नवरात्रि विशेष: शक्ति स्वरूपा शख्सियत – हर्षा साहू

सेल्फडिफेंस की सीख है जरूरी, अपनी रक्षा करना है जरूरी

रायपुर। हम नौ दिन नौ देवियों के रूपों की पूजा करते हैं। आज के समय में अपने आप को स्थापित करने के लिए हमारे आस-पास भी देवी के ये नौ रूप देखने को मिलते हैं। बस जरूरत है तो अपने सोच में और देखने के नजरिए में बदवाल की। हमारे आस पास ऐसी कितनी ही शक्तियां हैं जिन्हें हम पहचान नहीं पाते या यूं कहें पहचानने की कोशिश नहीं करते। नरी एक ही है लेकिन अगल अगल रूपों में वह काम कर संसार को बदलने की कोशिश कर रही हैं। नवरात्री में शक्ति के अलग-अलग रूपों को बयां करती ऐसी शख्सियत से मिलाएंगे जो खुद आत्मनिर्भर निडर और निर्भीक होने के साथ-साथ दो लाख से भी ज्यादा महिलाओं-युवतियों और बच्चियों को सेल्फडिफेंस के गुर सिखा कर आत्मरक्षा के लिए तैयार कर रही हैं- महिलाओं के साथ हैवानियत भरा व्यवहार करने वालों पर वार करना सिखा रही हैं। वह कोई और नहीं बल्कि कराटे चैंपियन हर्षा साहू हैं, जिन्होंने पूरी दुनियां में अपने प्रतिभा का लोहा मनवा चुकी हैं।


हर्षा अपने कराटे के बल पर 10 नेशनल और 1 इंटरनेशनल मैच खेल चुकी हैं। महिलाओं और बच्चियों के साथ हो रहे अनाचार को रोकने के लिए काम कर रही हैं। वह सेल्फडिफेंस के गुर सिखा कर लोगों को अपनी सुरक्षा करने की सीख दे रहीं है। हर्षा की माने तो आए दिन बलात्कार की खबरों को देख लगता है कि हर महिला, युवति और सबसे ज्यादा अधिक छोटी बच्चियों को भी खुद के बचाव के तरीका का पता होना चाहिए। अधिकांश बलात्कार की घटना नाबालिक लड़कियों और बच्चियों के साथ देखने को मिलती हैं क्योंकि वह अपनी रक्षा नहीं कर पाती हैं। उनमें इनती न तो समझ होती है और न ही बचने के लिए ताकत होती है। इस लिए बचपन से ही इन्हें ताकवार बनाना जरूरी है।

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70 वार्ड की हर मितानिन को करना है ट्रेंड

अब के समय में किसी भी समय महिलाएं सुरक्षित नहीं है। ऐसे में अगर देर रात आपको कहीं अकेले जाने की नौबत आए तो आप सक्षम रहें ये कोशिश करनी चाहिए। इसे पूरा करने के लिए हर्षा राजधानी के 70 वार्ड में कार्य करने वाली मितानिनों को भी सेल्फडिफेंस की ट्रेनिंग देना शुरु की हैं। अब तक 25 से अधिक मितानिन ट्रेंड हो चुकी हैं। कई बार ऐसा होता है कि आधी रात को भी उन्हें लोगों की मदद के लिए आगे बढ़ना पड़ता है ऐसे में सेल्फडिफेंस जरूरी हो जाता है। वह अपनी क्लास में अपहरण के दौरान बचाव के तरीके भी लोगों को सिखती हैं।

पछाड़ सकती हैं 5 लड़कों को एक साथ

हर्षा की मानें तो अगर अटैक की पोजिशन में पांच लड़के भी अपको पकड़े हैं तो आप बच सकती है। कुछ ऐसे ही ट्रेनिंग अभी वह दे रही हैं। अगर अपको कोई जबदस्ती पकड़े तो अपना बचाव के लिए बालों और कपड़ों में लगी पिन, दुपट्टा, कीरिंग जैसी चीजों का भी उपयोग कर सकती हैं। हर्षा ट्रेनिंग में ऐसे ही ट्रिक्स बताती हैं, जिससे आसानी से बचाव किया जा सकता है।

असली शिक्षा यही है

एजुकेशन में आगे बढ़ने के साथ-साथ एक विषय कराटे का भी होना चाहिए। अब के गंदे महौल में लड़के और लड़कियां कोई भी सुरक्षित नहीं हैं। उन्हें खुद ही अपनी सुरक्षा करनी आए इसके लिए स्कूलों में एक विषय के रूप में कराटे को अनिवार्य रूप से पढ़ाई में शामिल करना चाहिए। इससे बहुत बदवाल आएगा।साथ ही बच्चियों में बचपन से ही अपनी रक्षा के लिए आत्मविश्वास भी बढ़ेगा।

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सेल्फ डिफेंस वीडियो:

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