झारखंड, मध्यप्रदेश व अन्य राज्यों में आदिवासी इलाकों से युवतियों की तस्करी करने वाला संगठित गैंग सक्रिय है। यह गैंग आनडिमांड युवती को लाकर दुल्हन बनाकर बेचने का काम करता है। गैंग के हर सदस्यों के काम बंटे हैं। इनमें से किसी का काम युवतियों को सहमत करना है तो किसी का काम इन राज्यों में ले जाने और किसी का काम ग्राहक तलाशने का है। गैंग की शिकार युवतियों के उम्र, शक्ल और हुलिया के आधार पर दुल्हन बनाने का रेट तय किया जाता है। ऐसी ही तीन युवतियों का पुलिस को पता लगा तो गैंग के खिलाफ कार्रवाई शुरू हुई। पुलिस यह जानकारी जुटा रही है कि गैंग अब तक कितनी युवतियों को बेच चुका है। इसके लिए मुख्य आरोपी को रिमांड पर लिया जाएगा।
सोनभद्र से आर्केस्ट्रा पार्टी में नौकरी दिलाने के नाम पर यह गैंग पांच फरवरी को तीन युवतियों को लेकर आगरा आया था। यहां नौकरी दिलाने के बजाय शादी की बात करने पर युवतियों ने विरोध शुरू कर दिया। यह बात एनजीओ के माध्यम से पुलिस तक पहुंच गई। इसके बाद पुलिस ने दो बोलेरो में सवार 11 लोगों को दबोचा और तीनों युवतियों को मुक्त करा लिया। इनमें से एक युवती मध्य प्रदेश, दूसरी सोनभद्र के माची और तीसरी झारखंड के गढ़वा के उटारी की रहने वाली है।
एसपी पूर्वी बैंकट अशोक ने बताया कि गैंग तीन चरण में काम करता है। सोनभद्र निवासी आर्केस्ट्रा पार्टी संचालक अमित और उसकी रिश्तेदार महिलाएं आदिवासी युवतियों को दूसरे राज्यों में जाने को तैयार करते थे। उनका नेटवर्क झारखंड, मध्य प्रदेश व अन्य राज्यों में भी है। आदिवासी इलाकों में उन्होंने एजेंट बना रखे हैं। सोनभद्र का ही रमेश युवतियों को ठिकानों पर पहुंचाने का काम करता था। आगरा में बासौनी निवासी मुन्नालाल यहां लड़के तलाशता था। एसपी पूर्वी ने बताया कि अमित और रमेश रिमांड पर लेकर पूछताछ की जाएगी। गैंग से बरामद तीनों युवतियां विवाहित हैं और उनके बच्चे भी हैं। उन्हें काम के बहाने लाकर शादी की बात होने पर वे तैयार नहीं हुईं। इससे मानव तस्करी का यह खेल खुल गया।










