Google Analytics Meta Pixel "Ekhabri विशेष- बस्तर दशहरा व लोक रस्मों की कड़ी" (सीरीज 8), रैला पूजा और जोगी बिठाई की प्रथा - Ekhabri.com

“Ekhabri विशेष- बस्तर दशहरा व लोक रस्मों की कड़ी” (सीरीज 8), रैला पूजा और जोगी बिठाई की प्रथा




Ekhabri धर्मदर्शन,पूनम ऋतु सेन। बस्तर के आदिवासियों की अभूतपूर्व भागीदारी का प्रतिफल है कि बस्तर दशहरा अब अपनी अंतरराष्ट्रीय पहचान स्थापित कर चुका है। मैसूर के दशहरे के जैसा ही प्रसिद्ध बस्तर का दशहरा बस्तर अंचल में मनाए जाने वाले पारंपरिक त्योहारों में सबसे बड़ा त्यौहार है। इस दशहरे को और भी आकर्षक बनाते हैं यहाँ के लोगों के द्वारा मनाये जाने वाले लोक रस्मों का क्रमवार घटनाक्रम।

पिछले पोस्ट में हमने काछिनगादी जैसे ह्रदय स्पर्शी प्रथा के बारे में जाना था। इसी कड़ी में हम आज रैला पूजा और जोगी बिठाई के रस्म के बारे में चर्चा करेंगे।

रैला पूजा

बस्तर दशहरे में अनेक परंपरागत रस्में निभाई जाती हैं इन्हीं परंपरागत रस्मों में काछीन गादी की प्रथा के पश्चात रैला पूजा की रस्म निभाई जाती है। यह आंचलिक नवरात्र का प्रथम रस्म है। इस दिन मिरगान जाति की महिलाएं रैला पूजा करती हैं। इसके अंतर्गत आश्विन शुक्ल पक्ष प्रथमा से प्रारंभ कर नवमी तक आंचलिक मंदिरों में कलश की स्थापना की जाती है ये मंदिर है-  दंतेश्वरी माई, मावली माता व कंकालिन देवी का मंदिर। कलश स्थापना के साथ-साथ ब्राह्मणों के द्वारा यहां पूर्ण विधि-विधान से पूजा संपन्न कराई जाती है।



क्या है जोगी बिठाई रस्म की मान्यता

बस्तर दशहरा के परंपरागत रस्मों में अगला चरण जोगी बिठाई का होता है। शारदीय नवरात्र प्रारंभ होने वाले दिन सिरासार भवन में जोगी बिठाई की प्रथा पूरी की जाती है। कहा जाता है कि एक बार कोई आदिवासी दशहरा निर्विघ्न संपन्न होने की कामना लेकर अपने ढंग से योग साधना में बैठ गया था तभी से दशहरे के अवसर पर जोगी बिठाने की प्रथा चल पड़ी है।

जोगी बिठाने के लिए सिरासार भवन के मध्य भाग में एक आदमी के समा जाने लायक एक कुंड जैसा बना हुआ है। इसके अंदर आमाबाल एवं पराली गांव के निश्चित घरों के वंशानुगत हलवा समुदाय के व्यक्ति लगातार 9 दिन योगासन में बैठा करते हैं। इस गड्ढे के अंदर बैठकर लगातार 9 दिनों तक तप या योग साधना में बैठा रहना भी किसी चुनौती से कम नहीं है। हल्बा समुदाय के लोग यह कार्य बड़े ही आस्था और श्रद्धा के साथ पूर्ण करते हैं और बस्तर दशहरे के ठीक तरह से सम्पन्न होने की कामना करते हैं।

Read Also  Ekhabri हनुमान जयंती विशेष: भगवान हनुमान जी को करें ऐसे प्रसन्न



जोगी बिठाई के समय पहले एक बकरा और 7 मांगुर मछली काटने का रिवाज था, परन्तु अब बकरा नहीं काटा जाता, केवल मांगुर मछली ही काटे जातें हैं।


इस रस्म के बाद से बस्तर दशहरा अपने पूर्ण रंग के साथ शुरू हो जाता है। हमारी टीम की कोशिश रहेगी कि अपने पाठकों के लिए ऐसे ही रोचक किस्से लेकर आते रहें और रोज नयी जानकारी से उन्हें अवगत कराएं। आगामी रस्मों को विस्तार से जानने के लिए Ekhabri.com से जुड़े रहें।

Share The News




CLICK BELOW to get latest news on Whatsapp or Telegram.

 


श्रवण यंत्र मिलते ही लौटी प्रमिला की सुनने की क्षमता, सपनों को मिले पंख

By User 6 / September 16, 2026 / 0 Comments
रायपुर। आधुनिक तकनीक और समय पर मिली सरकारी मदद किसी व्यक्ति के जीवन में कितना बड़ा बदलाव ला सकती है, नारायणपुर जिले की कक्षा 8वीं की छात्रा प्रमिला इसकी मिसाल बन गई है। श्रवण बाधिता के कारण लंबे समय से...

नवा रायपुर में 32वें अखिल भारतीय राज्य निर्वाचन आयुक्त सम्मेलन का शुभारंभ

By User 6 / September 16, 2026 / 0 Comments
रायपुर। छत्तीसगढ़ की राजधानी नवा रायपुर अटल नगर में 32वें अखिल भारतीय राज्य निर्वाचन आयुक्त सम्मेलन का भव्य शुभारंभ हुआ। करीब 11 वर्षों के लंबे अंतराल के बाद छत्तीसगढ़ को इस महत्वपूर्ण राष्ट्रीय सम्मेलन की मेजबानी का अवसर मिला है।...

रायपुर में 25 लाख दीयों से जगमगाई राजधानी, ‘आशीर्वाद का दीया’ बना रिकॉर्ड

By User 6 / September 18, 2026 / 0 Comments
रायपुर में प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के जन्मदिवस के अवसर पर प्रदेशव्यापी ‘सेवा संकल्प अभियान’ का भव्य शुभारंभ हुआ। इस दौरान आयोजित ‘आशीर्वाद का दीया’ कार्यक्रम में रायपुरवासियों ने 25 लाख से अधिक दीये जलाकर प्रधानमंत्री मोदी के प्रति अपनी शुभकामनाएं...

भोरमदेव शक्कर कारखाने ने रचा इतिहास, लगातार दो साल देश में सबसे ज्यादा रिकवरी

By User 6 / September 14, 2026 / 0 Comments
रायपुर/कवर्धा । छत्तीसगढ़ के कवर्धा स्थित भोरमदेव सहकारी शक्कर कारखाना ने लगातार दो वर्षों तक देश में सर्वाधिक शुगर रिकवरी हासिल कर बड़ी उपलब्धि दर्ज की है। इस उपलब्धि के साथ कारखाने को वर्ष 2024-25 और 2025-26 के लिए राष्ट्रीय...

छत्तीसगढ़ बनेगा भविष्य के उद्योगों का नया केंद्र, साय ने बताया रोडमैप

By User 6 / September 18, 2026 / 0 Comments
रायपुर, 18 सितंबर 2026। मुख्यमंत्री विष्णु देव साय ने राजधानी रायपुर के साइंस कॉलेज मैदान में लघु उद्योग भारती द्वारा आयोजित तीन दिवसीय ‘इंडिया इंडस्ट्रियल फेयर-2026’ का शुभारंभ किया। इस दौरान उन्होंने देश के विभिन्न राज्यों से पहुंचे उद्यमियों, निवेशकों...

चक्रधर समारोह बना रायगढ़ की सांस्कृतिक पहचान, राज्यपाल ने किया शुभारंभ

By User 6 / September 15, 2026 / 0 Comments
रायपुर। संगीत, नृत्य और कला की समृद्ध परंपरा से जुड़ी रायगढ़ की धरती पर 41वें अंतर्राष्ट्रीय चक्रधर समारोह-2026 का सोमवार को भव्य शुभारंभ हुआ। राज्यपाल रमेन डेका ने महाराजा चक्रधर सिंह के तैलचित्र के समक्ष दीप प्रज्ज्वलित कर समारोह का...

झीरम घाटी हत्याकांड में 10 दोषियों को मृत्युदंड, सीएम साय ने बताया न्याय की जीत

By User 6 / September 17, 2026 / 0 Comments
रायपुर, 16 सितंबर 2026। छत्तीसगढ़ के बहुचर्चित झीरम घाटी हत्याकांड मामले में जगदलपुर की विशेष एनआईए अदालत ने 10 दोषियों को मृत्युदंड की सजा सुनाई है। 25 मई 2013 को हुए इस माओवादी हमले में कांग्रेस की परिवर्तन यात्रा के...

नुआखाई पर मुख्यमंत्री साय ने किसानों की सुख-समृद्धि की कामना की

By User 6 / September 15, 2026 / 0 Comments
रायपुर। मुख्यमंत्री विष्णु देव साय ने नई फसल के स्वागत और प्रकृति के प्रति कृतज्ञता व्यक्त करने वाले पावन पर्व नुआखाई के अवसर पर प्रदेशवासियों को हार्दिक बधाई एवं शुभकामनाएं दी हैं। उन्होंने इस अवसर पर अन्नदाता किसानों की सुख-समृद्धि,...

नशा तस्करी के पूरे नेटवर्क को तोड़ें, विजय शर्मा ने दिए सख्त निर्देश

By User 6 / September 14, 2026 / 0 Comments
रायपुर, 13 सितंबर 2026। छत्तीसगढ़ में नशीली दवाओं और मादक पदार्थों के अवैध कारोबार के खिलाफ पुलिस कार्रवाई को और प्रभावी बनाने पर जोर दिया जा रहा है। इसी कड़ी में कबीरधाम जिले के कवर्धा स्थित स्वामी आत्मानंद उत्कृष्ट विद्यालय...

रायपुर में अभियंता दिवस की तैयारी पूरी, विश्वेश्वरैया प्रतिमा पर होगा आयोजन

By User 6 / September 15, 2026 / 0 Comments
रायपुर। भारत रत्न महान अभियंता डॉ. मोक्षगुंडम विश्वेश्वरैया की जयंती के अवसर पर 15 सितंबर 2026, मंगलवार को अभियंता दिवस मनाया जाएगा। इस अवसर पर राजधानी रायपुर के सिविल लाइन स्थित पीडब्ल्यूडी चौक के समीप उनकी प्रतिमा स्थल पर सुबह...

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *