or Telegram.

 


श्रवण यंत्र मिलते ही लौटी प्रमिला की सुनने की क्षमता, सपनों को मिले पंख

By User 6 / September 16, 2026 / 0 Comments
रायपुर। आधुनिक तकनीक और समय पर मिली सरकारी मदद किसी व्यक्ति के जीवन में कितना बड़ा बदलाव ला सकती है, नारायणपुर जिले की कक्षा 8वीं की छात्रा प्रमिला इसकी मिसाल बन गई है। श्रवण बाधिता के कारण लंबे समय से...

नवा रायपुर में 32वें अखिल भारतीय राज्य निर्वाचन आयुक्त सम्मेलन का शुभारंभ

By User 6 / September 16, 2026 / 0 Comments
रायपुर। छत्तीसगढ़ की राजधानी नवा रायपुर अटल नगर में 32वें अखिल भारतीय राज्य निर्वाचन आयुक्त सम्मेलन का भव्य शुभारंभ हुआ। करीब 11 वर्षों के लंबे अंतराल के बाद छत्तीसगढ़ को इस महत्वपूर्ण राष्ट्रीय सम्मेलन की मेजबानी का अवसर मिला है।...

रायपुर में 25 लाख दीयों से जगमगाई राजधानी, ‘आशीर्वाद का दीया’ बना रिकॉर्ड

By User 6 / September 18, 2026 / 0 Comments
रायपुर में प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के जन्मदिवस के अवसर पर प्रदेशव्यापी ‘सेवा संकल्प अभियान’ का भव्य शुभारंभ हुआ। इस दौरान आयोजित ‘आशीर्वाद का दीया’ कार्यक्रम में रायपुरवासियों ने 25 लाख से अधिक दीये जलाकर प्रधानमंत्री मोदी के प्रति अपनी शुभकामनाएं...

भोरमदेव शक्कर कारखाने ने रचा इतिहास, लगातार दो साल देश में सबसे ज्यादा रिकवरी

By User 6 / September 14, 2026 / 0 Comments
रायपुर/कवर्धा । छत्तीसगढ़ के कवर्धा स्थित भोरमदेव सहकारी शक्कर कारखाना ने लगातार दो वर्षों तक देश में सर्वाधिक शुगर रिकवरी हासिल कर बड़ी उपलब्धि दर्ज की है। इस उपलब्धि के साथ कारखाने को वर्ष 2024-25 और 2025-26 के लिए राष्ट्रीय...

चक्रधर समारोह बना रायगढ़ की सांस्कृतिक पहचान, राज्यपाल ने किया शुभारंभ

By User 6 / September 15, 2026 / 0 Comments
रायपुर। संगीत, नृत्य और कला की समृद्ध परंपरा से जुड़ी रायगढ़ की धरती पर 41वें अंतर्राष्ट्रीय चक्रधर समारोह-2026 का सोमवार को भव्य शुभारंभ हुआ। राज्यपाल रमेन डेका ने महाराजा चक्रधर सिंह के तैलचित्र के समक्ष दीप प्रज्ज्वलित कर समारोह का...

झीरम घाटी हत्याकांड में 10 दोषियों को मृत्युदंड, सीएम साय ने बताया न्याय की जीत

By User 6 / September 17, 2026 / 0 Comments
रायपुर, 16 सितंबर 2026। छत्तीसगढ़ के बहुचर्चित झीरम घाटी हत्याकांड मामले में जगदलपुर की विशेष एनआईए अदालत ने 10 दोषियों को मृत्युदंड की सजा सुनाई है। 25 मई 2013 को हुए इस माओवादी हमले में कांग्रेस की परिवर्तन यात्रा के...

नुआखाई पर मुख्यमंत्री साय ने किसानों की सुख-समृद्धि की कामना की

By User 6 / September 15, 2026 / 0 Comments
रायपुर। मुख्यमंत्री विष्णु देव साय ने नई फसल के स्वागत और प्रकृति के प्रति कृतज्ञता व्यक्त करने वाले पावन पर्व नुआखाई के अवसर पर प्रदेशवासियों को हार्दिक बधाई एवं शुभकामनाएं दी हैं। उन्होंने इस अवसर पर अन्नदाता किसानों की सुख-समृद्धि,...

छत्तीसगढ़ बनेगा भविष्य के उद्योगों का नया केंद्र, साय ने बताया रोडमैप

By User 6 / September 18, 2026 / 0 Comments
रायपुर, 18 सितंबर 2026। मुख्यमंत्री विष्णु देव साय ने राजधानी रायपुर के साइंस कॉलेज मैदान में लघु उद्योग भारती द्वारा आयोजित तीन दिवसीय ‘इंडिया इंडस्ट्रियल फेयर-2026’ का शुभारंभ किया। इस दौरान उन्होंने देश के विभिन्न राज्यों से पहुंचे उद्यमियों, निवेशकों...

नशा तस्करी के पूरे नेटवर्क को तोड़ें, विजय शर्मा ने दिए सख्त निर्देश

By User 6 / September 14, 2026 / 0 Comments
रायपुर, 13 सितंबर 2026। छत्तीसगढ़ में नशीली दवाओं और मादक पदार्थों के अवैध कारोबार के खिलाफ पुलिस कार्रवाई को और प्रभावी बनाने पर जोर दिया जा रहा है। इसी कड़ी में कबीरधाम जिले के कवर्धा स्थित स्वामी आत्मानंद उत्कृष्ट विद्यालय...

रायपुर में अभियंता दिवस की तैयारी पूरी, विश्वेश्वरैया प्रतिमा पर होगा आयोजन

By User 6 / September 15, 2026 / 0 Comments
रायपुर। भारत रत्न महान अभियंता डॉ. मोक्षगुंडम विश्वेश्वरैया की जयंती के अवसर पर 15 सितंबर 2026, मंगलवार को अभियंता दिवस मनाया जाएगा। इस अवसर पर राजधानी रायपुर के सिविल लाइन स्थित पीडब्ल्यूडी चौक के समीप उनकी प्रतिमा स्थल पर सुबह...

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *