अंबिकापुर। मुख्यमंत्री विष्णु देव साय ने शनिवार को अंबिकापुर में आयोजित दो दिवसीय ‘अग्र महाकुंभ-2026’ का शुभारंभ किया। इस अवसर पर उन्होंने अग्रवाल समाज की उद्यमिता, दानशीलता, परोपकार और समाजसेवा की परंपरा की सराहना करते हुए कहा कि छत्तीसगढ़ की आर्थिक और सामाजिक प्रगति में समाज की महत्वपूर्ण भूमिका रही है। व्यापार और व्यवसाय के साथ उद्योगों की स्थापना, रोजगार सृजन और जनसेवा के क्षेत्र में भी अग्रवाल समाज का योगदान उल्लेखनीय रहा है।
मुख्यमंत्री ने महाराजा अग्रसेन के आदर्शों का उल्लेख करते हुए कहा कि उन्होंने सामाजिक समानता, करुणा, सहयोग और सहभागिता पर आधारित समाज की कल्पना की थी। उनका संदेश था कि समाज की वास्तविक उन्नति तभी संभव है, जब प्रत्येक व्यक्ति को आगे बढ़ने का अवसर मिले और सक्षम लोग जरूरतमंदों का हाथ थामकर उन्हें भी प्रगति की राह पर आगे बढ़ाएं। अग्रवाल समाज ने इन आदर्शों को पीढ़ी-दर-पीढ़ी अपने आचरण में अपनाया है।
उन्होंने कहा कि अग्रवाल समाज की पहचान केवल व्यापार और उद्यमिता तक सीमित नहीं है। अर्थोपार्जन के साथ परमार्थ की भावना भी समाज की प्रमुख विशेषता रही है। प्रदेश के अलग-अलग क्षेत्रों में स्वास्थ्य शिविर, धर्मशालाएं, शिक्षा और स्वास्थ्य संस्थाएं तथा विभिन्न जनसेवा गतिविधियां इसके उदाहरण हैं।
मुख्यमंत्री ने कोरोना महामारी के कठिन दौर को याद करते हुए कहा कि जब पूरा देश अभूतपूर्व संकट से गुजर रहा था, तब अग्रवाल समाज ने जरूरतमंदों की मदद के लिए आगे बढ़कर काम किया। मरीजों के लिए ऑक्सीजन की व्यवस्था, जरूरतमंद परिवारों तक राशन पहुंचाने और स्वास्थ्य शिविरों के माध्यम से सहायता देने जैसे कार्यों में समाज ने अपनी सामाजिक जिम्मेदारी निभाई।
मुख्यमंत्री ने कहा कि छत्तीसगढ़ सरकार प्रदेश में सुरक्षित, पारदर्शी और उद्योग-अनुकूल वातावरण तैयार करने के लिए लगातार काम कर रही है। सरकार का उद्देश्य व्यापार और उद्योगों का विस्तार, निवेश में वृद्धि और युवाओं के लिए अधिक से अधिक रोजगार के अवसर तैयार करना है। उन्होंने कहा कि व्यापार एवं उद्योग जगत से जुड़े अग्रवाल समाज के अनुभवी लोगों के सुझाव शासन की नीतियों को अधिक व्यावहारिक और जनोपयोगी बनाने में मददगार रहे हैं।
महिला शक्ति और युवाओं की भागीदारी पर जोर
मुख्यमंत्री ने अग्र महाकुंभ में महिला शक्ति को विशेष स्थान दिए जाने की सराहना की। उन्होंने कहा कि बेटियां और महिलाएं परिवार की जिम्मेदारियां संभालने के साथ व्यापार, शिक्षा, चिकित्सा, उद्योग, स्टार्टअप और समाजसेवा सहित विभिन्न क्षेत्रों में अपनी प्रतिभा और नेतृत्व क्षमता साबित कर रही हैं। महिलाओं की बढ़ती भागीदारी परिवार, समाज और प्रदेश की आर्थिक प्रगति को नई ऊर्जा दे रही है।
उन्होंने युवाओं के लिए आयोजित विशेष सत्र को भी महत्वपूर्ण बताया। मुख्यमंत्री ने कहा कि बदलते समय में नई पीढ़ी के सामने अवसरों का बड़ा संसार है। युवाओं को अपने संस्कार और सामाजिक मूल्यों से जुड़े रहते हुए आधुनिक तकनीक, नवाचार और उद्यमिता को अपनाना होगा। उन्होंने युवाओं से केवल नौकरी तलाशने तक सीमित न रहने और नए विचारों तथा उद्यमों के माध्यम से स्वयं आगे बढ़ने के साथ दूसरों के लिए भी रोजगार के अवसर तैयार करने का आह्वान किया।
औद्योगिक नीति से निवेश और रोजगार को नई गति
मुख्यमंत्री ने कहा कि राज्य की औद्योगिक नीति 2024-30 को रोजगार केंद्रित बनाया गया है। इसमें सूक्ष्म, लघु एवं मध्यम उद्योगों को बढ़ावा देने के साथ महिलाओं सहित विभिन्न वर्गों के लिए विशेष प्रावधान किए गए हैं। प्रदेश में पर्यटन की संभावनाओं को देखते हुए पर्यटन को उद्योग का दर्जा भी दिया गया है।
उन्होंने बताया कि छत्तीसगढ़ को अब तक 8 लाख 23 हजार करोड़ रुपए से अधिक के निवेश प्रस्ताव प्राप्त हो चुके हैं। इन प्रस्तावों के धरातल पर उतरने से प्रदेश में औद्योगिक गतिविधियों का विस्तार होगा और बड़े पैमाने पर रोजगार के नए अवसर तैयार होने की उम्मीद है।
500 करोड़ के मुख्यमंत्री स्टार्टअप एवं निपुण मिशन को मंजूरी
मुख्यमंत्री ने कहा कि युवाओं की उद्यमशीलता को नई दिशा देने के लिए राज्य सरकार ने ‘मुख्यमंत्री स्टार्टअप एवं निपुण मिशन’ को मंजूरी दी है। मिशन के लिए आगामी पांच वर्षों में 500 करोड़ रुपए का प्रावधान किया गया है। इसके तहत प्रदेश के सभी 33 जिलों में उद्यमिता विकास केंद्र स्थापित किए जाएंगे।
मिशन के अंतर्गत 100 इमर्जिंग टेक्नोलॉजी लैब और 5 इंडस्ट्री सेंटर ऑफ एक्सीलेंस स्थापित किए जाने की योजना है। इससे युवाओं को नई तकनीक, कौशल, नवाचार और स्टार्टअप के क्षेत्र में आगे बढ़ने के अवसर मिलेंगे।
निर्यात प्रोत्साहन नीति से स्थानीय उत्पादों को मिलेगा बाजार
मुख्यमंत्री ने बताया कि राज्य सरकार ने छत्तीसगढ़ निर्यात प्रोत्साहन नीति 2026-30 को भी मंजूरी दी है। इसका उद्देश्य छोटे उद्योगों, स्थानीय उत्पादों तथा मूल्य संवर्धित कृषि एवं औद्योगिक उत्पादों को देश और विदेश के बड़े बाजारों से जोड़ना है। इससे स्थानीय उद्यमियों के लिए नए बाजारों के अवसर तैयार होंगे और छत्तीसगढ़ के उत्पादों को व्यापक पहचान मिल सकेगी।
सरगुजा में पर्यटन और स्थानीय उद्योगों की संभावनाएं
मुख्यमंत्री ने सरगुजा अंचल की आर्थिक संभावनाओं का उल्लेख करते हुए कहा कि यहां पर्यटन, कृषि आधारित उद्योग, खाद्य प्रसंस्करण और स्थानीय उत्पादों के क्षेत्र में व्यापक संभावनाएं हैं। पर्यटन को उद्योग का दर्जा मिलने के बाद होटल, होम-स्टे और पर्यटन सेवाओं से जुड़े क्षेत्रों में निवेश एवं रोजगार के नए अवसर विकसित हो रहे हैं।
उन्होंने अग्रवाल समाज के अनुभवी उद्यमियों से इन संभावनाओं से जुड़ने का आह्वान किया। मुख्यमंत्री ने कहा कि अनुभवी उद्यमियों का मार्गदर्शन नई पीढ़ी को आत्मनिर्भर बनाने और स्थानीय स्तर पर रोजगार सृजन की दिशा में महत्वपूर्ण भूमिका निभा सकता है।
स्वास्थ्य और योग को भी दिया गया स्थान
मुख्यमंत्री ने अग्र महाकुंभ में स्वास्थ्य और योग जैसे विषयों को शामिल किए जाने की सराहना की। उन्होंने कहा कि व्यापार और कार्य की व्यस्तता के बीच स्वास्थ्य की अनदेखी नहीं की जानी चाहिए। स्वस्थ व्यक्ति से स्वस्थ परिवार और स्वस्थ समाज का निर्माण होता है।
दशम अग्र अलंकरण से प्रतिभाओं का सम्मान
मुख्यमंत्री ने ‘दशम अग्र अलंकरण’ के माध्यम से विभिन्न क्षेत्रों में उत्कृष्ट कार्य करने वाली प्रतिभाओं को सम्मानित किए जाने पर प्रसन्नता व्यक्त की। उन्होंने सम्मानित प्रतिभाओं को बधाई देते हुए कहा कि समाज की प्रतिभाओं का सम्मान नई पीढ़ी को भी अपने क्षेत्र में बेहतर कार्य करने के लिए प्रेरित करता है।
पर्यटन मंत्री राजेश अग्रवाल ने कहा कि अग्र महाकुंभ सामूहिक चेतना, संगठन शक्ति, सामाजिक उत्तरदायित्व और भविष्य की दिशा पर विचार करने का महत्वपूर्ण अवसर है। उन्होंने कहा कि महाराजा अग्रसेन की सामाजिक व्यवस्था की कल्पना के मूल में समानता, सहयोग, संवेदनशीलता और सहभागिता की भावना थी।
मुख्यमंत्री ने ट्रेड फेयर का किया शुभारंभ
अग्र महाकुंभ के दौरान मुख्यमंत्री ने कार्यक्रम स्थल पर लगाए गए ट्रेड फेयर का फीता काटकर शुभारंभ किया। उन्होंने विभिन्न स्टॉलों का अवलोकन किया और उद्यमियों से उनके उत्पादों एवं गतिविधियों की जानकारी ली। इस अवसर पर उन्होंने ‘अग्रकुल दर्शन’ पत्रिका का विमोचन भी किया।
कार्यक्रम में सरगुजा सांसद चिंतामणी महाराज, बसना विधायक संपत अग्रवाल, छत्तीसगढ़ योग आयोग के अध्यक्ष संजय अग्रवाल, पूर्व विधानसभा अध्यक्ष गौरीशंकर अग्रवाल, पूर्व कैबिनेट मंत्री अमर अग्रवाल, कलेक्टर अजीत वसंत, वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक राजेश अग्रवाल सहित देशभर से अग्रवाल समाज के राष्ट्रीय और प्रांतीय स्तर के पदाधिकारी, समाजसेवी तथा जनप्रतिनिधि मौजूद रहे।









